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कोरोना वायरस का असर- सिर्फ 9 दिन में म्यूचुअल फंड की इन स्कीम में पैसा लगाने वालों के डूबे 27 हजार करोड़ रुपये

News18Hindi
Updated: March 3, 2020, 12:48 PM IST
कोरोना वायरस का असर- सिर्फ 9 दिन में म्यूचुअल फंड की इन स्कीम में पैसा लगाने वालों के डूबे 27 हजार करोड़ रुपये
9 दिन में डूब गए 27 हजार करोड़ रुपये

चीन के कोरोना वायरस की वजह से आई शेयर बाजार की गिरावट में म्यूचुअल फंड्स निवेशकों के 27 हजार करोड़ रुपये डूब गए हैं. इस पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे समय में निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए. बल्कि, गिरावट आने पर निवेश और बढ़ा देना चाहिए. क्योंकि ये गिरावट ज्यादा लंबी नहीं चलेगी. ऐसे में रिकवरी आने पर लार्ज कैप फंड्स में ही तेजी से पैसा बनेगा.

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  • Last Updated: March 3, 2020, 12:48 PM IST
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नई दिल्ली. चीन के कोरोना वायरस की वजह से भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों (Stock Market Crash) में गिरावट का दौर जारी है. इस गिरावट में म्यूचुअल फंड्स निवेशकों (Mutual Funds Scheme) के 27 हजार करोड़ रुपये डूब गए हैं. इसमें सबसे ज्यादा गिरावट लार्ज कैप फंड्स की स्कीम में आई है. 19 से लेकर 28 फरवरी के बीच लार्जकैप फंड्स (Top Mutual Funds Scheme Returns) में 6,685 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हालांकि, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे समय में निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए. बल्कि, गिरावट आने पर निवेश और बढ़ा देना चाहिए. क्योंकि ये गिरावट ज्यादा लंबी नहीं चलेगी. ऐसे में रिकवरी आने पर लार्ज कैप फंड्स में ही तेजी से पैसा बनेगा.

9 दिन में डूब गए 27 हजार करोड़ रुपये
एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में आई गिरावट के चलते म्यूचुअल फंड्स की लार्जकैप, मल्टीकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप, लार्ज-मिडकैप, वैल्यू फंड्स स्कीम, फोक्सड स्कीम, कोंटरा फंड्स और सेक्टोरियल फंड्स स्कीम में निवेशकों के कुल 27 हजार करोड़ रुपये डूब चुके है.

19 फरवरी 2020 को इन स्कीम के फंड्स का कुल एयूएम (ऐसट अंडर मैनेजमेंट) 6,81,312 करोड़ रुपये था. जो कि 28 फरवरी 2020 को एयूएम गिरकर 6,54,358 करोड़ रुपये पर आ गया. इस लिहाज ये 4 फीसदी यानी 26,954 करोड़ रुपये गिर गया.



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(1) लार्जकैप फंड्स का कुल एयूएम 1,56,494 करोड़ रुपये से गिरकर 1,49,809 करोड़ रुपये पर आ गया. इसमें 6,685 करोड़ (4.27 फीसदी) की गिरावट आई है. ये आंकड़े 19 से 28 फरवरी के हैं.

(2) मल्टीकैप फंड्स का कुल एयूएम 1,58,182 करोड़ रुपये से गिरकर 1,51,945करोड़ रुपये पर आ गया. इसमें 6,237 करोड़ (3.94 फीसदी) की गिरावट आई है. ये आंकड़े 19 से 28 फरवरी के हैं.

(3) मिडकैप  फंड्स का कुल एयूएम 90,859 करोड़ रुपये से गिरकर 88,317 रुपये पर आ गया. इसमें 2,542 करोड़ (2.80 फीसदी) की गिरावट आई है. ये आंकड़े 19 से 28 फरवरी के हैं.

(4) स्मॉलैकप फंड्स का कुल एयूएम 52,575 करोड़ रुपये से गिरकर 51,044 रुपये पर आ गया. इसमें 1,531 करोड़ रुपये (2.91 फीसदी) की गिरावट आई है. ये आंकड़े 19 से 28 फरवरी के हैं.

(5) लार्ज मिडकैप फंड्स का कुल एयूएम 58,552 करोड़ रुपये से गिरकर 56,353 रुपये पर आ गया. इसमें 2,199 करोड़ रुपये (3.76 फीसदी) की गिरावट आई है.

(6) वैल्यू फंड्स स्कीम का कुल एयूएम 48,160 करोड़ रुपये से गिरकर 45,817 रुपये पर आ गया. इसमें 2,343 करोड़ रुपये (5.87  फीसदी) की गिरावट आई है.

(7) फोक्सड  फंड्स का कुल एयूएम 45,707 करोड़ रुपये से गिरकर 44,140 रुपये पर आ गया. इसमें 1567 करोड़ रुपये (3.43 फीसदी) की गिरावट आई है.

(8) कॉन्ट्रा फंड्स का कुल एयूएम 7,207 करोड़ रुपये से गिरकर 6,971 रुपये पर आ गया. इसमें 236 करोड़ रुपये (3.27 फीसदी) की गिरावट आई है.

(9) सेक्टोरियल फंड्स का कुल एयूएम 63,576 करोड़ रुपये से गिरकर 59,962 रुपये पर आ गया. इसमें 3,614 करोड़ रुपये (5.68  फीसदी) की गिरावट आई है. ये आंकड़े म्युचूअल फंड्स गुरु से लिए गए है.

अब क्या करें निवेशक
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स ने सलाह देते हुए कहा हैं कि कई म्‍यूचुअल फंड निवेशकों में ऐसे समय में कोई बड़ा फैसला लेने की चाहत बढ़ती है. लेकिन उन्‍हें ऐसा करने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे शेयर बाजार में हमेशा उतार-चढाव आता रहेगा. लेकिन खराब स्थितियों में पैसा निकालकर दोबारा अच्‍छी स्थिति आने पर पैसा लगाने की सोच सही नहीं है. इस तरह की रणनीति हमेशा नुकसानदेह साबित होती है.

एसकोर्ट सिक्योरिटी के एमडी विनोद दीक्षित का कहना है कि निवेशकों को अपने लक्ष्‍यों पर ध्‍यान देना चाहिए. बार-बार अपने निवेश को निकालना और फिर बाजार में लगाना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्‍छा नहीं है. उनकी सलाह है कि बाजार की टाइमिंग का पता लगाने की कोशिश नहीं करें. अपने लक्ष्‍यों पर ध्‍यान दें. बाजार में और गिरावट की खबर आ सकती है. हालांकि, इससे घबराकर निवेशकों को अपने एसआईपी नहीं रोकने चाहिए.

म्यूचुअल फंड की गिरावट कमाई का अच्छा मौका होती हैं. क्योंकि ये यूनिट बढ़ाने और अपने निवेश की एवरेजिंग करने का समय है. लो वेल्युएशन पर चल रहे शेयरों में निवेश आगे अच्छी ग्रोथ दिला सकता है. उनका कहना है कि मौजूदा समय में निवेशकों के लिए एसेट अलोकेशन स्ट्रैटेजी बेहतर हो सकती है. इसके अलावा मल्टीकैप फंड भी अच्छे विकल्प हैं. इससे निवेशक अपना पोर्टफोलियो भी डाइवर्सिफाई कर सकते हैं.

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First published: March 3, 2020, 12:04 PM IST
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