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Mutual Fund: नए निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय ऐसी गलतियां न करें, वरना हो जाएगा भारी नुकसान

Mutual Fund: नए निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय ऐसी गलतियां न करें, वरना हो जाएगा भारी नुकसान

नए निवेशक शुरू में ज्यादा पैसा एक बार में ही न लगाएं.

नए निवेशक शुरू में ज्यादा पैसा एक बार में ही न लगाएं.

Mutual Funds में नए निवेशक को शुरू में कई सारी छोटी-छोटी गलतियों की वजह से बड़ा नुकसान उठाना पडता है. नए निवेशक कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रख अपना पैसा गंवाने से बच सकते हैं. जानिए मुख्य बातें...

    Mutual Fund Investment: कोरोना के बाद भारतीय शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में नए निवेशकों की संख्या करोड़ों में बढ़ी है. कोरोना के बाद मिले जोरदार रिटर्न की वजह से रिटेल निवेशक इस फील्ड में तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. हालांकि अक्सर देखने को मिलता है कि नए निवेशक को शुरू में कई सारी छोटी छोटी गलतियों की वजह से बड़ा नुकसान उठाना पडता है. नए निवेशक कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रख अपना पैसा गंवाने से बच सकते हैं.

    आमतौर पर नए नए निवेशक एक हाई मार्केट में इक्विटी निवेश की शुरुआत करते हैं. उस समय में मौजूदा निवेशक पहले ही अच्छी-खासी कमाई कर चुके होते हैं. अनुभवी निवेशक आमतौर पर तब निवेश करते हैं जब मार्केट में कमजोरी होती है. पहली बार के निवेशकों को इस बारे में नहीं पता होता है. इसलिए, पहली बार इक्विटी बाजार में निवेश करते समय, निवेशकों को कम जोखिम वाले फंडों में निवेश करके सतर्क रुख अपनाना चाहिए. इसके साथ ही निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव को भी समझने की कोशिश करनी चाहिए. पहली बार निवेश करने वाले को इक्विटी-ओरिएंटेड फंडों में निवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

    ज्यादा पैसा एक बार में ही न लगाएं
    एक निवेशक को इक्विटी में बड़ी रकम को एक साथ निवेश करने से बचना चाहिए. ऐसा इसलिए है क्योंकि बाजार में गिरावट आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. पहली बार के निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव की समझ नहीं होती होती है. ऐसे में वे थोड़ा नुकसान होने पर घबरा जाते हैं. इस घबराहट में नए निवेशक अक्सर अपना पैसा निकालने का फैसला करते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए, यह हमेशा सलाह दी जाती है कि इक्विटी-ओरिएंटेड फंडों में निवेश सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के ज़रिए किया जाना चाहिए.

    यह भी पढ़ें- Mutual Fund में डायरेक्ट निवेश कैसे करते हैं, जानिए इसके क्या हैं फायदे व नुकसान

    ऐसे फंड में निवेश करें जहां खतरा कम हो
    बाजार के उतार-चढ़ाव के आदी होने के लिए, ज्यादा जोखिम वाले प्योर इक्विटी फंड के बजाय पहली बार निवेशकों के लिए बेहतर यह है कि वे संतुलित फंडों में निवेश करें. नए निवेशकों को ऐसे फंडों में निवेश करना चाहिए जहां जोखिम कम हो या हो भी तो ज्यादा नहीं. इस तरह के फंडों में बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान, प्योर इक्विटी फंड से कम उतार-चढ़ाव होता है. इससे नए निवेशकों के लिए घबराहट की स्थिति नहीं बनती है. इससे नए निवेशक बाजार में ज्यादा समय तक बने रह सकते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव को समझ सकते हैं. इसलिए, ज्यादा जोखिम वाले प्योर इक्विटी फंड से शुरू करने के बजाय, उन फंडों में निवेश करना बेहतर है, जो तुलनात्मक रूप से कम जोखिम वाले हैं.

    बिना फाइनेंशियल प्लानिंग के पैसा लगाने से बचें
    अगर कोई निवेशक सही फाइनेंशियल प्लानिंग द्वारा लॉन्ग टर्म गोल्स को हासिल करने के लिए इक्विटी-ओरिएंटेड फंडों में निवेश करना शुरू करता है, तो इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि निवेशक बाजार में ज्यादा समय तक बने रहे. लंबी अवधि के गोल्स के लिए निवेश करने वाले निवेशक बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज कर देते हैं. वहीं तुरंत रिटर्न हासिल करने के लिए निवेश करने वाले नए निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराकर तुरंत अपना पैसा निकाल लेते हैं. इसलिए, निवेश करने से पहले किस कैटेगरी के फंड में कितना निवेश करना है, यह तय करने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करना बेहतर है.

    Tags: Investment, Mutual fund, Mutual fund investors, Mutual funds, Returns of mutual fund SIPs, SIP, Systematic Investment Plan (SIP)

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