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वोडाफोन के शेयर में आई 39 फीसदी की भारी गिरावट, आपके पैसों पर होगा सीधा असर

News18Hindi
Updated: January 17, 2020, 5:30 PM IST
वोडाफोन के शेयर में आई 39 फीसदी की भारी गिरावट, आपके पैसों पर होगा सीधा असर
वोडाफोन—आइडिया के एक्सपोजर वाले म्यूचुअल फंड पर जोखिम बढ़ा

टेलीकॉम कंपनियों के AGR को लेकर दायर याचिका खारिज होने के बाद शुक्रवार को वोडाफोन-आइडिया के शेयर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई. इसके साथ ही अब इस कंपनी के एक्सपोजर वाले म्यूचुअल फंड्स में निवेश के नुकसान का खतरा बढ़ गया है.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 5:30 PM IST
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नई दिल्ली. एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने Adjusted Gross Revenue (AGR) मामले में टेलीकॉम कंपनियों (Telecom Companies) के खिलाफ फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए इन कंपनियों को कहा था कि 23 जनवरी तक वो 1.47 लाख करोड़ रुपये सरकार को चुकाएं. हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद वोडाफोन-आइडिया ने देर शाम तक एक्सचेंज को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा था कि वो क्यूरेटिव पीटिशन (Curative Petition) दायर करने के ​विकल्प पर विचार कर रही है. लेकिन, शुक्रवार को वोडाफोन-आइडिया के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है.

शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट
वोडाफोन-आइडिया के कॉरपोरेट पेपर्स और शेयर्स में एक्सपोजर रखने वाले म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) को नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है. शुक्रवार को वोडाफोन के शेयर्स में 39 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. ब्रोकरेज कंपनियां भी वोडाफोन-आइडिया के शेयर्स को लेकर सकारात्मक नहीं दिखाई दे रही हैं. याद दिला दें कि, कंपनी के CEO कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) ने पहले ही कह दिया है कि अगर सरकार की तरफ से राहत नहीं मिलती है तो कंपनी को बंद करने तक की नौबत आ सकती है.

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कंपनी पर कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज
सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस कंपनी पर करीब 53 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें करीब 28 हजार करोड़ रुपये लाइसेंस फीस, ब्याज और पेनल्टी के तौर पर हैं. ज​बकि, बाकी रकम स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज के तौर पर है. इसके अलावा, वोडाफोन-आइडिया पर वित्त वर्ष 2019 में करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है.

फ्रैंकलिन टेम्प्लेटन ने उठाए जरूरी कदमइन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी फ्रैंकलिन टेम्प्लेटन इंडिया ने वोडाफोन-आइडिया के डेट एक्सपोजर को घटाकर जीरो कर दिया है. इस कंपनी ने वोडाफोन-आइडिया में फ्रेश इन्फ्लो की लिमिट घटाकर 2 लाख रुपये प्रति​ निवेशक प्रति दिन कर दिया है. फ्रैंकलिन के इस फैसले के बाद म्यूचुअल फंड निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है.  फ्रैंकलिन ने कहा, 'वोडाफोन-आइडिया पर भारी एजीआर बकाया और इसके भुगतान की अवधि बेहद कम होने की वजह से हमारे एक्सपोजर को लेकर अनिश्चित्तता बनी हुई है.'

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वोडाफोन में कितना है एक्सपोजर
इस कदम के बाद ही कंपनी के 6 फंड्स के नेट एसेट वैल्यू में 4-7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. 16 जनवरी 2020 तक, म्यूचुअल फंड का डेट में कुल एक्सपोजर 4,466-3,389 करोड़ रुपये और इक्विटी में 1,076 करोड़ रुपये है. फ्रैंकलिन इंडिया का इस कंपनी में 2,074 करोड़ रुपये के साथ सबसे अधिक एक्सपोजर है. इक्विटी शेयर्स में 630 करोड़ रुपये के शेयर्स का एक्सपोजर है. वहीं, डेट सेगमेंट में आदित्य बिड़ला म्यूचुअल फंड और UTI म्यूचुअल फंड, प्र​त्येक का 500 करोड़ रुपये का एक्सपोजर है.

निवेशक के तौर पर आपके पास क्या विकल्प?
अगर आपने भी किसी ऐसे डेट फंड में निवेश किया है, जिसका एक्सपोजर वोडाफोन-आइडिया में है तो अधिक घबराने की जरूरत नहीं है. बाजार जानकारों का कहना है कि आप थोड़े समय का इंतजार करें. अगर आप तुरंत इससे बाहर निकलते हैं तो आपका घाटा हमेशा के लिए बना रहेगा. अगर आप इंतजार करते हैं तो रिकवरी की उम्मीद बनी रहती है.

जानकारों का कहना है कि फ्रैंकलिन ने सही दिशा में कदम उठाया है. हालांकि, फिलहाल इसकी खास जरूरत नहीं थी.  फ्रैंकलिन का ट्रैक रिकॉर्ड ऐसे मामले में बेहतर ही रहा है. ऐसे में अगर निवेशक लंबी अवधि के बारे में ध्यान देता है तो उन्हें राहत मिल सकती है.

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First published: January 17, 2020, 4:01 PM IST
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