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म्युचूअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर! इस स्कीम को बदलने की तैयारी

News18Hindi
Updated: November 13, 2018, 3:55 PM IST
म्युचूअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर! इस स्कीम को बदलने की तैयारी
म्युचूअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर! इस स्कीम को बदलने की तैयारी

अगर आप म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते है तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि शेयर बाजार रेग्युलेटर सेबी नियमों में बदलाव करने जा रही है.

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  • Last Updated: November 13, 2018, 3:55 PM IST
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अगर आप म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते है तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि शेयर बाजार  रेग्युलेटर सेबी नियमों में बदलाव करने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निवेशकों को कंपनियों के डूबने से नुकसान न हो इसके लिए फंड्स की कुछ स्कीम के नियम सख्त किए जा सकते है.

इन स्कीम में हो सकता है बदलाव- माना जा रहा है कि लिक्विड म्‍युचूअल फंड के लिए नियम कड़े कर सकता है.ऐसी योजनाओं के तहत निवेशकों का पैसा सरकार के ट्रेजरी बिलों और ऐसी दूसरी सरकारी बॉन्ड में लगाया जाता है जहां निवेश पर जोखिम बहुत कम होता है.

सेबी ‘लिक्विड फंड’ के लिए कम समय के ‘लॉक-इन’ (यानी निवेश को योजना में बनाए रखने की) अवधि तय कर सकती है. अभी तक इन फंड्स में निवेशक शार्ट टर्म के लिए पैसा लगाते है. आमतौर पर 1 दिन से 3 महीने के लिए निवेश कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर अपने बच्चे के स्कूल की फीस जमा करने से पहले आप इस फंड में रख सकते हैं. अगले दो महीने बाद परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जाना चाहते हैं तो इसके लिए इकट्ठा किया गया पैसा लिक्विड फंड्स में निवेश कर सकते हैं.

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क्यों हो रहा है बदलाव- सेबी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) के बॉन्ड डिफॉल्ट के चलते यह फैसला ले सकता है. क्योंकि निवेशकों के पैसों को सेफ रखना सबसे ज्यादा जरूरी है.

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क्या हैं लिक्विड फंड्स-लिक्विड फंड्स डेट म्यूचुअल फंड्स हैं. यह कम अवधि के लिए बाजार में निवेश की सलाह देते हैं. मसलन ट्रेजरी बिल्स, गर्वनमेंट सिक्योरिटीज और कॉल मनी. ये फंड 91 दिन की मैच्योरिटी अवधि वाले इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं.ये भी पढ़ें-म्यूचुअल फंड: डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में कौन सा बेहतर, जानिए इसके बारे में सबकुछ

कब और क्यों इसमें पैसा लगाना चाहिए- लिक्विड फंड्स ऐसे समय के लिए भी बेहतर होते हैं जबकि आपको अचानक बड़ी रकम मिलती है. मसलन ऑफिस से मिला बोनस, प्रॉपर्टी की बिक्री या इस तरह से मिलने वाली दूसरी रकम. शेयरों में निवेश करने वाले कई लोग लिक्विड फंड में पैसा लगाते हैं. उसके बाद वे इस पैसे को धीरे-धीरे एसटीपी (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिये इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. यह तरीका अपनाने से ज्यादा रिटर्न मिलता है.

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First published: November 13, 2018, 3:52 PM IST
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