Mutual Funds FY21: 81 लाख इंवेस्टर्स जुड़े, एक्सपर्ट को लगातार बढ़त की उम्मीद

इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम में भी इंवेस्टर्स अकाउंट्स की संख्या 24.3 लाख बड़ी है

इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम में भी इंवेस्टर्स अकाउंट्स की संख्या 24.3 लाख बड़ी है

आकड़ों के अनुसार, 43 फंड हाउस के साथ पोर्टफोलियो की संख्या मार्च 2020 में जहां 8,97,46,051 थी तो मार्च 2021 में यह बढ़कर 9,78,65,529 हो गई. इससे पोर्टफोलियो 81.19 लाख तक बढ़ गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 9:43 PM IST
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नई दिल्ली. म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) इंडस्ट्री में वित्त वर्ष 2020-21 में 81 लाख से ज्यादा इंवेस्टर्स अकाउंट्स जुड़े है. जिसके बाद अब कुल 9.78 करोड़ अकाउंट्स हो गए. जिसके बाद विशेषज्ञों (Expert) को उम्मीद है इस साल भी यह ग्रोथ लगातार बनी रहेगी. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड (Association of Mutual Funds in India) के डाटा के अनुसार वर्ष 2019-20 में 72.89 लाख इंवेस्टर्स अकाउट्स खुले थे. मॉर्निंग स्टार इंडिया (Morningstar India)के डायरेक्टर मैनेजर रिसर्च कौस्तुभ बेलापुरकर कहते है कि लंबी और अल्पावधि (long term and short term) दोनों के वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निवेशक म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में निवेश करने के महत्व को समझ रहे है. उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से निवेशक (Investors) जागरूकता कार्यक्रमों, म्यूचुअल फंड द्वारा किए गए जमीनी काम, वित्तीय सलाहकारों और वितरकों को अपनी निवेश यात्रा के माध्यम से शिक्षित करने और निवेशकों को आकर्षित करने से लोग ना सिर्फ जागरूक हुए है बल्कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए तैयार भी. 



जारी किए गए आकड़ों के अनुसार 43 फंड हाउसों के साथ फोलियों की संख्या मार्च 2020 में जहां 8,97,46,051 थी तो वहीं मार्च 2021 में यह बढ़कर 9,78,65,529 हो गई. जिससे फोलियो 81.19 बढ़ गया.म्यूचुअल फंड स्पेस वर्ष 2015-16 में 59 लाख, 2016-17 में 67 लाख, 2017-18 में 1.6 करोड़ और  2018-19 में 1.13 करोड़ खातें थे. स्क्रिपबॉक्स के सह संस्थापक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी प्रतीक मेहता ने कहा वैसे तो फोलियो वृद्धि के कई कारण है, लेकिन उनमें से प्रौद्योगिकी के प्रसार, डिजिटलीकरण में वृद्धि, लेन-देन का आसान तौर तरीका है. उनके अनुसार गोल्ड और रियल एस्टेट से हुआ माइग्रेशन को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है. 



इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम में भी इंवेस्टर्स अकाउंट्स की संख्या 24.3 लाख बढ़ी



इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम में भी इंवेस्टर्स अकाउंट्स की संख्या 24.3 लाख बढ़ी है. पिछले वित्तीय वर्ष में 2020 में जहां यह 6.44 करोड़ थी तो वहीं इस वित्तीय वर्ष में यह 6.68 करोड़ हो गई. इसके अलावा डेब्ट ओरिएंटेड स्कीम फोलियो काउंट भी 16.16 लाख से बढ़कर 88.4 लाख हुआ है. देखा जाए तो डेब्ट कैटेगिरी, लिक्विड फंड लगातार चार्ट में टॉप पर है 22.3 फोलियो के साथ. जबकि कम अवधि का फंड 12.26 लाख और कॉर्पोरेट बॉन्ड 7.13 लाख पर बंद हुआ. 


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AUM के तहत 31.43 करोड़ रुपये की संपत्ति



म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के पास मार्च 2020 के अंत में एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के तहत 31.43 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. मॉर्निगस्टार के बेलापुरकर ने कहा कि हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में फोलियो में यह वृद्धि जारी रहेगी. क्योंकि नए निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करके अपनी निवेश की यात्रा शुरू करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि विकास न सिर्फ बड़े शहरों से होना चाहिए बल्कि छोटे बी-30 शहरों से भी ज्यादा होना चाहिए. 



2.5 से 3.5 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स है म्युचूअल फंड में



Mywealthgrowth.com के को फाउंडर हर्षद चेतनवाला कहते है कि म्युचूअल फंड इंडस्ट्री इस साल भी बेहतर करेगी क्योंकि निवेश के लिए म्युचूअल फंड आज भी अन्य सभी निवेश के दूसरे सेक्टर से बेस्ट है. वर्तमान में 9.78 करोड़ फोलियो है और अगर हम प्रति निवेशक को औसतन 3 या 4 फोलियो भी मानते है तो इनकी संख्या 2.5 से 3.5 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स है म्युचूअल फंड में. उन्होंने आगे कहा कि बाजार की स्थिति उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी क्योंकि निवेशक बाजार की स्थितियों के दौरान अधिक से अधिक चिप लगाने की कोशिश करेंगे. 



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लोग महत्व समझते जाएंगे वृद्धि होती जाएगी



इंवेस्टमेंट सॉल्यूशन शेयरखान बीएनपी के हेड गौतम कालिया ने कहा कि इंडस्ट्री को इस वक्त रिटेल इंवेस्टर्स की समझ और पार्टिसिपेशन का फायदा मिल रहा है. जैसे-जैसे लोग म्यूचुअल फंड के माध्यम से लॉर्ग टर्म पैसा कमाने के महत्व को समझ जाएगे यह और बढ़ता जाएगा. वे कहते है कि निश्चित रूप से ऐसे जोखिम है जो इस वृद्धि को अल्पावधि में बाधित कर सकते है इनमें नियामक परिवर्तन, बाजार में मंदी, महामारी में वृद्धि आदि शामिल है. 


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