कैफे कॉफी डे के शेयर में गिरावट से म्यूचुअल फंड निवेशकों पर होगा असर, अब क्या करें?

CCD में म्यूचुअल फंड्स का कुल निवेश करीब 200 करोड़ रुपये है. यह रकम डेट और इक्विटी दोनों को मिलाकर है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 4:25 PM IST
कैफे कॉफी डे के शेयर में गिरावट से म्यूचुअल फंड निवेशकों पर होगा असर, अब क्या करें?
कैफे कॉफी डे में म्यूचुअल फंड का लगा है 200 करोड़
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Updated: July 31, 2019, 4:25 PM IST
कॉफी डे एंटरप्राइजेज (Coffee Cafe Enterprises) के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ की मौत के बाद अनिश्चितता बढ़ गई है. पिछले दो दिनों में लगातार कंपनी के शेयरों में 20 फीसदी का लोअर सर्किट लगा है. लेकिन अभी ये मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं. मॉर्निंगस्टार इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, CCD में म्यूचुअल फंड्स का कुल निवेश करीब 200 करोड़ रुपये है. यह रकम डेट और इक्विटी दोनों को मिलाकर है.

लगातार दूसरे दिन शेयरों में लगा लोअर सर्किट
30 जुलाई और 31 जुलाई को CCD के शेयरों में लोअर सर्किट लगा. इससे कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन का करीब 800 करोड़ रुपये घट गया. सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापता थे. बुधवार सुबह उनका शव नेत्रावती नदी से मिला है. माना जा रहा है कि कर्ज के बोझ से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली है.

इन म्यूचुअल फंड का लगा है पैसा

केनरा रोबैको स्मॉल कैप फंड ने कॉफी डे एंटरप्राइज ने 5.7 करोड़ रुपए निवेश किए थे. वहीं ICICI प्रूडेंशियल ने S&P BSE 500 ETF ने सिर्फ 1 लाख रुपए का निवेश किया था. ज्यादातर निवेश कंपनी के डेट में किया गया है. मॉर्निंगस्टार के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 7 फंड हाउस ने डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से CCD में निवेश किया है. इनमें से तीन फंड हाउस BOI AXA, DSP और इंडियाबुल्स हैं. कॉफी डे एंटरप्राइज, CCD की पेरेंट कंपनी है.



क्या करें निवेशक?
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CCD के शेयरों पर अगले कुछ समय तक लगातार दबाव बना रहेगा. मुमकिन है कि इसका शेयर प्राइस घटकर 100 रुपये या इससे कम हो जाए. निवेशकों को फिलहाल क्या करना चाहिए इसका जवाब आसान नहीं है. जानकारों का कहना है कि अगले एक साल में CCD के शेयर किसी भी डायरेक्शन में जा सकते हैं. अगर अभी कोई इसमें पैसा लगाना चाहता है तो उसे तुरंत मुनाफे की उम्मीद नहीं करना चाहिए. अगर आपके पास सरप्लस कैश है तभी इसमें निवेश करना चाहिए. जानकारों का कहना है कि ऐसे में बेहतर यह होगा कि बोर्ड मीटिंग के फैसलों पर नजर रखें. CCD के जून तिमाही के नतीजे 8 अगस्त को आने वाले हैं. उसके बाद ही निवेश पर विचार करना चाहिए.

सिद्धार्थ ने आयकर विभाग पर लगाया आरोप
लापता होने से दो दिन पहले सिद्धार्थ ने बोर्ड मेंबर और स्टाफ को लेटर लिखा था जिससे पता चलता है कि कंपनी काफी मुश्किल में थी. 27 जुलाई को लिखे इस लेटर में सिद्धार्थ ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पर आरोप लगाया है कि उनके शोषण की वजह से वह नकदी संकट से जूझ रहे थे. माइंडट्री में सिद्धार्थ की 20.3 फीसदी हिस्सेदारी थी जिसे वह L&T को बेचना चाहते थे लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इसमें अड़ंगा लगा रहा था. सिद्धार्थ ने अपने लेटर में लिखा है कि उनकी टीम का कोई सदस्य, ऑडिटर्स या सीनियर मैनेजमेंट का कोई सदस्य इसके लिए जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने इस हालात की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली.

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(मनीकंट्रोल)

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First published: July 31, 2019, 3:06 PM IST
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