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म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ी खबर! बदल गया पैसे निकालने से जुड़ा नियम

म्यूचुअल में पैसा निकालने से जुड़ा जरूरी नियम बदला

म्यूचुअल में पैसा निकालने से जुड़ा जरूरी नियम बदला

अगर आपने म्युचूअल फंड्स (Mutual Funds) की किसी भी स्कीम में पैसा लगाया है तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि पैसा निकालने से जुड़े एक नियम में बदलाव हुआ है. आइए जानें इसके बारे में...

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    नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Coronavirus) के इस संकट में अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को सहारा देने के लिए RBI ने कई अहम कदम उठाए है. इन्हीं में से एक कदम का असर म्यूचुअल फंड्स पर भी होगा. आपको बता दें कि पिछले दिनों शेयर बाजार में गिरावट के बाद म्यूचुअल फंड्स निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है. उनके फंड्स की वैल्यू 40 फीसदी तक घट गई है.

    क्या है नया बदलाव-  शेयर बाजार और म्यूचूअल फंड रेग्युलेटर SEBI ने म्यूचुअल फंड खरीदने और बेचने के घटे कट-ऑफ टाइम को 30 अप्रैल तक लागू रखने का निर्णय लिया है. म्‍यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एम्‍फी ने यह जानकारी दी.

    ये भी पढ़ें-110 महीने में आपका पैसा हो जाएगा डबल, जानें क्या है मोदी सरकार की ये स्कीम

    इससे क्या होगा निवेशकों के पैसों पर असर- जब आप अपनी म्यूचुअल फंड स्कीम में पैसा लगाते हैं तो आपको उसमें यूनिट मिलती है. अगर अब आप यूनिट खरीदते या बेचते हैं, तो कट-ऑफ टाइम उस एनएवी को तय करता है, जिसे आप पाने के हकदार होते हैं.

    चाहे वह उसी दिन या पिछले दिन का एनएवी हो या अगले दिन का, यह उस समय पर निर्भर करता है जिसमें आप अपना आवेदन जमा करते हैं और भुगतान करते हैं. इसके के लिए म्‍यूचुअल फंड स्‍कीमों को लिक्विड/ ओवरनाइट फंड और इक्विटी/ हाइब्रिड/ डेट फंड के रूप में विभाजित किया जाता है.



    अगर आसान शब्दों में कहें तो जब आप अपना पैसा निकालते हैं या फिर जमा करते हैं तो सबकुछ NAV की कीमत तय होता है. ये कीमत तय करने के समय पर ही RBI ने फैसला लिया है. यानी अब आप जब भी पैसा निकालने जाएंगे तो समय का ध्यान रखना जरूरी होगा. नहीं तो पुराने दिन की NAV पर आपको पैसे मिलेंगे. ऐसे में हो सकता है कि एक दिन पहले कम कीमत हों.

    सामान्य स्थितियों में जब आप लिक्विड/ओवरनाइट फंड की यूनिट खरीदते हैं और अपना आवेदन फॉर्म जमा करने के साथ किसी कारोबारी दिन में 1.30 बजे से पहले फंड ट्रांसफर करते हैं, तो आपको पिछले दिन के एनएवी पर यूनिटें आवंटित कर दी जाती हैं.

    दोपहर 1.30 बजे के बाद अगर आप ऐसा करते है तो उसी दिन के एनएवी पर यूनिटें आवंटित होती हैं. ध्यान दें कि आप कट-ऑफ समय से पहले अपना आवेदन जमा करते हैं, लेकिन फंड ट्रांसफर इसके बाद किया जाता है तो आपको उसी दिन के एनएवी पर यूनिट आवंटित की जाती हैं.

    इक्विटी/ हाइब्रिड/ डेट फंडों की यूनिटों को खरीदने का सामान्य कट-ऑफ टाइम दोपहर 3 बजे है. यदि आप आवेदन जमा करते हैं और दोपहर 3 बजे से पहले भुगतान करते हैं, तो आपको उसी दिन के एनएवी में यूनिटें को आवंटित किया जाएगा. यदि आपका आवेदन दोपहर 3 बजे के बाद प्रस्तुत किया जाता है, तो आपको अगले दिन का एनएवी मिल जाएगा.



    क्यों लिया ये फैसला-SEBI ने यह फैसला रिजर्व बैंक की ओर से बांड बाजार के लिए कारोबार का समय घटाने के बाद लिया है. सेबी ने देशभर में लॉकडाउन के बीच म्यूचुअल फंड खरीदने और बेचने का कट-ऑफ टाइम तीन बजे से घटाने का फैसला किया था.

    पहले संशोधित कट-ऑफ टाइम सात अप्रैल से 17 अप्रैल तक के लिए था, लेकिन, अब इसे 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है. अब तीस अप्रैल तक इन्हें खरीदने का कट-ऑफ टाइम 12:30 बजे और बेचने का एक बजे रहेगा.

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