म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए जरूरी खबर! आज से लगेगा ये नया टैक्स, जानिए इसके बारे में सबकुछ

म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए जरूरी खबर! आज से लगेगा ये नया टैक्स, जानिए इसके बारे में सबकुछ
1 जुलाई से बदल गया म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाने का नियम

अगर आप म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) स्कीम में पैसा लगाते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1 जुलाई से नया नियम लागू होने से जा रहा है. इससे आपके लगे पैसों पर सीधा असर होगा.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के बीच भी लोगों ने म्यूचुअल फंड स्कीम (Mutual Funds Schemes) में पैसा लगाना जारी रखा है. मई महीने में म्यूचुअल फंड्स स्कीम में 6.12 लाख नए खाते (फोलियो) खुले है. अब म्यूचुअल फंड खातों की संख्या 9.1 करोड़ तक पहुंच चुकी है. लेकिन अब म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाने से जुड़ा नियम बदल गया है. जी हां, 1 जुलाई से कोई म्यूचुअल फंड खरीदते हैं तो आपको उसपर स्टांप ड्यूटी देनी होगी. अगर SIP (सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान) और STP (सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान) खरीदते हैं तो भी आपको स्टांप ड्यूटी चुकानी पड़ेगी. यह ड्यूटी हर तरह के म्यूचुअल फंड पर देनी होगी-फिर चाहे आप डेट म्यूचुअल फंड खरीदे या इक्विटी म्यूचुअल फंड. इस स्टांप ड्यूटी का सबसे ज्यादा असर डेट फंड्स पर देखने को मिलेगा जो आम तौर पर छोटी अवधि के लिए होती है.

इस नए नियम से क्या होगा- लाइव मिंट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड पर स्टांप ड्यूटी इस साल जनवरी से ही लगने वाला था लेकिन पहले इसे टालकर अप्रैल किया गया. फिल इसे टालकर जुलाई कर दिया गया. अगर अब इसकी तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाती है तो 1 जुलाई से यह लागू हो जाएगा.

म्यूचुअल फंड खरीदने पर कुल इनवेस्टमेंट का 0.005 फीसदी रकम आपको स्टांप ड्यूटी के तौर पर चुकाना होगा.



अगर आप म्यूचुअल फंड यूनिट का ट्रांसफर करते हैं तो भी आपको स्टांप ड्यूटी चुकाना होगा. इसमें आपको तीन गुना ज्यादा यानी 0.015 फीसदी स्टांप ड्यूटी देना होगा.



स्टांप ड्यूटी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि 90 दिन या इससे कम समय तक होल्ड करने वाले यूनिट पर सबसे ज्यादा असर होगा.

स्टांप ड्यूटी म्यूचुअल फंड यूनिट बेचने के दौरान नहीं बल्कि खरीदते हुए ही आपको चुकाना होगा. 30 दिन या इससे कम समय के लिए निवेश करने वाले इनवेस्टर्स पर इसका असर सबसे ज्यादा होगा. यह ड्यूटी एकबार में ली जाएगी.

अब म्यूचुअल फंड स्कीम में क्यों पैसा लगा रहा हैं लोग- एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि रिजर्व बैंक ने भी कुछ ऐसे कदम उठाएं हैं, जिनसे म्यूचुअल फंड के निवेशकों में विश्वास बढ़ा है. कुछ डेट्स फंड में गड़बड़ियों पर आरबीआई ने कड़ा एक्शन लिया है. इससे निवेशकों में विश्वास जगा है.

म्यूचुअल फंड में बढ़े निवेश के पीछे यह भी एक वजह हो सकती है. दरअसल म्यूचु्अल फंड में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी की वजह से आरबीआई इस पर सख्त निगरानी रख रहा है.

रिजर्व बैंक ने अप्रैल में म्यूचुअल पर बढ़े रहे दबाव को कम करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की खास कैश फैसलिटी उपलब्ध कराई थी.

तमाम दिक्कतों के बावजूद भारतीय निवेशकों में इकनॉमी की रिकवरी को लेकर मजबूत धारणा बनी हुई है.

यूएन समेत कई एजेंसियों ने भारत में विदेशी निवेश बेहतर रहने की बात की है. यूएन का कहना कि भारत में अगले साल तक रिकवरी हो सकती है. एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में भारत की मजबूती बनी रहेगी.
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