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म्युचूअल फंड्स में पैसा लगाने वालों के लिए खबर! RBI के इस कदम से पैसा निकालने में मिलेगी मदद

म्युचूअल फंड्स में पैसा लगाने वालों के लिए खबर! RBI के इस कदम से पैसा निकालने में मिलेगी मदद

RBI ने म्यूचुअल फंड्स के लिए Special Liquidity Facility शुरू करने का ऐलान किया है.

RBI ने म्यूचुअल फंड्स के लिए Special Liquidity Facility शुरू करने का ऐलान किया है.

RBI ने म्यूचुअल फंड्स के लिए Special Liquidity Facility शुरू करने का ऐलान किया है. इससे अब फंड हाउस अपने बॉन्ड्स या अन्य पेपर बैंकों के पास रखकर पैसा ले सकते है.

    नई दिल्ली. म्यूचुअल फंड हाउस फ्रैंकलिन टेम्पलटन की ओर से स्कीम 6 डेट स्कीम बंद होने के बाद एमएफ स्कीम में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया. इन फंड हाउस पर बढ़ते रिडम्पेशन (म्यूचुअल फंड से पैसा निकालने को कहते है) को देखते हुए RBI ने म्यूचुअल फंड्स के लिए Special Liquidity Facility शुरू करने का ऐलान किया है. इससे अब फंड हाउस अपने बॉन्ड्स या अन्य पेपर बैंकों के पास रखकर पैसा ले सकते है. आपको बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंकों (RBI) ने म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) के​ लिए 50,000 करोड़ रुपये के लिक्विडिटी लाइन का ऐलान किया है. RBI ने यह कदम फ्रेंक्लिन टेम्पलटेन द्वारा 6 डेट फंड्स को हाल ही में बंद करने के बाद उठाया है.

    म्युचूअल फंड्स SIP के जरिए पैसा लागने वालों को मिलेगी राहत
    एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18हिंदी को बताया कि RBI के इस कदम से म्युचूअल फंड्स में पैसा लगाने वालों को भी राहत मिलेगी. क्योंकि अगर अब वो अपना पैसा स्कीम्स से निकालते है तो फंड हाउस के पास पैसों की कमी नई आएगी. अब फंड हाउस अपने कॉमर्शियल पेपर्स यानी बॉन्ड्स या फिर अन्य कहीं पर निवेश किया है तो उन पेपर्स को बैंकों के पास रखकर पैसे ले सकते है.

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    लॉकडाउन की स्थिति में तेजी से निवेशक निकाल रहे है अपने पैसे
    मार्च महीने में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री से कुल 2.3 लाख करोड़ रुपये निकाला गया है. AMFI द्वारा हाल ही में जारी आंकड़े से यह जानकारी मिलती है. फरवरी में करीब 1,985 करोड़ रुपये की निकासी की गई थी. छोटी अवधि में पैसों की जरूरत पूरा करने के लिए कॉरपोरेट्स जिन लिक्विड फंड में पैसे रखते हैं, उस पर सबसे अधिक असर पड़ा है. मार्च महीने में इन्होंने 1.1 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं, जबकि फरवरी में 43,825 करोड़ रुपये की निकासी की गई थी.

    म्यूचुअल फंड्स के लिए यह समस्या क्यों खड़ी हुई?
    कोविड-19 महामारी और इसके बाद लॉकडाउन की वजह से बिजनेस पर आर्थिक संकट गहरा गया है. इस वजह से कुछ बिजनेस के लिए लोन मुहैया कराने वाले म्यूचुअल फंड्स पर दोहरी मार पड़ी है. पहला तो यह कि मौजूदा परिस्थिति में म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स (Mutual Fund Investors) अपनी पूंजी निकाल रहे हैं. लेकिन फंड्स द्वारा बॉन्ड्स को लिक्विडेट करने में समस्या आ रही है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि जिन बिजनेस को वो चलाते हैं, उनमें खरीदार नहीं है. वहीं, बॉन्ड पेपर्स बेहद की कम रकम पर बिक रहे हैं.

    हाल ही में फ्रेंक्लिन टेम्पलेटन ने अपने 6 फंड्स को बंद करने का फैसला लिया. इससे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए मौजूदा संकट और भी बढ़ गया है. इन्वेस्टर्स के सेंटीमेंट पर इसका असर पड़ा और वो पैनिक की स्थिति में हैं. फ्रेंक्लिन टेम्पलेटन ने कहा कि वो अपने बॉन्ड्स बेहद की कम दाम पर बेचने के विकल्प तलाश रहा है ताकि मौजूदा इन्वेस्टर्स के लिए वह पूंजी जुटा सके. ऐसे में उन इन्वेस्टर्स पर असर पड़ेगा जो इसमें बने रहना चा​हते हैं.

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    Tags: Corona, Corona infection, Corona positive, Lockdown, Lockdown. Covid 19, Mutual fund, Mutual fund investors, Mutual funds, RBI, RBI Governor

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