नोटबंदी के बाद लोग घर बैठे ऐसे कर रहे हैं मोटी कमाई

नोटबंदी के बाद लोग घर बैठे ऐसे कर रहे हैं मोटी कमाई
प्रतीकात्मक तस्वीर

मौजूदा समय में इन्वेस्टर्स शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाकर एमएफ में एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2017, 10:10 AM IST
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नोटबंदी के ऐलान से जहां एक ओर शेयर बाजार और इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा, वहीं आम आदमी को भी दिक्कतें झेलनी पड़ीं. हालांकि उस दौरान लोगों के बैंक अकाउंट में मोटी रकम जमा हुई. इस पैसे का उन्‍होंने भरपूर इस्तेमाल करते हुए बड़े मुनाफे के लिए म्युचूअल फंड में निवेश किया.

एक्सपर्ट्स कहते हैं पिछले एक साल के दौरान इक्विटी म्युचूअल फंड्स में लार्ज कैप ने 41 फीसदी, मिडकैप- स्मॉलकैप ने 67 फीसदी का बड़ा रिटर्न दिया है. ऐसेे में मौजूदा समय में इन्वेस्टर्स शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाकर एमएफ में एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं.

इसलिए लोगों ने म्युचूअल में लगाया जमकर पैसा
वीएम पोर्टफोलियो के विवेक मित्तल ने न्यूज18हिंदी को बताया कि नोटबंदी के बाद आम लोग बैंक खातों में पैसा जमा करने के लिए कतार में नजर आए, जिससे बैंकों के पास कैश की बाढ़ आ गई. बैंकों के पास कैश तो बहुत हो गया, लेकिन लोन बांटने के मौके नहीं बढ़े. इससे उन्होंने एफडी रेट घटा दिए. रियल एस्टेट और गोल्ड का रिटर्न भी कुछ खास नहीं रहा, इसलिए इनवेस्टर्स म्युचूअल फंड्स की तरफ भागते नजर आए.
आम परिवारों में होने लगी एसआईपी की चर्चा


कोटक म्युचूअल  फंड के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह कहते हैं- नोटबंदी म्युचूअल फंड्स के लिए अच्छा रहा. पैसा बैंकों से निकलकर म्युचूअल  फंड्स में आया. नोटबंदी के बाद म्युचूअल फंड इंडस्ट्री उससे मिले फायदे को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुट गई. सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लांस (SIP) पर घर-परिवारों में खूब चर्चा होने लगी. इसके जरिए सितंबर 2017 में 5,516 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ, जो अक्टूबर 2016 के 3,434 करोड़ रुपये से 60 फीसदी ज्यादा है.

छोटे शहरों में तेजी से बड़ा म्युचूअल फंड में निवेश
इंडियन म्युचूअल  फंड इंडस्ट्री की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सितंबर 2017 में 21.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि साल भर पहले यह 16.51 करोड़ रुपये था. शहरी इलाकों में पहले से अपनी जगह बना चुके म्युचूअल  फंड्स का दायरा टॉप 15 शहरों से बाहर तेजी से बढ़ा.  इन 15 शहरों (टॉप 15 के अलावा दूसरे शहरों) में निवेश का लेवल सितंबर 2017 में 3.79 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो सालभर पहले के 2.74 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था. गुवाहाटी, सिलीगुड़ी, मुरादाबाद और जालंधर जैसी लोकेशन के निवेशकों ने म्युचूअल फंड्स में पैसा लगाना शुरू कर दिया.

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