म्यूचुअल फंड कंपनियों ने जुलाई-अगस्त में स्टॉक्स से निकाले 17,600 करोड़ रुपये, ये है वजह

म्यूचुअल फंड कंपनियों ने जुलाई-अगस्त में स्टॉक्स से निकाले 17,600 करोड़ रुपये, ये है वजह
निवेशक बाजारों में हालिया तेजी के बाद सतर्क

Mutual Funds: म्यूचुअल फंड कंपनियों ने शेयर बाजारों से ऐसे समय निकासी की है जबकि कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से पैदा अड़चनों की वजह से दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ी हैं और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चल रहा है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 13, 2020, 12:40 PM IST
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नई दिल्ली. म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) कंपनियों ने जुलाई-अगस्त के दौरान शेयर बाजारों से 17,600 करोड़ रुपये की निकासी की है. इक्विटी आधारित योजनाओं में नकारात्मक प्रवाह की वजह से म्यूचुअल फंड ने यह निकासी की है. म्यूचुअल फंड कंपनियों ने शेयर बाजारों से ऐसे समय निकासी की है जबकि कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से पैदा अड़चनों की वजह से दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ी हैं और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चल रहा है.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी-जून के दौरान म्यूचुअल फंड कंपनियों ने शेयरों में शुद्ध रूप से 39,755 करोड़ रुपये का निवेश किया था. सेबी के पास पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा कंपनी ग्रीन पोर्टफोलियो के सह-संस्थापक दिवम शर्मा ने कहा, म्यूचुअल फंड की ताजा निकासी की वजह पिछले दो माह के दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund) योजनाओं में फंड का नकारात्मक प्रवाह है.

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उन्होंने कहा कि कुछ निवेशक बाजारों में हालिया तेजी के बाद सतर्क हैं, वहीं अन्य ने अपनी पूंजी को सीधे शेयरों में लगाया है. इसका पता इस बात से चलता है कि पिछले कुछ माह के दौरान डीमैट खातों की संख्या में अच्छा-खासा उछाल आया है.
म्यूचुअल फंड्स से जुड़े नियम बदले
सेबी (SEBI-Securities and Exchange Board of India) ने म्यूचुअल फंड्स की मिडकैप कैटेगिरी को लेकर नए नियम जारी किए है. नए नियमों के मुताबिक, एक मल्टीकैप फंड को शेयर बाजार में कुल 75 फीसदी रकम लगानी होगी. अभी तक इसकी लिमिट 65 फीसदी थी. साथ ही, इस 75 फीसदी रकम में से 25 फीसदी लार्जकैप शेयरों में लगानी होगी. वहीं, 25 फीसदी मिडकैप और 25 फीसदी हिस्सा स्मॉलकैप शेयरों में लगाना होगा. इस फैसले से शेयर बाजार के निवेशकों को बड़ा फायदा होगा. आपको बता दें कि नए नियम जनवरी 2021 से लागू होगा.
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