कचरा फैलाने वालों पर लगेगा ज्यादा टैक्स! जानिए मोदी सरकार का नया प्लान

सरकार रीसाइकिल्ड सामानों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को भी टैक्स छूट दे सकती है हालांकि ज्यादा कचरा फैलाने वाली कंपनियों पर ज्यादा टैक्स लगाया जा सकता है.

News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 4:17 PM IST
कचरा फैलाने वालों पर लगेगा ज्यादा टैक्स! जानिए मोदी सरकार का नया प्लान
सरकार रीसाइकिल्ड सामानों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को भी टैक्स छूट दे सकती है
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Updated: July 27, 2019, 4:17 PM IST
सरकार रीसाइकिल्ड सामानों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को भी टैक्स छूट देने की तैयारी में है. वहीं, दूसरी ओर ज्यादा कचरा फैलाने वाली कंपनियों पर ज्यादा टैक्स लगाया जा सकता है. नए माइनिंग पर भी ज्यादा टैक्स संभव है. सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पर्यावरण मंत्रालय ने इस पर एक रोडमैप तैयार किया है जिसमें रीसाइकिल्ड मैटेरियल इस्तेमाल पर टैक्स छूट का प्रस्ताव है. सरकारी खरीद में रीसाइकिल्ड सामान को बढ़ावा देने की भी योजना है. साथ ज्यादा कचरा फैलाने वाली कंपनियों पर लैंडफिल टैक्स ( Landfill Tax) का प्रस्ताव भी है.

संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए नेशनल रिसोर्स एफिशिएंसी अथॉरिटी बनेगी जो संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए नियम बनाएगी और इसकी निगरानी करेगी. पर्यावरण मंत्रालय ने 2019-22 का रोडमैप तैयार किया है. SEZ की तर्ज पर MRZs यानी Material Recycling Zones बनाने का प्रस्ताव भी है.

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आपको बता दें कि पर्यावरण पूरी दुनिया में चिंता का सबब बना हुआ है. भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का ही है. उसकी ओर लोगों को लुभाने के लिए जीएसटी काउंसिल ने 27 जुलाई को इलेक्ट्रिक व्हीकल पर टैक्स दरें घटाकर 5 फीसदी कर दी है.

जीएसटी काउंसिल की बैठक का फैसला- जीएसटी काउंसिल की बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर टैक्स की दरें 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी है. वहीं, चार्जर पर जीएसटी दरें 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दी है. नई दरें 1 अगस्त से लागू होंगी. इसके अलावा स्थानीय ऑथोरिटी द्वारा 12 यात्रियों से अधिक की क्षमता वाली इलेक्ट्रिक बसों के खरीद पर जीएसटी से छूट देने का फैसला हुआ है.​

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First published: July 27, 2019, 4:11 PM IST
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