मोदी सरकार का बड़ा फैसला- अब कभी नहीं आएगा 1000 रुपये का नोट

आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद महात्मा गांधी श्रृंखला के 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से हटा दिया था. लेकिन अब केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1000 रुपये के नए नोट से जुड़ा कानून रद्द कर दिया है.

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Updated: August 4, 2019, 7:58 PM IST
मोदी सरकार का बड़ा फैसला- अब कभी नहीं आएगा 1000 रुपये का नोट
आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा करते हुए महात्मा गांधी श्रृंखला के 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से हटा दिया था.
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Updated: August 4, 2019, 7:58 PM IST
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को एक हजार रुपये का नोट जारी करने की अनुमति देने वाला 1999 का कानून संसद ने निरस्त कर दिया है. अर्थव्यवस्था में करेंसी नोटों की तंगी को दूर करने के लिये उस समय यह कानून लाया गया था. संसद ने पिछले हफ्ते ही इस कानून सहित बेकार हो चुके 58 पुराने कानूनों को समाप्त करने को मंजूरी दे दी. इनमें 1000 रुपये का नोट जारी करने की अनुमति देने वाला उच्च मूल्य वर्ग बैंक नोट (विमुद्रीकरण) संशोधन अधिनियम 1998 भी शामिल है.

क्यों नहीं आएगा अब 1000 रुपये का नया नोट

>> आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा करते हुए महात्मा गांधी श्रृंखला के 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से हटा दिया था. इसके साथ ही उन्होंने 500 रुपये और 2,000 रुपये के नए नोट जारी करने की भी घोषणा की.

>> 1000 रुपये का नोट चलन में नहीं रह गया था. निरसन और संशोधन विधेयक 2019 के माध्यम से अब ऐसे 58 अप्रचलित कानूनों को समाप्त कर दिया गया है. इनमें कुछ कानून डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा पुराने हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को एक हजार रुपये का नोट जारी करने की अनुमति देने वाला 1999 का कानून संसद ने निरस्त कर दिया है.


NDA सरकार में ही बना था इससे जुड़ा कानून- तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने दिसंबर 1998 में इस संबंध में संशोधन विधेयक पेश किया था.

>> साल 1978 के कानून में किये गये इस संशोधन के जरिए नोटों की किल्लत को दूर करने और दूसरे मूल्यवर्ग के नोटों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिये जरूरी संशोधन किया गया.
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>> इसके जरिये रिजर्व बैंक (RBI) के लिये 1,000 रुपये का नोट जारी करने का फैसला हुआ. हालांकि, अब इसे समाप्त कर दिया गया है.



सरकार ने अब तक खत्म किए 1428 कानून- कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में कहा था कि इस विधेयक के जरिए पुराने पड़ चुके कानूनों, जिनकी प्रासंगिकता खत्म हो चुकी है, को समाप्त किया जा रहा है.

>> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद सरकार ने फैसला किया था कि अप्रासंगिक हो चुके कानूनों को समाप्त किया जाएगा.

>> इसके लिए एक समिति बनायी गयी थी. इस समिति ने 1824 कानूनों की पहचान की थी और इनमें से अब तक 1428 कानून खत्म जा चुके हैं.

 

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First published: August 4, 2019, 6:19 PM IST
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