देश के सबसे भरोसेमंद और दमदार ब्रांड कैसे बन गए मोदी!

चुनाव नतीजों में बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में ताकतवर राजनेता बनकर उभरे हैं. 2014 के बाद अब 2019 में जो बात कॉमन रही-वो है ब्रांड मोदी.

News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 8:50 PM IST
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Updated: May 25, 2019, 8:50 PM IST
चुनाव नतीजों में बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में ताकतवर राजनेता बनकर उभरे हैं. 2014 के बाद अब 2019 में जो बात कॉमन रही-वो है ब्रांड मोदी. 2014 के चुनावों में बीजेपी के नारे उन्हें केंद्र में रखकर गढ़े गए थे तो मौजूदा चुनाव भी हर नारे में मोदी ही मोदी थे. बीजेपी की अभूतपूर्व सफलता बताती है कि मोदी देश के सबसे दमदार और भरोसेमंद ब्रांड में तब्दील हो चुके हैं.

आरोप-प्रत्यारोपों से भरे चुनावी अभियान में मोदी ने राष्ट्रवाद और विकास को जोड़कर मतदाताओं के सामने आने वाले कल की जो तस्वीर पेश की, उसका जवाब विरोधी पार्टियों के पास नहीं था.



मोदी एक ब्रांड बने क्योकि चुनाव के पहले और चुनाव के दौरान उन्होंने लगातार जो काम किए. जिस तरह से जगह-जगह रैलियां कीं, उससे उन्होंने आम जनता के साथ बखूबी एक खास कनेक्ट बनाया.

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हर स्तर पर वो लोगों से जुड़ते चले गए. मिशिगन यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी की ऑनलाइन इमेज बहुत सोच समझ कर बनाई गई.

मोदी हमेशा से यूथ और डेवेलपमेंट से जुड़े ट्वीट करते रहे है, लेकिन 2014 के बाद से उनके हिंदुइज्म से जुड़े मैसेज में भारी गिरावट देखी गई, जो इससे पहले काफी तादाद में होते थे.
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ब्रांड मोदी पहले से ज्यादा हुआ मज़बूत
साल 2014 में चुनाव से पहले ही हम सबने देखा कि किस तरह ब्रांड मोदी राष्ट्रीय स्तर पर छा गया था. पिछले पांच सालों में सोशल मीडिया हो या रेडियो या फिर ग्लोबल प्लेटफॉर्म- हर जगह ब्रांड मोदी ने जलवा दिखाया. वैसे इस ब्रांड को और चमकदार बनाए रखने में खुद मोदी भी काफी सचेत रहे.

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ब्रांड गुरु और हरीश बिजूर कंसल्ट्स इन कॉर्पोरेशन के सीईओ हरीश बिजूर ने न्यूज18 हिंदी से खास बातचीत में कहा, “मोदी की प्रचंड जीत के कई मायने हैं. अब वो देश में ही नहीं बल्कि दुनिया में बड़े ब्रांड बन चुके हैं. लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि मोदी निर्विवाद तौर पर देश के सबसे बड़े और मजबूत नेता बन चुके हैं. उनका कद इतना बड़ा हो गया है कि बाकी नेता बौने लगने लगे हैं.”

प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वह शक्तिशाली नेतृत्व, भ्रष्टाचार-विहीन शासन, सामाजिक समावेश और राष्ट्रवाद के लिए खड़े हैं. फिर चुनावों ने भी बता दिया कि देश वाकई उन पर यकीन करता है. उनकी लोकप्रियता बहुत बढ़ चुकी है.



ऐसे बने मोदी देश के सबसे बड़े ब्रांड
नरेंद्र मोदी के बोलने का अंदाज हो या वेशभूषा के प्रति सजगता या फिर दोस्त बनाने की कला-वो सभी में आगे हैं. 2014 -19 में टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया हर तरफ सिर्फ मोदी ही मोदी दिखे.

उनके फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर हैं. नोटबंदी, जीएसटी और राफेल आदि को मुद्दा बनाकर उन्हें घेरने की विरोधियों की कोशिश धरी की धरी ही नहीं रह गई बल्कि खुद विरोधियों के लिए नुकसानदायक साबित हुई.

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मोदी ने खुद को चौकीदार कहा, देश की ज़मीन, हवा और बाहरी अंतरिक्ष, सबकी सुरक्षा करने वाला बताया. खुद को चौकीदार कहकर उन्होंने उन पर ऊंगलियां उठाने वाली मुख्य विपक्षी कांग्रेस पार्टी को ही कठघरे में खड़ा कर दिया.

मोदी की बड़ी ताकत
सत्तावादी, महादोषी, सांप्रदायिक- ये कुछ शब्द हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर मीडिया दस साल पहले नरेंद्र मोदी के लिए करता था. आज वही मोदी बहुत सहजता से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में दूसरी पारी शुरू करने जा रहे हैं.

उन्हें ज्यादातर स्व-निर्मित, मजबूत, कुशल, प्रेरक, ईमानदार, विश्वसनीय और प्रतिबद्ध नेता माना जाने लगा है. इसमें कोई शक नहीं कि बड़ी संख्या में मौजूद उनके फॉलोअर्स ने जगह-जगह जिस तरह उनके कामों को गिनाया, उसने ब्रांड मोदी और विश्वसनीयता और ऊंचाइयां दीं.



उन्होंने देश की सुरक्षा से लेकर अंतरिक्ष के क्षेत्र के बड़े कामों की जानकारी जनता तक पहुंचाई. लोग ये मानने लगे कि मोदी ने हर क्षेत्र में खास भूमिका अदा की है.

पीएम मोदी ने विकास पर काम किया तो ग़रीबों को ध्यान में रखकर जनकल्याण योजनाएं शुरू कीं, जिनमें गरीबों के लिए मकान, शौचालय, क्रेडिट और कुकिंग गैस की व्यवस्था शामिल थीं. ये ऐसा काम था, जिसने वाकई गरीबों के बीच उनकी मसीहा जैसी छवि गढ़ी. इन स्कीमों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए टेक्नोलॉजी का भी भरपूर इस्तेमाल हुआ. इसीलिए वो पांच साल में ही खुद को खासा मजबूत कर पाए.

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ब्रांड मोदी ने बीजेपी की छलांग पर गजब का असर डाला. पार्टी अपने जन्म के बाद अब सबसे मजबूत दौर में है. उसने सबसे निचले स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के साथ नए इलाकों और राज्यों में बढ़ती मौजूदगी का अहसास करा दिया. यकीनन अगले पांच सालों में मोदी खुद इस ब्रांड को ज्यादा मजबूत और चमकदार करना चाहेंगे.

(अंकित त्यागी/संजय श्रीवास्तव)
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