किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करने के लिए सरकार ने 18 भाषाओं में लांच किया एक खास चैनल

किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करने के लिए सरकार ने 18 भाषाओं में लांच किया एक खास चैनल
किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद के लिए सरकार ने 18 भाषाओं में लांच किया चैनल

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने मंगलवार को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) का सहकार कॉप ट्यूब चैनल लांच किया है. एनसीडीसी की ओर से बताया गया कि उसने वनस्टॉप चैनल के रूप में इंटरनेट पर अपना यह चैनल शुरू किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 7:58 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने मंगलवार को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) का सहकार कॉप ट्यूब चैनल लांच किया है. एनसीडीसी की ओर से बताया गया कि उसने वनस्टॉप चैनल के रूप में इंटरनेट पर अपना यह चैनल शुरू किया है. इस चैनल के जरिए हिंदी एवं 18 राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रम प्रसारित होगा. तोमर ने इस अवसर पर राज्यों के लिए ‘सहकारी समितियों के गठन व पंजीकरण’ के मार्गदर्शक वीडियो भी जारी किए. तोमर ने इस अवसर पर राज्यों के लिए ‘सहकारी समितियों के गठन व पंजीकरण’ के मार्गदर्शक वीडियो भी जारी किए.
तोमर ने ट्विट कर कही ये बातेंएनसीडीसी के ये प्रयास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बनाए जा रहे इको-सिस्टम/ रिफार्म्स का हिस्सा हैं. उन्होंने लिखा है कि मोदी जी के सपनों को साकार करने में सहकारिता क्षेत्र की मुख्य भूमिका रही है और निश्चित रूप से काफी योगदान रहा है. भारत में सहकारिता क्षेत्र ने एक लंबा सफ़र तय किया है तथा किसानों एवं आर्थिक विकास की स्थितियों में सुधार लाने में अपनी सफलता प्रमाणित की है. लघु एवं सीमांत क्षेत्रों के किसानों एवं ग्रामीण गरीबों के संगठन के रूप में, सहकारिता ने 29 करोड़ सदस्यों तथा 8.50 लाख से अधिक संगठनों का विशाल नेटवर्क बनाया है.एनसीडीसी के सहकार कॉपट्यूब चैनल का शुभारम्भ व राज्यों के लिए ‘सहकारी समितियों के गठन तथा पंजीकरण’ हेतु मार्गदर्शक वीडियो का भी लोकार्पण वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से किया.


इन भाषाओं में होंगे ये चैनल 
यह चैनल हिंदी एवं 18 राज्यों (उ.प्र., उत्तराखंड, म.प्र., बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल, तमिलनाडु, प. बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिसा, मिजोरम, त्रिपुरा, केरल, गुजरात, पंजाब एवं कर्नाटक) की क्षेत्रीय भाषाओं में रहेगा.
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