इस सरकारी स्कीम में निवेश करने वालों पर नहीं लगते ये दो टैक्स, होगा ज्यादा फायदा

इस सरकारी स्कीम में निवेश करने वालों पर नहीं लगते ये दो टैक्स, होगा ज्यादा फायदा
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अगर आप सरकार की नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme, NPS) के जरिये स्टॉक में निवेश करते हैं तो आपको STT और DDT नहीं होंगे. इन टैक्सों को नहीं चुकाने की वजह से आप ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2020, 7:29 AM IST
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नई दिल्ली. अगर आप स्टॉक (Stocks) में सीधे या म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) के जरिए निवेश करते हैं तो आपको दो टैक्स सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) देने पड़ेंगे. वहीं अगर आप सरकारी पेंशन नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme, NPS) के जरिये स्टॉक में निवेश करते हैं तो आपको ऐसे टैक्स नहीं देने होंगे. ये दोनों टैक्स नहीं चुकाने की वजह से आप ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

NPS के जरिए इक्विटी में निवेश की सीमा
एनपीएस के जरिये इक्विटी में निवेश की सीमा तय है. 50 साल से कम उम्र के निवेशक को NPS के जरिये इक्विटी में 75 फीसदी निवेश करने की अनुमति है. 50 साल से ज्यादा उम्र वाले निवेशक का प्रत्येक साल इक्विटी में निवेश 2.5 फीसदी कम होता जाता है और 60 साल की उम्र में जब अकाउंट मैच्योर होता है उस समय यह 50 फीसदी तक पहुंच जाता है. दिसंबर 2018 में घोषित नए नियमों के तहत सरकारी कर्मचारी भी एनपीएस में अपना सिर्फ 50 फीसदी कॉर्पस ही इक्विटी में निवेश कर सकते हैं.

इक्विटी में एनपीएस निवेश सिर्फ पेंशन फंड के माध्यम से किया जाता है, लेकिन यह NPS ट्रस्ट है जो सब्सक्राइबर्स की ओर से निवेश करता है. NPS ट्रस्ट को STT और DDT दोनों का भुगतान करने से छूट है और इससे सब्सक्राइबर्स को फायदा होता है. हालांकि म्यूचुअल फंड भी ट्रस्ट के रूप में स्ट्रक्चर्ड हैं, लेकिन वे इस तरह की छूट फायदा नहीं लेते.
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कितना लगता है STT?
सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) ट्रांजैक्शन वैल्यू का 0.1 फीसदी लगता है. अगर आप 2 लाख रुपये का शेयर खरीदते या बेचते हैं तो आपको 200 रुपये STT भुगतान करना होगा. अगर आपका म्यूचुअल फंड शेयर खरीदता या बेचता है तो यह पैसा नेट एसेट वैल्यू (NAV) से काट लिया जाता है. ऐसा NPS में नहीं होता.

क्या है DDT?
अगर कोई कंपनी डिविंडेंड का भुगतान करती है तो 20.56 फीसदी (सरचार्ज और सेस शामिल) DDT लगता है. उदाहरण के जरिए समझें- अगर कोई कंपनी 10,000 रुपये डिविडेंड का भुगतान करती है तो 2,035 रुपये DDT का काट लिया जाएगा और आपको सिर्फ 7,965 रुपये मिलेंगे. म्यूचुअल फंड में मामले में भी यह लागू होगा. हालांकि NPS के मामले में आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा और आपके अकाउंट में पूरा डिविडेंड 10,000 रुपये जमा होंगे.

60 फीसदी अमाउंट निकासी की टैक्स फ्री
अब एनपीएस में निवेश करने पर पहले से ज्यादा फायदे मिलेंगे. एनपीएस से मैच्योरिटी के बाद अब 40 फीसदी की जगह 60 फीसदी अमाउंट निकाल सकते हैं.

कैसे खोलें अकाउंट
सरकार ने NPS में योजना के लिए सरकारी और निजी बैंकों को प्वॉइंट ऑफ प्रेजेंस बनाया है. आप किसी भी नजदीकी बैंक ब्रांच में जाकर अकाउंट खुलवा सकते हैं. इसके लिए आपको बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं की डिग्री, एड्रेस प्रूफ और आई कार्ड की जरूरत होती है. रजिस्ट्रेशन फॉर्म बैंक से मिल जाता है.

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2 तरह के होते हैं अकाउंट
स्कीम के तहत 2 तरह के टियर-I और टियर-II अकाउंट होते हैं. टियर-I अकाउंट खुलवाना जरूरी है, जबकि टियर-II अकाउंट कोई भी टियर-I अकाउंट खुलवाने वाला शुरू कर सकता है. टियर-I अकाउंट से 60 साल की उम्र के पहले पूरा फंड नहीं निकाला जा सकता है. जबकि टियर-II अकाउंट में अपनी मर्जी से निवेश कर सकते हैं या फंड निकाल सकते हैं.

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