नौकरी की बात: दिल्ली से गांवों तक के कैंडिडेट्स के हो रहे Interview, इसलिए खुद को करें ऐसे तैयार

नौकरी की बात

नौकरी की बात

Job opportunities in finance sector: अपने युवा पाठकों के लिए न्यूज18 ने देश के टॉप एचआर लीडर (HR Leader) के साथ खास सीरिज "नौकरी की बात" (Naukari ki bat) शुरू की है. इस बार कोरोना के दौर में सबसे ज्यादा रोजगार डिमांड वाले फाइनेंस सेक्टर (Finance Sector) की बात करेंगे.

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  • Last Updated: February 25, 2021, 9:59 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से कई नौकरियां चली गई या फिर नए अवसर बंद हो गए, लेकिन अब अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है. रोजगार के मौके खुलने लगे हैं. अपने युवा पाठकों के लिए न्यूज18 ने देश के टॉप एचआर लीडर (HR Leader) के साथ खास सीरिज "नौकरी की बात" (Naukari ki bat) शुरू की है. इस बार कोरोना के दौर में सबसे ज्यादा रोजगार डिमांड वाले फाइनेंस सेक्टर (Finance Sector) की बात करेंगे. फाइनेंस कंपनी (Religare Finvest Limited) के सीईओ पंकज शर्मा और प्रेसिडेंट एंड चीफ बिजनेस ऑफि‍सर समीर नंदा (Sameer Nanda) से जानिए फाइनेंस सेक्टर और उनकी कंपनी में नौकरियों के अवसर और इसकी तैयारियों के तरीके...

सवाल: सबसे पहले हमें बताएं कि जिन लोगों की महामारी के दौरान नौकरी गई, उन्हें क्या करना चाहिए?

जवाबः यह समय आर्थिक और तकनीकी रूप से काफी अहम है. ऐसे में यह जरूरी है कि हम अपने आप को अपडेटेड रखें. महामारी ने लगभग सभी सेक्‍टर्स को प्रभावित किया है. नौकरियों पर काफी असर पड़ा है और बहुत से लोगों की जाॅब चली गई है. कंपनियां ह्यूमन रिसोर्स, एडमिन लागत में कटौती कर रही हैं और ऐसे उम्मीदवार खोज रही हैं जो कम से कम लागत पर उन्हें अच्‍छा बिज़नेस और रिजल्‍ट दे सकें. ऐसे में उम्मीदवारों के लिए ज़रूरी है कि वे बदलते माहौल और तेजी से विकसित होती तकनीक के अनुसार अपने आप में बदलाव लाते रहें.

फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स और बिज़नेस इंटेलीजेन्स में सिलेब्स उनके लिए ज़्यादा रिलेवेंट हैं. महामारी के चलते सभी कुछ बदल गया है, नौकरियों से लेकर भर्ती-प्रक्रिया तक हर पहलु में बदलाव आए हैं. बिजनेस के लिए टेक-इनेबल्ड बनना अनिवार्य हो गया है. एआई (AI) एवं एमएल (ML)रिलेवेंट सिलेब्स बन चुके हैं, कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों की तलाश कर रही हैं जिनके पास उपरोक्त क्षेत्रों में अनुभव हो. उम्मीदवारों को बदलते माहैल के अनुसार अपनी योग्यता में बदलाव लाने चाहिए. अपने आप को अपस्किल करना चाहिए और ज़रूरत पड़े तो अपनी डोमेन स्पेशलाइजेशन में बदलाव भी लाने चाहिए. टेक-इनेबल्ड ऐप्लीकेशन्स ने कोविड के दौरान बिज़नेस को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा सर्विस, मैनुफैक्चरिंग एवं मार्केटिंग के मुवमेन्ट को सुनिश्चित किया है।
सवाल: क्या उन्हें नए कौशल विकसित करने और बढ़ाने की आवश्यकता है? अगर हां, तो वे ऐसा कैसे कर सकते हैं?

जवाबः कौशल एवं ज्ञान का विकास एक सतत प्रक्रिया है और उम्मीदवारों को बदलते समय के अनुसार अपने आपको अपडेट करते रहना चाहिए. उन्हें बदलते आर्थिक एवं तकनीकी माहौल के अनुसार अपने आप में बदलाव लाने चाहिए. नए कौशल विकसित करना और मौजूदा कौशल को बढ़ाना समय की मांग है अन्यथा उम्मीदवार रेस में पीछे छूट जाएंगे. स्किल डेवलपमेंट लगातार सीखने वाली प्रक्रिया है और नौकरी में स्थायी रूप से बने रहने के लिए नई स्किल सीखना बहुत ज़रूरी है. इसका सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप एआई, या मशीन लर्निंग या किसी अन्य रिलेवेंट सेक्टर में विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के ज़रिए अपने आप को अपडेटेड रखें. अब आईआईएम और कई प्रतिष्ठित अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय भी डिजिटल मार्केटिंग में सेर्टिफिकेट कोर्स पेश कर रहे हैं. ये कौशल को बढ़ाने को अच्छे अवसर हैं.

सवाल: महामारी के बाद से बहुत सारे कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध है. अगर कोई इन कोर्स को करता है तो क्या उन्हें कंपनियां काम पर रखेंगी?



जवाब: ऑनलाइन कोर्स निश्चित रूप से नौकरी तलाशने वाले युवाओं का ज्ञान और कौशल बढ़ाते हैं, किंतु प्र‍तिष्‍ठित इंस्टिट्यूट से ऑनलाइन पाठ्यक्रम करना ज़्यादा महत्वपूर्ण होता है. ऑनलाइन साइट्स जैसे कोर्सेरा, अनएकेडमी, आदि काॅन्सेप्ट को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. जहां एक और हमेशा फुलटाइम कोर्स करने की सलाह दी जाती है, किंतु समय और संसाधनों की बाधाओं के चलते उम्मीदवार ऑनलाइन कोर्स को चुन रहे हैं. कंपनियां नौकरियों के लिए ऐसे टैलेंटेंड कैंडिडेट्स को प्राथमिकता देती हैं. हां, कंपनियां ऐसे कौशल की तलाश में हैं, क्योंकि कंपनियों के लिए भी अपने उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुसार रिलेवेंट सर्विस उपलब्ध कराना ज़रूरी है, ऐसे में डिजिटल स्पेस में इन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है.

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सवाल : जब मार्केट धीरे-धीरे खुल रहा है तो कहां और कैसे युवाओं को नौकरी की तलाश करनी चाहिए?

जवाबः उम्मीदवार ऑनलाइन साइट्स जैसे नौकरी, टाइमजाॅब्स, आइआइएम जाॅब्स के माध्यम से नौकरियों की तलाश कर रहे हैं, जो भर्ती उद्योग के दिग्गज हैं. आपके प्रोफाइल को लिंक्डइन पर अपडेट करना और अपने कनेक्शन के साथ जु़ड़ना भी कारगर हो सकता है. रिलेवेंट नौकरियों की तलाश और सुलभता सबसे महत्वपूर्ण कारक है. हालांकि, पिछले कुछ महीनों में बाज़ार खुलने लगे हैं, किंतु कुछ चीज़ें हमेशाा के लिए बदल गई हैं और यह अच्छा बदलाव है. आज लिंक्डइन प्रोफाइल को अपडेट करना, करियर की उपलब्धियों और गोल्स के हर पहलु का डिटेल देना ज़रूरी हो गया है.डिजिटल प्रक्रिया के द्वारा नियोक्ताओं को ऐप्लीकेशन्स के चुनाव में मदद मिलती है और वे उचित उम्मीदवार को एचआर विभाग (HR Department)के साथ जोड़ सकते हैं.

सवाल : क्या कोविड-19 के बाद जॉब देने की प्रक्रिया में बदलाव हुआ है?

जवाबः भर्ती प्रक्रिया में निश्चित रूप से बदलाव आएंगे, अब ज्यादातर साक्षात्कार ऑनलाइन हो रहे हैं, और आमने-सामने बैठकर फिजिकल इंटरव्यू (Physical interview)कम हो रहे हैं. ऐसे में इंटरव्यू लेने और देने वालों के लिए ऑनलाइन मोड के अनुसार अपने आप में बदलाव लाना ज़रूरी है. इस संदर्भ में विशेष प्रशिक्षण (specialized training) कारगर हो सकता है क्योंकि उम्मीदवार को ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए ज़्यादा सेल्फ-काॅन्फिडेंस की जरूरत होती है. हालांकि, महामारी के चलते भर्ती की पारम्परिक प्रक्रिया में बड़े बदलाव आए हैं. मुझे विश्वास है कि महामारी जाने के बाद भी ऐसे कुछ बदलाव बने रहेंगे. उदाहरण के लिए गुरूग्राम की एक कंपनी अब पटना या दिल्ली के उम्मीदवार को साक्षात्कार के लिए ऑफिस नहीं बुलाती. अब उनके साथ ऑनलाइन साक्षात्कार ही कर लिया जाता है. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है, ऐसे में ये प्रक्रियाएं बनी रहेंगी.

सवाल : आपके अनुसार इस कठिन समय और नई भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार (Interview) के लिए किस तरह से तैयारी करना चाहिए?

जवाबः नौकरी ढूंढने वालों को अपना रिज्यूमे इस तरह से बनाना चाहिए कि इसमें महत्वपूर्ण पहलुओं को हाईलाईट किया जाए। रेज़्युमे 2 पेज से अधिक नहीं होना चाहिए और इसमें आपकी सभी उपलब्धियां शामिल हैं. उम्मीदवारों को बदलते माहौल के अनुसार अपने आप में बदलाव लाने चाहिए और इस बात पर जोर देना चाहिए कि वे अपने आप में और अपने संस्‍थान में किस तरह के सकारात्‍मक बदलाव लाना चाहते हैं. हालांकि, भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव आए हैं, किंतु नौकरी पर इस बात का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है कि उम्मीदवार ने अपने रेज़्युमे में अपनी उपलब्धियों को किस तरह दर्शाया है. रेज़्यूमे ही आपकी पहली इमेज है. आजकल ऐसी एजेन्सियां भी हैं जो नौकरी ढूंढने वालों को पेशेवर सीवी बनाने के तरीकों पर प्रशिक्षण भी देती हैं.

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सवाल : वर्तमान परिदृश्य में किस तरह के नए रोजगार सृजित होंगे?

जवाब : मैं पहले से इस बात पर जोर देता रहा हूं कि मौजूदा विकास के अनुसार अपने आप को अपडेट करना बहुत जरूरी है. दुनिया डिजिटल बदलाव के दौर से गुज़र रही है, जहां फाइनेंस से लेकर supply chain और सीआरएम तक सभी विभाग डिजिटल बदलावों की ओर रूख कर रहे हैं. उपभोक्ता अब ऑफलाइन स्टोर्स के बजाए ऑनलाइन खरीददारी कर रहे हैं. डेटा साइन्स और विभिन्न ऐप्लीकेशन्स के लिए एल्गोरिदम की क्षमता उम्मीदवार की क्षमता को दर्शाती है. अब एआई और मशीन लर्निंग प्रक्रियाओं के ज़रिए ट्रांसपोर्टर, आपूर्तिकर्ता, थोक विक्रेता, वित्तीय संस्थान और बैंकर एक दूसरे के साथ कनेक्टेड रहते हैं, इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है. नई पाॅलिसी के तहत लोग वर्चुअल बिक्री और खरीददारी के ज़रिए भरोसा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स (AI) और बिग डाटा को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए कौन से बदलाव देखे जा सकते हैं?

जवाबः भारत हर सेक्टर में तेजी से एआई (AI) और बिग डेटा (Big Deta)की ओर बढ़ रहा है. ये तकनीकी बदलाव आने वाले समय में मानवीय हस्तक्षेप को कम करेंगे. हर इंडस्ट्री में मैनपावर की जगह मशीनें ले लेंगी. बिग डेटा के साथ एआई और एमएल हर उद्योग का अभिन्न हिस्सा हेंगे. अमेजन आपके द्वारा खरीददारी के पिछले विहेवियर का एनालिसिज करेगा, इस आधार पर आपको ऐसे प्रोडक्ट दिखाएगा जो आपकी पसंद के अनुरूप हैं. इसी तरह रोबो-अडवाइजर आपके पिछले निवेश मॉडल का मूल्‍यांकन कर मार्केट एनालसिस, पर्सनल रिस्क आदि के आधार पर भावी निवेश की सलाह देंगे.

सवाल: क्या आप हमारे पाठकों को बताएंगे कि इस क्षेत्र में नौकरियों की क्या संभावनाएं हैं और भावी परिवेश क्या होगा?

जवाबः एआई, एमएल, बिग डेटा और बीआई हर संस्थान के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं. कंपनियां लागत अनुकूलन पर ध्यान दे रही हैं और ये तकनीकी बदलाव इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. ऐसे में आने वाले समय में टेक से जुड़े उम्मीदवारों की मांग बढ़ेगी, जो बदलते माहौल के अनुसार अपने आप में बदलाव ला सकें. अब डिजिटल एक्सपोजर बहुत अधिक जरूरी हो गया है. जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, डिजिटल बदलाव के अनुसार अपने आप को ढालें अन्यथा आप यहां टिक नहीं सकेंगे.

सवाल: क्या आप हमें बताएंगे कि इस सेक्टर में विभिन्न पदों के लिए किस तरह की योग्यता एवं कौशल की आवश्यकता है?

जवाबः इन अपकमिंग सेक्टर के लिए टेक्नोलाॅजी एवं Statistical skills के साथ बिजनेस के प्रति अनुकूल विजन की आवश्यकता है. एक्सपीरियंस कैंडिडेट्स को इन नई अवधारणाओं के अनुसार अपने अनुभव में बदलाव लाना चाहिए. पहले सीएक्सओ को ऑफिस में अपने रोज़मर्रा के कार्यों में निजी सहायता की ज़रूरत होती थी. अब चूंकि सभी चीज़ें डिजिटल हो गई हैं, हम अपना काम खुद करते हैं. तो कल्पना कीजिए कि एंट्री लेवल के एक एग्जिक्यूटिव से क्या उम्मीद की जाएगी.

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सवाल : हमें बताएं कि जो लोग काम कर रहे हैं उन्हें स्वयं को प्रतिस्पर्द्धी बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए?

जवाबः रिलेवेंट फील्ड में अपना ज्ञान बढाएं, अपनी क्राॅस-फंक्शनल क्षमता बढ़ाएं ताकि आप संस्थान को मदद कर सकें. संस्थान ऐसे लोगों की तलाश में हैं जो मल्टी-टास्किंग माहौल के अनुसार अपने आप को ढाल सकें, अपने आप में ज़रूरी बदलाव ला सकें.

सवाल : हमें आप अपनी कंपनी के हाइरिंग प्रोसेस के बारें में बताएं और कैसे नौकरी ढूढ़ने वाले लोग आपकी कंपनी से संपर्क साध सकते हैं?

जवाबः आरएफएल में हम सख्त भर्ती प्रक्रिया अपनाते हैं जिसमें कई स्तरों पर उम्मीदवार का मूल्यांकन किया जाता है. हम सुनिश्चित करते हैं कि उम्मीदवार मौजूदा आवश्यकताओं के लिए फिट हो, इसके लिए उनकी तकनीकी क्षमता और पिछले अनुभव का मूल्यांकन किया जाता है. Recruitment Standardization Form हमारी कंपनी की भर्ती प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा हैं. इनके द्वारा विभिन्न भुमिकाओं, भौगोलिक एरिया और पैनल में मानक चुनाव प्रक्रिया को बरकरार रखा जाता है और सुनिश्चित किया जाता है कि ग्रेड एवं वेतन उम्मीदवार की योग्यता एवं कार्य अनुभव के अनुसार हों.

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