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नवरात्रि वेल्थ स्पेशल: निवेश की शुरुआत करना सबसे मुश्किल, लेकिन चल पड़े तो बरसेगी देवी की कृपा

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इस दिन आप निवेश का संकल्प ले सकते हैं.

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इस दिन आप निवेश का संकल्प ले सकते हैं.

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. देवी की पूजा से पहले घटस्थापना और पूजन संकल्प लिया जाता है. यदि ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

देवी की कृपा को धन-दौलत बरसने और पैसे की बरकत से जोड़कर देखा जाता है.
किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए संकल्प धारण करना पहला कदम होता है.
म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने पर आपको चक्रवृद्धि मुनाफा मिलता है.

नई दिल्ली. शारदीय नवरात्रों की शुरुआत आज 26 सितंबर 2022 से हो चुकी है. 9 दिनों तक देवी के 9 रूपों की अराधना के बाद 5 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा) के दिन ये पवित्र दिन समाप्त होंगे. इन 9 दिनों में हर शख्स इस चाह के साथ देवी को प्रसन्न करने की कोशिश करता है कि उसके घर-परिवार में देवी की कृपा बरसती रहे और खुशियां बनी रहें.

आपकी खुशियां और भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए एक स्पेशल सीरीज लाए हैं. इस सीरीज में हम आपको वो तरीके बताएंगे, जिन्हें फॉलो करके आप वो तमाम खुशियां पा सकेंगे, जिनकी ख्वाहिश आपके मन में है. यहां यह समझना जरूरी है कि आमतौर पर “देवी की कृपा” कहा किसे जाता है. मुख्य रूप से देवी की कृपा को धन-दौलत बरसने और पैसे की बरकत से जोड़कर देखा जाता है. इसके अलावा मन की शांति और स्थिरता भी एक विभिन्न आयाम है. तो हमारा मकसद आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाले उन सू्त्रों के बारे में बताना है, जो आपको पैसे की बरकत देंगे. जब आप आर्थिक रूप से मजबूत होंगे तो परिणामस्वरूप मन की शांति और स्थिरता रूपी दैवीय प्रसाद भी बरसने लगेगा.

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आज चूंकि पहली नवरात्रि है तो आज हम पहले नियम के बारे में बता रहे हैं. इसी तरह पूरे 9 दिनों तक 9 नियम बताएंगे. हमें उम्मीद है कि आपको न्यूज़18 हिन्दी की नवरात्रि वेल्थ स्पेशल सीरीज पसंद आएगी.

शुरुआत करना सबसे मुश्किल!
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. देवी की पूजा से पहले घटस्थापना और पूजन संकल्प लिया जाता है. किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए संकल्प धारण करना पहला कदम होता है. इसे फाइनेंस में हम पैसे को मल्टीप्लाई करने से जोड़कर देख सकते हैं. आपकी यात्रा में हर छोटा कदम आपको पड़ाव के एक कदम नजदीक ले जाता है, बशर्ते आपको पता हो कि आपकी मंजिल किस दिशा में है.

घटस्थापना मतलब आपने शुरुआत कर दी है. पूजन संकल्प का अभिप्राय है कि आपको अपनी मंजिल का निर्णय करना है. इसे हम निवेश में SIP से जोड़कर देख सकते हैं. सबसे पहले आपको यह संकल्प करना है कि आपको कितने समय में कितना पैसा चाहिए. मान लीजिए अभी आपकी उम्र 30 साल है. आप एक छोटी-सी नौकरी करते हैं. आप चाहते हैं कि जब आप रिटायर हों, मतलब 60 साल की उम्र में तो आपके पास 1 करोड़ रुपये हों. ताकि आप अपना जीवन अच्छे से गुजार पाएं.

यूं कैलकुलेट करें
आपको कागज-पेन लेकर माथापच्ची करने की जरूरत नहीं है. टेक्नोलॉजी ने तमाम तरह की कैलकुलेशन्स बेहद आसान कर दी हैं. एक चुटकी में आप बड़े से बड़ा गुणा-गणित कर सकते हैं. आपको ऑनलाइन एसआईपी कैलकुलेटर (SIP Calculator) पर जाना है. यहां अनुमानित वार्षिक रिटर्न (12 फीसदी) के हिसाब से आपको प्रतिमाह निवेश के लिए अमाउंट भरना है. टाइम पीरियड चुनना है.

आप पाएंगे कि यदि आप अगले 30 वर्ष तक 1 हजार रुपये महीने का निवेश करते रहते हैं तो आपको 3,60,000 रुपये निवेश करने होंगे और 30 वर्ष बाद 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न के हिसाब से 35,29,914 रुपये मिलेंगे. यदि आपका लक्ष्य 30 साल बाद 30 लाख रुपये जुटाना है तो प्रतिमाह 1 हजार रुपये का निवेश काफी है. परंतु महंगाई दर के हिसाब से संभव है कि 30 लाख रुपये कम रहेंगे.

इसी तरह यदि आप 2 हजार रुपये प्रतिमाह निवेश करते हैं तो अगले 30 वर्षों में आपको 7,20,000 रुपये अपनी जेब से डालने होंगे. बदले में 30 साल बाद आपको 70 लाख से अधिक रुपये मिलेंगे. पूरा-पूरा देखें तो 70 लाख 59 हजार 828 रुपये. यदि आप 3 हजार रुपये प्रतिमाह निवेश करेंगे तो आपको 30 साल बाद 1 करोड़ से अधिक रुपये मिलेंगे. इसके लिए आपको 10 लाख 80 हजार रुपये निवेश करने होंगे.

निवेश के लिए पैसा कहां से लाएं?
किसी भी काम की शुरुआत मुश्किल ही होती है. यदि आपकी सैलरी कम है तो आपके मन में यह सवाल जरूर आएगा कि आखिर निवेश के लिए पैसा कहां से निकालें. परंतु इस प्रश्न का उत्तर केवल आपके पास ही हो सकता है. आपको खुद तय करना होगा कि आप अपने दूसरे खर्चों में कितनी कटौती कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, यदि एक व्यक्ति (A) एक नौकरी करता है और उसकी सैलरी 15 हजार रुपये महीना है, तो वह 1 हजार रुपये प्रतिमाह का निवेश कर ही सकता है. A को देखना होगा कि वह कहां अधिक खर्च करता है और कहां से महीने का 1 हजार रुपया निवेश के लिए बचाया जा सकता है.

ये है कम्पाउंडिंग की पावर
म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने पर आपको चक्रवृद्धि मुनाफा मिलता है. यही वजह है कि 10 लाख रुपये 30 वर्षों में 1 करोड़ से अधिक में बदल जाते हैं. यहां गौर करने लायक यह भी है कि आपकी सैलरी कितनी है और आप उसका कितना प्रतिशत निवेश कर सकते हैं, जिससे आपके वर्तमान जीवन पर बहुत असर न पड़े और भविष्य में आप “दैवीय कृपा” के हकदार भी हों. इस विषय में निवेश की दुनिया में अलग-अलग एक्सपर्ट विभिन्न राय रखते हैं. कुछ कहते हैं कि आपको अपनी आय का 30 फीसदी हिस्सा निवेश करना चाहिए तो कुछ का कहना है 50 फीसदी तक निवेश किया जाना चाहिए.

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नवरात्रि के पहले दिन का सबक
धन-दौलत और समृद्धि के नजरिए से नवरात्रि का पहला दिन यह सबक देता है कि आपको दृढ़ संकल्प लेकर निवेश की शुरुआत करनी चाहिए. किसी भी बड़े कार्य को शुरू करने से पहले मन में कुछ सवाल जरूर रहते हैं. कुछ शंकाएं हो सकती हैं. परंतु, ध्यान रहे जिस प्रकार देवी का हर भक्त विधान शुरू करने से पहले पंडित की राय लेता है, उसी तरह बेहतर रहेगा कि आप भी निवेश शुरू करने से पहले किसी सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से सलाह लें.

माना जाता है कि मां शैलपुत्री की पूजा से जीवन में उत्साह, चमक और प्रसन्नता आती है. और यदि आप एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निवेश शुरू करते हैं तो भी यकीन मानिए देवी के आशीर्वाद से आपका जीवन में उत्साह, चमक और खुशियों से फूल खिलने शुरू हो जाएंगे.

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