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नवरात्रि वेल्थ स्पेशल: महागौरी के रूप में छिपा है शेयर बाजार में "बिग बुल" बनने का फॉर्मूला

अच्छी कंपनी में पैसा लगाएंगे तो बाजार का बुल (Bull) आपके हक में दौड़ता रहेगा.

अच्छी कंपनी में पैसा लगाएंगे तो बाजार का बुल (Bull) आपके हक में दौड़ता रहेगा.

देवी पार्वती के महागौरी स्वरूप का वर्ण श्वेत है. सफेद रंग (महागौरी का वर्ण, वस्त्र और बैल के रंग) से मतलब फंडामेंटली मज ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले आपको कंपनी को अच्छे से समझना चाहिए.
कंपनी को समझने के बाद आपको इसकी वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए.
कर्ज का मूल्यांकन करना सबसे जरूरी है. यह कंपनी के प्रदर्शन को गिरा सकता है.

नई दिल्ली. आज दुर्गा अष्टमी के दिन आदिशक्ति के महागौरी स्वरूप को पूजा जाता है. देवी की कृपा अथवा अपार धन-संपदा और मन की शांति के लिए बहुत से लोग नवरातों के 9 दिनों में मां की आराधना करते हैं. कहा जाता है कि देवी की कृपा पाना आसान नहीं है, लेकिन यदि आप नव-दुर्गा के स्वरूपों से फाइनेंशियल प्लानिंग के सभी पाठ सीख लें तो यह मुश्किल भी नहीं है.

न्यूज़18 की नवरात्रि वेल्थ स्पेशल सीरीज आज 8वें दिन में आ चुकी है. आज शक्ति के मां महागौरी स्वरूप के माध्यम से हम आपके साथ शेयर बाजार में निवेश के ऐसे सबक शेयर करने जा रहे हैं, जो आपको समृद्धि की तरफ ले जाएंगे. बता दें कि इससे पहले के 7 दिनों पर निवेश के अलग-अलग तरीके और टिप्स शेयर किए जा चुके हैं. यदि आपने उन्हें नहीं पढ़ा है तो इस नवरात्रि आपने बहुत कुछ मिस किया है. आप चाहें तो उन्हें पढ़ सकते हैं. सभी सातों आर्टिकल्स के लिंक इस लेख के अंत में दिए गए हैं.

मां महागौरी के स्वरूप के बारे में अहम जानकारी
जब देवी पार्वती की आयु कम थी, उनके तब के स्वरूप को महागौरी कहा गया है. महागौरी इसलिए, क्योंकि उनका वर्ण श्वेत है. वे समस्त वस्त्र भी सफेद रंग के ही धारण करती हैं. वाहन वृषभ अर्थात बैल है, जिसका रंग भी पूरी तरह सफेद है.

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नव-दुर्गा की विभिन्न कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती ने शैलपुत्री के रूप में भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था. हजारों वर्षों के कठिन तप के बाद उनकी कामना पूरी हुई थी. नवरात्रों का पहला दिन मां शैलपुत्री का है. हमने अपनी इस वेल्थ स्पेशल सीरीज में पहले ही दिन उनके इसी स्वरूप के माध्यम से निवेश का जरूरी पाठ (Lesson) शेयर किया था, जो व्यक्ति को निवेश करने और उसमें बने रहने को प्रेरित करता है.

क्या सिखाता है महागौरी स्वरूप?
दुनिया जानती है कि बेहतर रिटर्न के लिए निवेश की सबसे अच्छी जगह शेयर बाजार है. वारेन बफे का नाम दुनिया से सबसे बड़े अरबपतियों में शुमार है. वे शेयर बाजार से ही अरबपति बने हैं. भारत में बिग बुल राकेश झुनझुनवाला (जो अब इस दुनिया में नहीं है) भी शेयर बाजार में निवेश करके अमीर बने. इसी तरह और भी बहुत-से निवेशकों ने शेयर बाजार के माध्यम से करोड़ों-अरबों की संपति बनाई है. तो इसमें कोई शक नहीं कि स्टॉक मार्केट में अथाह धन है, लेकिन उसे पाने का तरीका आना चाहिए. मां महागौरी का स्वरूप स्पष्ट रूप से हमें वह तरीका बताता है.

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निवेश करने से पहले याद रखें “सफेद रंग”
पिछले 7 दिनों में निवेश से संबंधित लभगभ सभी जरूरी चीजें कवर की जा चुकी हैं. आज हम बात कर रहे हैं सीधे शेयर बाजार में पैसा लगाने के बारे में. यहां सफेद रंग (महागौरी का वर्ण, वस्त्र और बैल के रंग) से मतलब फंडामेंटली मजबूत कंपनी से है, जिसकी बैलेंस शीट में कोई गड़बड़ी या नकारात्मकता न हो. इसे पहचानने के लिए आपको निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखना चाहिए. बैल यह संकेत देता है कि आप अच्छी बैलेंस शीट वाली कंपनी में पैसा लगाएंगे तो बाजार का बुल (Bull) आपको लगातार फायदा देता रहेगा.

जब कंपनी के फंडामेंटल एनालिसिस की बात आती है तो इसमें कंपनी के रेवन्यू, अर्निंग, भविष्य में ग्रोथ, रिटर्न ऑन इक्विटी, और प्रोफिट मार्जिन्स जैसी टर्म्स को शामिल किया जाता है. इन सबके विश्लेषण से आप बड़ी आसानी से ऐसी कंपनी खोज सकते हैं, जो आपको आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाएगी. राकेश झुनझुनवाला हमेशा फंडामेंटल्स के आधार पर कंपनियों को परखते थे और पैसा बनाते थे. वे टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के बहुत बड़े फैन थे, क्योंकि वार्षिक आधार पर टाइटन का रेवेन्यू बढ़ रहा था और भविष्य में ग्रोथ करने की अपार संभावनाएं थीं.

1. कंपनी को समझें: जिस कंपनी में आप निवेश करना चाहते हैं, उसके बारे में आपको जानकारी होना बहुत जरूरी है. यह आपको अंदर की जानकारी देगा कि कंपनी कैसा प्रदर्शन कर रही है, क्या कंपनी अपने भविष्य के लक्ष्य के लिए सही निर्णय ले रही है, और क्या आपको स्टॉक रखना चाहिए या नहीं. कंपनी, उसके मैनेजमेंट, उसके प्रमोटरों और उसके उत्पादों के बारे में जानकारी पाने का एक अच्छा तरीका है कि आप कंपनी पर बेवसाइट खंगालें.

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2. कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्ट देखें: कंपनी को समझने के बाद आपको इसकी वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए. इसमें बैलेंस शीट, प्रॉफिट-लॉस स्टेटमेंट, कैश फ्लो स्टेटमेंट, ऑपरेटिंग कॉस्ट, रेवेन्यू, और खर्च इत्यादी शामिल होते हैं. आप इसकी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR), और सेल्स के आधा पर मूल्यांकन कर सकते हैं कि क्या पिछले 5 वर्षों से शुद्ध लाभ बढ़ रहा है या नहीं. यदि कंपनी 5 साल से लगातार अच्छा कर रही है तो इसे एक अच्छा संकेत माना जाता है. आप कह सकते हैं कि कंपनी का भविष्य उजला (सफेद वर्ण) है.

3. कर्ज का पता लगाना न भूलें: कर्ज का मूल्यांकन करना सबसे जरूरी है. यह कंपनी के प्रदर्शन को गिरा सकता है. कोई भी कंपनी आपको तब तक कमाकर नहीं दे सकती, जब तक कि उस पर भारी कर्ज है. पहले वह अपना कर्ज उतारेगी और उसके बाद कुछ कमाएगी तो आपको कुछ लाभांश दे सकती है. तो एक्सपर्ट मानते हैं कि जिन कंपनियों पर बड़ा कर्ज हो, वहां निवेश करने से बचना चाहिए. यदि कंपनी पूरी तरह कर्जमुक्त है तो इस आधार पर कहा जा सकता है कि कंपनी ग्रोथ करेगी और उसका भविष्य मां महागौरी के वर्ण-सा श्वेत हो सकता है. निवेश करने के लिए हमेशा एक ऐसी कंपनी खोजने की कोशिश करें, जिसमें कर्ज इक्विटी अनुपात (debt:equity ratio) 1 से कम हो. यह एक पैरामीटर है.

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4. कंपनी के कंपीटीटर्स को जानें: जिस कंपनी में आप निवेश करना चाहते हैं, वह अपने पीयर्स या समकालीन कंपनियों में से सबसे अच्छी कंपनियों में से एक होनी चाहिए. ऐसी कंपनी खोजने की कोशिश करें जो अन्य कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही हो. कंपनी के पास भविष्य की बेहतर योजनाएं होनी चाहिए. ये आप कंपनी की बैलेंस शीट से देख सकते हैं.

5. भविष्य को ध्यान में रखें: यदि आपको लम्बे समय के लिए किसी शेयर में निवेश करना है तो फंडामेंटल एनालिसिस बेहद जरूरी है. एक आम समझ से आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि कंपनी जो प्रोडक्ट बनाती है या जो सेवाएं देती है, क्या वो अगले 10-15 वर्षों तक कारगर रहेंगे या नहीं. उदाहरण के लिए, हिन्दुस्तान यूनिलीवर ऐसे उत्पाद बनाती है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में काम आते हैं, जैसे कि शैंपू, टूथपेस्ट, साबुन इत्यादी. इन उत्पादों की मांग कभी खत्म नहीं हो सकती.

6. समय-समय पर चेक करते रहें: ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप एक बार देख-परख कर निवेश करें और फिर 20 साल के लिए भूल जाएं. हर कंपनी अपनी सालाना रिपोर्ट पेश करती है. आपको हर साल उस कंपनी की रिपोर्ट पर नजर डालनी चाहिए. यदि उसमें भविष्य में बढ़ने की संभावनाएं हैं तो उसमें निवेश को जारी रखें, नहीं तो आप दूसरी कंपनी की तलाश में लग जाएं.

पिछले 7 भाग
1. निवेश की शुरुआत मुश्किल, लेकिन चल पड़े तो बरसेगी कृपा
2. गिरते बाजार में याद रखें मां ब्रह्माचारिणी का ये मंत्र! छापेंगे पैसा
3. क्यों जरूरी है निवेश में डायवर्सिफिकेशन, ताकि बना रहे बैलेंस
4. फाइनेंशियल प्लानिंग को समझ लिया तो कोई नहीं रोक पाएगा अमीर होने से
5. अच्छे पेरेंट्स बनना है तो मां स्कंदमाता से सीखें निवेश का Lesson
6. शेयर बाजार में हुए Loss को कैसे रिकवर करें? सीखें मां कात्यायनी की कथा से
7. समृद्ध होना है तो “सही समय” पर करें निवेश! बरसेगी अपार दौलत

Note – कल नवरात्रि का 9वां दिन है और इस दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना होती है. कल हम आपके लिए मां सिद्धिदात्री की कथा के माध्यम से निवेश के कुछ मंत्र शेयर करेंगे.

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