सरकार से NBFC को बड़ी राहत, अब कंपनियों को नहीं बेचनी पड़ेगी घाटे में संपत्ति

नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) के लिए अपने पूल्ड एसेट्स को बेचकर रकम जुटाने का रास्ता आसान हो गया है.

News18Hindi
Updated: August 14, 2019, 1:32 PM IST
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Updated: August 14, 2019, 1:32 PM IST
नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) के लिए अपने पूल्ड एसेट्स को बेचकर रकम जुटाने का रास्ता आसान हो गया है. क्योंकि सरकार ने मंगलवार को बैंकों के लिए पूल्ड एसेट्स खरीदने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. इसके मुताबिक, बैंक (Bank) उन्हीं पूल्ड एसेट्स को खरीद सकेंगे जिनकी फ्रेश क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) कराई गई हो. यानी बैंकों को एक बार फिर से क्रेडिट रेटिंग करानी पड़ेगी. इसके लिए सरकार बैंकों को आंशिक रूप से क्रेडिट गारंटी देगी.

इसके अलावा उन्हीं पूल्ड एसेट्स को खरीदना होगा जो 31 मार्च 2003 से पहले के होंगे. साथ ही ये भी कैप रखा गया है कि एनबीएफसी अपने पूल्ड एसेट्स का 20 फीसदी हिस्सा बेच सकेंगे. इससे ज्यादा हिस्सा नहीं बेच सकेंगे. इसके अलावा काफी सारे दिशा-निर्देश भी बैंकों को जारी किए गए हैं.

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दरअसल, बजट में सरकार ने ऐलान किया था कि पूल्ड एसेट्स बेचकर एनबीएसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक जुटा सकती हैं, जिसके लिए उन्हें 6 महीने तक के लिए आंशिक क्रेडिट गारंटी दी गई थी. यानी बैंक अब इसे पहले नुकसान का करीब 10 फीसदी तक कवर करते हुए आंशिक क्रेडिट गारंटी के तहत इस पूल्ड एसेट्स को खरीद सकेंगे और इसके जरिए एनबीएफसी को एक तरह से बहुत राहत मिल सकती है.

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(आलोक प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)
First published: August 14, 2019, 1:32 PM IST
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