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जेट एयरवेज बेचेगी मुंबई की अपनी कुछ संपत्तियां, NCLT ने दी मंजूरी

एनसीएलटी ने जेट एयरवेज को अपने कुछ कर्ज निपटाने के लिए मुंबई के बांद्रा में कुछ संपत्तियां बेचने की अनुमति दे दी है.
एनसीएलटी ने जेट एयरवेज को अपने कुछ कर्ज निपटाने के लिए मुंबई के बांद्रा में कुछ संपत्तियां बेचने की अनुमति दे दी है.

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (NCLT) ने जेट एयरवेज (Jet Airways) को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्‍प्‍लेक्‍स में अपने ऑफिस को बेचने की अनुमति दे दी है. इस ऑफिस को बेचकर एयरवेज एचडीएफसी (HDFC) से लिए गए 360 करोड़ रुपये के कर्ज समेत कई भुगतान कर पाएगी.

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नई दिल्‍ली. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (NCLT) ने नकदी संकट और कर्ज में फंसी जेट एयरवेज (Jet Airways) को मुंबई के बांद्रा कुलौ काम्‍प्‍लेक्‍स (BKC) के अपने ऑफिस को बेचने की मंजूरी दे दी है. एयरलाइंस इस बिक्री के जरिये एचडीएफसी (HDFC) का 360 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाएगी. साथ ही विदेश से लिए गए कर्ज (Overseas Lenders) और कॉरपोरेट इंसॉल्‍वेंसी रिजॉल्‍यूशन प्रोसेस के खर्च का भुगतान भी करेगी. जेट एयरवेज के इंसॉल्‍वेंसी रिजॉल्‍यूशन प्रोफेशनल आशीष छवछारिया ने गोदरेज केबीसी बिल्डिंग के तीसरे और चौथे फ्लोर को बेचने की अनुमति मांगी थी, ताकि कर्ज का निपटान किया जा सके.

कर्जदाताओं की समिति ने 24 अप्रैल को ही दे दी थी मंजूरी
छवछारिया ने एनसीएलटी से कहा था कि इस बिक्री से मिलने वाली पूंजी से एचडीएफसी के अलावा अमेरिका की एक्‍सपोर्ट-इम्‍पोर्ट बैंक (US Exim Bank) का कर्ज भी चुकाया जाएगा. इससे एयरलाइन की वैल्‍यू (Valuation) में इजाफा हो सकेगा. इससे पहले कर्जदाताओं की समिति (CoC) की 24 अप्रैल को हुई 10वीं बैठक में 74.45 फीसदी वोट के साथ इस बिक्री के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी थी. बांद्रा कुर्ला बिल्डिंग में मौजूद संपत्ति का एयरलाइन ने कभी इस्‍तेमाल नहीं है. कर्जदाता एचडीएफसी ने इस संपत्ति का रिजर्व प्राइस 490 करोड़ रुपये रखा है.

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यूएस एक्जिम बैंक के पास हैं जेट एयरवेज के 6 विमान


एनसीएलटी की मंजूरी के बाद इस संपत्ति की नीलामी (Auction) 26 जून को किए जाने की उम्‍मीद है. आदेश में कहा गया है कि यूएस एक्जिम बैंक के पास एयरलाइन कंपनी के 6 विमानों (Aircraft) के अधिकार हैं, जिनकी कीमत करीब 1,400 करोड़ रुपये है. एनसीएलटी ने कहा है कि अगर एयरलाइन ने अमेरिकी बैंक को कर्ज का भुगतान नहीं किया है तो 6 विमानों पर यूएस एक्जिम बैंक का मालिकाना हक हो जाएगा. यूएस एक्जिम बैंक ने सहमति जताई है कि अगर एयरलाइन 90 करोड़ रुपये का भुगतान कर देती है तो सभी विमान कॉरपोरेट कर्जदाता (Corporate Lenders) को ट्रांसफर कर देगा.

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बैंकों और कर्जदाताओं का 8,000 करोड़ है बकाया
नकदी संकट (Cash-Strapped) में फंसी जेट एरवेज ने अप्रैल 2019 में ही अपने सभी विमानों की उड़ानें बंद कर दी थीं. एयरलाइन कंपनी पर विभिन्‍न बैंकों और कर्जदाताओं का करीब 8,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. इनमें सरकारी बैंकों की बड़ी हिस्‍सेदारी है. एनसीएलटी की मुंबई बेंच ने 20 जून 2019 को स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्‍व में कर्जदाताओं के कंजोर्टियम की ओर से दायर याचिका (Insolvency Petition) को स्‍वीकार करते हुए सुनवाई शुरू कर दी थी.

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