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Zee Entertainment को NCLT से बड़ा झटका, इनवेस्को की मांग पर बुलानी ही होगी EGM

Zee Entertainment को NCLT से बड़ा झटका, इनवेस्को की मांग पर बुलानी ही होगी EGM

NCLT ने गुरुवार को कहा ZEEL को EGM बुलानी ही होगी

NCLT ने गुरुवार को कहा ZEEL को EGM बुलानी ही होगी

NCLT ने गुरुवार को कहा कि ZEEL के बोर्ड को कानूनों के तहत इनवेस्को डिवेलपिंग मार्केट फंड्स की मांग के मुताबिक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलानी ही होगी.

    नई दिल्ली. Zee Entertainment Enterprise Ltd (ZEEL) को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से बड़ा झटका लगा है. NCLT ने गुरुवार को कहा कि ZEEL के बोर्ड को कानूनों के तहत इनवेस्को डिवेलपिंग मार्केट फंड्स की मांग के मुताबिक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलानी ही होगी. इनवेस्को ZEEL की सबसे बड़ी एकल शेयरहोल्डर है. इनवेस्को और OFI ग्लोबल चाइना फंड LLC के पास ZEEL की कुल 17.88 पर्सेंट हिस्सेदारी है. दोनों निवेशकों ने 29 सितंबर को NCLT का रुख किया था.

    इससे दो हफ्ते पहले दोनों निवेशकों ने ZEEL के MD और CEO पुनीत गोयनका सहित तीन डायरेक्टरों को कंपनी के बोर्ड से हटाने की मांग को लेकर EGM बुलाने की मांग की थी. NCLT ने इनवेस्को की याचिका पर सुनवाई करते हुए पाया कि कानूनों के तहत ZEEL को EGM बुलानी चाहिए. ट्राइब्यूनल ने यह भी कहा कि EGM बुलाने या नहीं बुलाने के फैसले पर बोर्ड को तय करने का अधिकार नहीं है.

    NCLT ने कही ये बात
    NCLT ने कहा कि 10 पर्सेंट से ज्यादा की हिस्सेदारी शेयरहोल्डरों की मांग पर EGM बुलाने से इनकार करने का बोर्ड के पास कोई अधिकार नहीं है. कंपनी एक्ट 2013 के सेक्शन 100 के तहत, लिस्टेड कंपनियों को 10 पर्सेंट से अधिक हिस्सेदारी वाले शेयरहोल्डरों से EGM का आग्रह मिलने के तीन हफ्तों के भीतर इस बैठक को बुलाना होता है.

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    4 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
    एनएसीएलटी ने कहा कि ZEEL को सेक्शन 100 के नियमों को पालन करना होगा और बोर्ड के पास इससे इनकार करने का अधिकार नहीं है. एनएसीएलटी ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 अक्टूबर की तारीख तय की है.

    इनवेस्को की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि इनवेस्कों को मजबूरन एनएसएलटी के सामने याचिका देनी पड़ी क्योंकि EGM बुलाने की मांग किए 21 दिन होने को हैं और ZEEL ने अभी तक उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया है.

    रोहगती ने कहा, “मुझे इससे कंपनी (ZEE) के रोजाना के कामकाज को लेकर चिंता हो रही है. हमें डर है कि हमारा निवेश डूब सकता है. हमने कंपनी में करीब 5,000 करोड़ रुपये निवेश किया है.” ZEEL और सोनी के बीच मर्जर की ओर इशारा करते हुए इनवेस्को ने कहा कि उसे आशंका है कि EGM को मांग को तबतक के लिए टाला जा सकता है, जब तक कि उनकी हिस्सेदारी इस डील के चलते कम न हो जाए.

    Tags: Business news in hindi, Sony TV, Zee tv

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