ट्रायल पूरा, जल्द इन ट्रेनाें में जुड़ेंगे '3-टियर इकोनॉमी क्लास कोच', ऐसे हाेंगे फीचर

इस इकॉनमी क्लास काेचेस काे कुछ अनुमतियां मिलना शेष

इस इकॉनमी क्लास काेचेस काे कुछ अनुमतियां मिलना शेष

रेलवे की योजना में कई ट्रेनों में स्लीपर क्लास के कुछ कोच हटाकर एसी-3 इकॉनॉमी कोच लगाने की भी है. इससे कम पैसे में लोगों को एसी-3 में सफर का आनंद मिल सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 5:49 AM IST
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नई दिल्ली. रेलवे के यात्रियाें के लिए अच्छी खबर है भारतीय रेलवे (Indian Railway) की पहली एसी-3 इकॉनॉमी क्लास (AC three-tier economy class) का ट्रायल पूरा हाे गया है. रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में इस बात की पुष्टि की है. रेलवे मंत्रालय के अनुसार इस इकॉनमी क्लास काेचेस काे कुछ अनुमतियां मिलना शेष है जिसके बाद इसे एलबीएच काेचेस के साथ लगाया जाएगा. इसमें राजधानी, शताब्दी, दूराेंताे, और जनशताब्दी शामिल नहीं हाेगी. यह कोच कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है



शानदार सुविधाओं के साथ मिलेंगे ये कोच



आपको बता दें भारतीय रेलवे में अब तक एसी के तीन क्लास ही मौजूद थे. हालांकि, लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते गरीब रथ ट्रेनों की शुरुआत की थी, लेकिन गरीब रथ के कोच और नई एसी-3 इकॉनॉमी कोच में बहुत अंतर है. एसी-3 इकॉनॉमी का नया कोच शानदार सुविधाओं और फिनिशिंग के साथ तैयार किया गया है. इस कोच की पहली खेप तैयार हो चुकी है और RCF कपूरथला में इस साल क़रीब 250 कोच तैयार किए जाएंगे.



होंगी 83 बर्थ


एसी- 3 टियर इकॉनोमी क्लास में 83 बर्थ हैं. इसके लिए साइड में 2 की जगह 3 बर्थ रखे गए हैं. जबकि एसी-3 में 72 बर्थ होते हैं. एक कोच में ज़्यादा लोगों के लिए जगह बनाने से रेलवे की आमदनी में बड़ी इज़ाफा होगा. हालांकि, इसका किराया एसी-3 से कम रखा जाएगा



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आइए आपको इस कोच की खासियत के बारे में बताते हैं-



>> इस कोच के बर्थ काफी हल्के लेकिन मजबूत रखे गए हैं.



>> हर बर्थ के साथ स्नैक्स टेबल की व्यवस्था की गई है.



>> हर बर्थ के साथ चार्जिंग के लिए पोर्ट दिए गए हैं.



>> हर बर्थ के साथ रिडिंग लाइट मौजूद है.



>> उपर के बर्थ पर चढने के लिए बेहतर सीढ़ियां बनाई गई हैं.



>> कोच में फायर अलार्म सिस्टम की व्यवस्था.



>> दिव्यांगों के लिए चौड़े दरवाज़ रखे गए हैं ताकि व्हील चेयर को अंदर तक लाया जा सके.



>> दिव्यांगों के लिए सुविधाजनक टॉयलेट.



>> टायलेट के टैप पैरों से चलाने व्यवस्था रखी गई है ताकि स्वच्छता बरक़रार रखी जा सके.



>> इस कोच में लाइटिंग काफी बेहतर रखी गई है ताकि किसी भी मुसाफिर को परेशानी हो.



सूत्रों के मुताबिक, रेलवे की योजना में कई ट्रेनों में स्लीपर क्लास के कुछ कोच हटाकर एसी-3 इकॉनॉमी कोच लगाने की भी है. इससे कम पैसे में लोगों को एसी-3 में सफर का आनंद मिल सकता है. इसके अलावा पूरी तरह से एसी ट्रेनों को ज़्यादा स्पीड में भी चलाना संभव है. माना जा रहा है कि ऐसे कोच की मांग बढ़ने के साथ ही रेलवे ट्रेनों में कोच के कंपोजिशन को लेकर बड़ा बदलाव कर सकता है और यह रेल सफर के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाला हो सकता है.


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