कोरोना का कहर! दुनिया भर में जून तक 30 करोड़ लोगों की जा सकती है नौकरी

कोरोना का कहर! दुनिया भर में जून तक 30 करोड़ लोगों की जा सकती है नौकरी
मीडिया, IT सेक्टर में जॉब करने वालों की बढ़ेगी टेंशन, मंडरा रहा नौकरी का खतरा!

COVID-19: अप्रैल से जून के दौरान महज तीन महीने में ही करीब 30.5 करोड़ लोगों की पूर्णकालिक नौकरियां समाप्त हो सकती हैं.

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जिनेवा. संयुक्त राष्ट्र की श्रम इकाई अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (UN labour agency) ने कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pamdemic) के कारण लोगों की जाने वाली नौकरियों की आशंका एक बार फिर से बढ़ा दी है. संगठन के अनुसार अप्रैल से जून के दौरान महज तीन महीने में ही करीब 30.5 करोड़ लोगों की पूर्णकालिक नौकरियां समाप्त हो सकती हैं. संगठन ने पिछले पूर्वानुमान में कहा था कि इस महामारी के कारण जून तिमाही में हर सप्ताह औसतन 48 घंटे की कार्यावधि वाले 19.5 करोड़ पूर्णकालिक नौकरियों का नुकसान हो सकता है. संगठन ने कहा कि महामारी पर काबू पाने के लिये दुनिया भर में लॉकडाउन के बढ़ाये जाने से उसे अनुमान में संशोधन करना पड़ा है.

1.6 अरब कामगारों के समक्ष जीवनयापन का खतरा
संगठन ने कहा कि इस महामारी के कारण अनौपचारिक क्षेत्र के 1.6 अरब कामगारों के समक्ष जीवनयापन का खतरा उत्पन्न हो चुका है क्योंकि महामारी के कारण उनके रोजी-रोटी के साधन बंद हो चुके हैं. यह पूरी दुनिया के 3.3 अरब कार्यबल का करीब आधा है.

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अमेरिका की GDP हुई -4.8 फीसदी


रोना महामारी संकट का असर अब दुनियाभर में दिखने लगा है. जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ गिरकर निगिटेव हो गई है. यह -4.8 फीसदी पर आ गई है. जबकि, अर्थशास्त्री इसके -3.8 फीसदी होने का अनुमान लगा रहे थे. इस पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इससे आर्थिक मंदी की आशंकाएं तेज हो गई है. वहीं, अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़े और खराब हो सकते है. क्योंकि अप्रैल से दुनियाभर में लॉकडाउन है और आर्थिक गितिविधियां पूरी तरह से बंद है.

बेरोजगारी दर में आई गिरावट
देशभर में लॉकडाउनके बीच आंशिक छूट के बाद बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) में गिरावट आई है. 26 अप्रैल को समाप्त हुए तिमाही में बेरोजगारी दर में यह कमी कुछ जगहों पर नियंत्रित कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फिर से शुरू किए जाने की वजह से आया है. सेंटर फॉर मानिटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की डेटा के मुताबिक, 26 अप्रैल को समाप्त तिमाही के दौरान भारत में बेरोजगारी दर गिरावट के साथ 21.05 फीसदी रही. इसके पहले 19 अप्रैल तक यह 26.19 फीसदी थी.

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