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दिलचस्प कहानी: राहुल बजाज के नाम से नाराज थीं इंदिरा गांधी, नेहरू ने रखा था नाम

दिलचस्प कहानी: राहुल बजाज के नाम से नाराज थीं इंदिरा गांधी, नेहरू ने रखा था नाम

बजाज और गांधी परिवार के बीच एक खास दोस्ती रही है. ये कहानी इसी दोस्ती का महज एक किस्सा भर है.

बजाज और गांधी परिवार के बीच एक खास दोस्ती रही है. ये कहानी इसी दोस्ती का महज एक किस्सा भर है.

बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज (Rahul Bajaj) जब पैदा हुए तो जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) ने उनको राहुल नाम दिया था. ये बात जब इंदिरा गांधी (Indira) को पता चली तो वे नाराज हो गईं.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. भारतीय कारोबार जगत का एक जगमगाता नाम है बजाज (Bajaj). 70 से 90 के दशक तक बजाज स्कूटर (Bajaj Scooter) की तूती बोलती थी. बुकिंग के बाद कई-कई वर्षों तक डिलीवरी पाने का इंतजार रहता था. जिस घर में बजाज स्कूटर होता था, पूरे शहर में उसके चर्चे होते थे. विज्ञापन सीरीज ‘हमारा बजाज’ काफी प्रसिद्ध हुई थी. आप इसे आज भी यूट्यूब (YouTube) पर देख सकते हैं. वहीं अगर बात करें वर्तमान की तो आज भी मोटरसाइकिल बाजार का एक बड़ा शेयर बजाज के पास है. तो आप समझ सकते हैं भारतीय ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में बजाज की हैसियत कितनी ऊंची है. इस बड़े बिजनेस घराने को सफलता के इस मुकाम तक लाने का श्रेय जाता है राहलु बजाज (Rahul Bajaj) को. राहुल बजाज की कहानी

राहुल बजाज इस समय तीन कंपनियों के चेयरमैन हैं. बजाज ऑटो, बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट और बजाज फिनसर्व. बजाज ऑटो दोपहिया और तीन-पहिया वाहन बनाती है, बजाज होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट एक इन्वेस्टमेंट कंपनी है और बजाज फिनसर्व का काम फाइनेंस सर्विस से जुड़ा हुआ है. आज हम आपको राहुल बजाज (Rahul Bajaj) से जुड़ा एक ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं, जो बड़ा दिलचस्प है. परंतु उस किस्से को जानने से पहले बजाज परिवार के बारे में थोड़ा जान लेना जरूरी है.

राहुल बजाज और उनका परिवार

राहुल बजाज का जन्म 10 जून 1938 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ था. उनके पिता का नाम था कमलनयन बजाज (Kamalnayan Bajaj) और माता का नाम था सावित्री बजाज (Savitri Bajaj). कमलनयन के पिता मतलब राहुल बजाज के दादा का नाम था जमनालाल बजाज (Jamnalal Bajaj). राहुल के दादा जमनालाल बजाज (1889-1942) को महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) अपना पांचवां बेटा मानते थे. जमनालाज जी भारत के पहले प्रधानमंत्री बने जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) के भी अच्छे दोस्त थे.

राहुल बजाज के नाम पर क्यों नाराज थीं इंदिरा गांधी

कमलनयन बजाज (राहुल बजाज के पिता) और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) एक ही स्कूल में पढ़ते थे. कमलनयन की शादी हो गई. उनके घर में बच्चे का जन्म हुआ. चूंकि कमलनयन बजाज और जवाहरलाल नेहरु पक्के दोस्त थे तो उनके बच्चे के नामकरण खुद जवाहरलाल नेहरू ने किया, जो था राहुल (Rahul). नाम रख दिया गया. फिर पता चला इंदिरा गांधी को, कि कमलनयन ने अपने बच्चे का नाम राहुल रखा है तो वे नाराज हो गईं. इंदिरा गांधी की नाराजगी इसलिए थी कि वे खुद अपने बच्चे का नाम राहुल रखना चाहती थीं.

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समय बीता, 1942 में इंदिरा गांधी ने फिरोज गांधी (Firoze Gandhi) के साथ शादी कर ली. 1944 में इंदिरा के घर एक बेटे ने जन्म लिया और उसका नाम राहुल न रखकर राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) रखा गया, जो बाद में भारत के प्रधानमंत्री बने. उधर, राहुल बजाज जवान हुए तो 1961 में उनकी शादी हो गई. तब की मराठी ब्यूटी क्वीन कही जाने वाली लड़की रूपा गोलप (Rupa Gholap) उनकी पत्नी बनीं. 1966 में राहुल बजाज पिता बने और उनके घर में एक लड़के ने जन्म लिया. राहुल बजाज और रूपा बजाज ने अपने बेटे का नाम राजीव रखा. मतलब कि इंदिरा गांधी के बेटे राजीव के नाम पर ही राहुल बजाज ने अपने बेटे का नाम राजीव रख दिया.

कहानी यहीं खत्म नहीं होती. इसके बाद जब राजीव गांधी जवान हुए तो 1968 में उन्होंने सोनिया गांधी से शादी कर ली. राजीव और सोनिया गांधी के घर 1970 में पहले बच्चे ने जन्म लिया, जिसका नाम राहुल रखा गया. राहुल गांधी. है न दिलचस्प बात!

Tags: Bajaj Group, Corporate Kahaniyan, Indira Gandhi, Rajiv Gandhi

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