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भारत से भी तेज रहेगी बांग्लादेश और नेपाल की इकोनॉमिक ग्रोथ, वर्ल्ड बैंक ने ​दक्षिण एशिया में सुस्ती का लगाया अनुमान

News18Hindi
Updated: October 13, 2019, 2:12 PM IST
भारत से भी तेज रहेगी बांग्लादेश और नेपाल की इकोनॉमिक ग्रोथ, वर्ल्ड बैंक ने ​दक्षिण एशिया में सुस्ती का लगाया अनुमान
बांग्लादेश के गार्मेंट इंडस्ट्री में काम करती महिलाएं

वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने अपने एक हालिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि साल 2019 में पूरी दुनिया की तरह ही दक्षिण एशिया (South Asia) में आर्थिक सुस्ती (Economic Slodown) देखने को मिलेगी. हालांकि, बांग्लादेश के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है.

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  • Last Updated: October 13, 2019, 2:12 PM IST
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नई दिल्ली. वर्ल्ड बैंक (World Bank Report) की एक हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि 2019 में दक्षिण एशियाई (South Asia) देशों में नेपाल और बांग्लादेश की आर्थिक रफ्तार (Economic Growth) भारत से भी तेज रहेगी. वर्ल्ड बैंक ने इस रिपोर्ट में कहा है कि चालू​ वित्त वर्ष में पूरी दुनिया की तरह ही दक्षिण एशियाई देशों में भी अर्थिक सुस्ती (Economic Slowdown) रहेगी. पाकिस्तान को लेकर इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में मौद्रिक नीतियां (Monetary Policy) कठोर रहने की वजह से यहां की आर्थिक गति 2.4 फीसदी रहेगी. पाकिस्तान को लेकर यह भी कहा गया है कि राजकोषीय दबाव की वजह से यहां घरेलू मांग में कमी जारी रहेगी.

सुस्त हुई दक्षिण एशिया की आर्थिक रफ्तार
​वर्ल्ड बैंक ने अपनी इस रिपोर्ट में कहा है कि दक्षिण ​एशिया में ग्रोथ 5.9 फीसदी रहेगी जो कि अप्रैल 2019 की तुलना में 1.1 फीसदी कम है. हालांकि, इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छोटी अवधि में हल्की तेजी भी देखने को मिल सकती है. कहा जा रहा है कि हाल की मजबूत घरेलू मांग (Domestic Demand) की वजह से ग्रोथ में तेजी रही थी. लेकिन अब यह धीमी हो गई है, जिसकी वजह से इस क्षेत्र में सुस्ती देखने को मिल रही है.

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पाकिस्तान और श्रीलंका पर सबसे अधिक असर
दक्षिण एशिया में आयात पर भी असर पड़ा है. सबसे अधिक आयात पर असर पाकिस्तान और श्रीलंका पर पड़ा है, जहां कुल आयात में 15 से 20 फीसदी तक की कमी आई है. भारत की बात करें तो घरेलू मांग कम होने की वजह से पिछली तिमाही में निजी खपत 3.1 फीसदी रही है. पिछले साल सामान अवधि में यह 7.3 फीसदी रही थी. 2019 की दूसरी तिमाही में उत्पादन 1 फीसदी से भी कम हो गया है.

वर्ल्ड बैंक के दक्षिण एशियाई उपाध्यक्ष हार्टविग शैफर ने कहा, 'औद्योगिक उत्पादन और आयात में कमी और वित्तीय बाजार में टेंशन की वजह से दक्षिण एशियाई बाजार में आर्थिक सुस्ती देखने को मिल रही है.' उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक और घरेलू अनिश्चित्तता को ध्यान में रखते हुए दक्षिण एशियाई देशों को निजी खपत के साथ-साथ निवेश बढ़ाने के लिए अपनी आर्थिक नीतियों में ढील देनी चाहिए.
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इन दो वजहों से आ सकती है तेजी
इस रिपोर्ट में खासतौर पर यह भी कहा गया है कि दक्षिण एशियाई देशों में आर्थिक सुस्ती साल 2008 और 2012 के दौर को दोहराते हुए दिखाई दे रही है. हालांकि, इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निवेश (Investment) और निजी खपत (Private Consumption) में हल्की तेजी भी 2020 के दौरान दक्षिण ए​शियाई देशों के लिए आर्थिक तेजी को 6.3 फीसदी तक पहुंचा सकती है.

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ट्रेड वॉर से बांग्लादेश को सबसे अधिक फायदा
भारत में चालू वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ 6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. इसके बाद साल 2021 में यह 6.9 फीसदी और इसके अगले साल 7.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. वहीं, बांग्लादेश की बात करें तो 2019 में यहां की जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth of Bangladesh) 8.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है. 2019 में यह 7.9 फीसदी रहा था. वहीं, साल 2020 में इसके 7.2 फीसदी रहने और साल 2021 में 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर (Trade War) की वजह से बांग्लादेश के गारमेंट इंडस्ट्री (Garment Industry of Bangladesh) को जबरदस्त फायदा हुआ है.

वर्ल्ड बैंक के दक्षिण एशिया के चीफ इकोनॉमिस्ट हैंस टिमर ने बांग्लादेश को लेकर कहा, 'हाई-फ्रिक्वेंसी डेटा देखने से पता चलता है कि भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका की तुलना में बांग्लादेश बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. हमें यह औद्योगिक उत्पादन से लेकर निर्यात तक के डेटा में दिखाई दे रहा है. इससे साफ पता चलता है कि बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री बेहतर प्रदर्शन कर रही है.'

अन्य दक्षिण एशियाई देशों का क्या रहेगा हाल

>> चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में नेपाल की जीडीपी ग्रोथ 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है. नेपाल में सर्विस और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों, बढ़ते टूरिज्म और पब्लिक खर्च बढ़ने की वजह से यहीं के जीडीपी ग्रो​थ में यह तेजी देखने को मिलेगी.

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>> अफगानिस्तान की बात करें तो यहां चुनाव के बाद राजनीतिक स्थिरता और कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से साल 2019 में जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 3 फीसदी और साल 2021 में 3.5 फीसदी रहने का अनुमान है.

>> भूटान की जीडीपी ग्रोथ चालू वित्त वर्ष में 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है. मालदीव में यह 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है.

>> श्रीलंका में चालू वित्त वर्ष के दौरान 2.7 फीसदी रहने का अनुमान है. हालांकि, निवेश और निर्यात में रिकवरी होने की वजह से यह साल 2020 में 3.3 फीसदी और 2021 में 3.7 फीसदी रह सकता है.

>> पाकिस्तान के ​आर्थिक हालात को लेकर इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां एक और मैक्रोइकोनॉमिक संकट की वजह से अर्थव्यव्स्था सुस्त हो रही. यहां राजकोषीय घाटे के साथ-साथ विदेशी रिजर्व पर भी दबाव बढ़ रहा है. आईएमएफ की मदद के बाद भी पाकिस्तान में ग्रोथ नहीं देखने को मिलेगी.

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First published: October 13, 2019, 1:29 PM IST
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