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सूक्ष्म वित्त संस्थानों को मजबूत बनाने के लिये नये बैंक कानून की जरूरत: यूनुस

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों (सूक्ष्म वित्त संस्थान) को बैंक सुविधाओं से वंचित लोगों तक पहुंचने और सामाजिक कंपनियों के गठन को प्रोत्साहित करने में मदद के लिये नया बैंक कानून बनाये जाने की वकालत की.

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों (सूक्ष्म वित्त संस्थान) को बैंक सुविधाओं से वंचित लोगों तक पहुंचने और सामाजिक कंपनियों के गठन को प्रोत्साहित करने में मदद के लिये नया बैंक कानून बनाये जाने की वकालत की.

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों (सूक्ष्म वित्त संस्थान) को बैंक सुविधाओं से वंचित लोगों तक पहुंचने और सामाजिक कंपनियों के गठन को प्रोत्साहित करने में मदद के लिये नया बैंक कानून बनाये जाने की वकालत की.

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    नई दिल्ली. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों (सूक्ष्म वित्त संस्थान) को बैंक सुविधाओं से वंचित लोगों तक पहुंचने और सामाजिक कंपनियों के गठन को प्रोत्साहित करने में मदद के लिये नया बैंक कानून बनाये जाने की वकालत की.

    उन्होंने कहा कि फिलहाल एक बैंक कानून है जिसमें बैंकों के लिये कई नियमन के प्रावधान किये गये हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण कर्ज के लिये गारंटी या गिरवी रखने से जुड़ा प्रावधान शामिल हैं.

    यूनुस ने 13वें संकल्प ग्लोबल समिट 2021 में कहा, पहली चीज जो मैं कई साल साल से दोहरा रहा हूं, वह माइक्रोफाइनेंस से जुड़ी है. उन्हें कारोबार में पकड़ बनाने के लिये नया बैंक कानून बनाना होगा. उन्होंने कहा कि आज, बैंकों के लिए केवल एक कानून है जिसे बैंकिंग कानून कहा जाता है जो परिभाषित करता है कि बैंकों को क्या होना चाहिए. इसका मतलब है कि आपको गारंटी (गिरवी) और अन्य जरूरतों को पूरा करना होगा.

    यूनुस ने कहा कि गरीबों के लिये बैंक को लेकर एक नया ढांचा बनाने की जरूरत है, जहां नियम गारंटी या गिरवी पर आधारित नहीं हो. उन्होंने कहा, हमें वित्तीय प्रणाली को नया रूप देने की जरूरत है. वित्तीय प्रणाली में, हमें सामाजिक कारोबार वित्तीय प्रणाली, सामाजिक कारोबार बैंक, सामाजिक कारोबार माइक्रो क्रेडिट बैंक आदि बनाने होंगे.

    यूनुस ने बढ़ती आर्थिक विषमता को लेकर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि अगर हर कोई उद्यमी बने, तो यह अंतर समाप्त हो सकता है.

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