सावधान! मोदी सरकार ने आज से लागू किया इनकम टैक्स का सख्त कानून, अब जुर्माना देकर भी नहीं बच पाएगा टैक्स चोर

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रिवाइज्ड गाइडलाइंस के मुताबिक, ब्लैकमनी और बेनामी कानून के तहत किए गए अपराध गंभीर माने जाएंगे जो अभी तक गंभीर नहीं माने जाते थे.

News18Hindi
Updated: June 17, 2019, 3:52 PM IST
सावधान! मोदी सरकार ने आज से लागू किया इनकम टैक्स का सख्त कानून, अब जुर्माना देकर भी नहीं बच पाएगा टैक्स चोर
अब सिर्फ जुर्माना देकर नहीं बच पाएंगे टैक्स चोर
News18Hindi
Updated: June 17, 2019, 3:52 PM IST
टैक्स चोरी करने वालों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) सख्त कदम उठाया है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रिवाइज्ड गाइडलाइंस के मुताबिक, ब्लैकमनी और बेनामी कानून के तहत किए गए अपराध गंभीर माने जाएंगे जो अभी तक गंभीर नहीं माने जाते थे. इसका मतलब है कि अगर कोई शख्स या कंपनी टैक्स चोरी करता है तो सिर्फ टैक्स पेमेंट, पेनाल्टी और ब्याज चुकाने से मामला हल नहीं होगा. Income Tax की नई गाइडलाइंस 17 जून 2019 से लागू हुआ है. आज से टैक्स चोरी के सभी मामलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा.

13 तरह के मामलों की लिस्टिंग की हुई
रिवाइज्ड गाइडलाइंस में 13 तरह के मामलों की लिस्टिंग की गई है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने अपने सीनियर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इसके आधार पर ही टैक्स चोरी से जुड़े मामलों का निपटारा होगा. ये 13 मामले अभी तक गंभीर अपराध की श्रेणी में नहीं आते थे.

 भी पढ़ें: मोदी सरकार का तोहफा! किसानों के लिए लाएगी कैशबैक स्कीम

जानें टैक्स न चुकाना किस अपराध में आएगा
मिंट के मुताबिक, इनकम टैक्स की धारा 115-0 या चैप्टर XVII-B के तहत अगर आप टैक्स नहीं चुकाते हैं तो यह अपराध A कैटेगरी में आता है. सोर्स से टैक्स कलेक्टर करके अगर कोई कंपनी या शख्स टैक्स नहीं चुकाता है तो वह भी इसी कैटेगरी का अपराध माना जाएगा.

विलफुल डिफॉल्ट किस कैटेगरी में आएंगे
Loading...

कैटेगरी B में वो कंपनी या शख्स आएंगे जो टैक्स चोरी के लिए विलफुल डिफॉल्ट करते हैं. इनमें वो भी शामिल होंगे जो जरूरी दस्तावेज या अपने खातों का ब्योरा नहीं देंगे. साथ ही वैरिफिकेशन के लिए फर्जी डॉक्यूमेंट्स मुहैया कराने का अपराध भी इसी कैटेगरी में आएगा.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार खत्म करेगी किसानों की सबसे बड़ी टेंशन!

नए गाइडलाइंस के मुताबिक, इनकम टैक्स की धारा 275 A, 275B और 276 के तहत किया गए अपराध को बेहद गंभीर की श्रेणी में नहीं डाला गया है. नए गाइडलाइंस ने 2014 के गाइडलाइंस की जगह ली है.

रिवाइज्ड गाइडलाइंस के मुताबिक, ब्लैकमनी (अघोषित फॉरेन इनकम और एसेट्स) एंड इंपोजिशन ऑफ टैक्स एक्ट, 2015 के मुताबिक किए गए अपराध को सामान्य नहीं माना जाएगा. बेनामी ट्रांजैक्शन (प्रोहिबिटेशन) एक्ट, 1988 के तहत किए गए अपराध को भी टैक्स अधिकारी अब गंभीर अपराध मानेंगे.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 17, 2019, 3:45 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...