आईटी इंडस्ट्री के दिग्गज टी वी मोहनदास पई का बड़ा बयान, नॉन-कंप्लायंस के लिए Twitter को दंडित किया जाए

टी वी मोहनदास पई

टी वी मोहनदास पई (T V Mohandas Pai) ने सरकार से मांग की है कि वह नियमों का पालन न करने के लिए ट्विटर (Twitter) को दंडित करे.

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    बेंलगुरु. आईटी इंडस्ट्री के दिग्गज टी वी मोहनदास पई (T V Mohandas Pai) ने बुधवार को सरकार से मांग की कि वह इंटरमीडियरी गाइडलाइंस (Intermediary Guidelines) का पालन न करने के लिए माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) को दंडित करे. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विटर वैचारिक रूप से निष्पक्ष नहीं है.

    इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर रहे पाई ने कहा कि सरकार को कानूनी नियम लागू करते हुए ट्विटर को आईटी नियमों का पालन न करने के लिए दंडित करना चाहिए और सरकार को 'कंप्लायंस के लिए अनुरोध' करने की जरूरत नहीं है.

    भारत की संप्रभुता और कानून किसी भी MNC से ज्यादा महत्वपूर्ण
    पई ने कहा, ''लगभग सभी कंपनियों ने कंप्लायंस किया और ट्विटर या कोई भी दूसरी कंपनी खास नहीं है. भारत की संप्रभुता और कानून किसी भी एमएनसी से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.'' उन्होंने कहा कि ट्विटर को नियमों के पालन के लिए काफी समय दिया गया और कंपनी पक्षपाती बन गई है और यह वह निष्पक्ष प्लेटफॉर्म नहीं रही.

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    ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों के एकाधिकार का मोहताज न हो भारत
    पई ने कहा कि सरकार को कॉम्पीटीशन को बढ़ावा देकर और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए उचित नियम लाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत अब और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों के एकाधिकार का मोहताज न हो.

    भारतीय कंपनियां दूसरे देशों के कानून का पालन करती है
    पई ने कहा, ''जब भारतीय कंपनियां दुनिया भर में काम करती हैं, वे उन देशों के कानूनों का पालन करती हैं और इस बात का औचित्य नहीं है कि भारत अपने कानूनों का पालन न करने वाली इन एमएनसी के साथ नरमी बरते. कानून के तहत सब बराबर हैं.''

    रविशंकर प्रसाद बोले- नियमों के पालन में फेल रहा ट्विटर
    गौरतलब है कि भारत में ट्विटर को मिला कानूनी संरक्षण अब खत्म हो गया है. आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट्स करके इस मामले पर सरकार का रुख साफ किया. प्रसाद ने कहा, 'इस बात को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्विटर भारत में कानूनी सुरक्षा पाने का हकदार है? इस मामले का साधारण तथ्य यह है कि ट्विटर 26 मई से लागू हुए नए आईटी कानूनों का पालन करने में नाकाम रहा है.'

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