इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए कौन से फॉर्म का करें इस्तेमाल, यहां जानें!

CBDT ने FY2018-19 यानी एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए नया आईटीआर फॉर्म नोटिफाई किया है.
CBDT ने FY2018-19 यानी एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए नया आईटीआर फॉर्म नोटिफाई किया है.

CBDT ने FY2018-19 यानी एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए नया आईटीआर फॉर्म नोटिफाई किया है.

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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू हो गया. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने FY2018-19 यानी एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए नया आईटीआर फॉर्म नोटिफाई कर दिया है. नए नोटिफाइड फॉर्म ITR 1 सहज, 2, 3, 4 सुगम, 5, 6, 7 हैं. पिछले साल की तुलना में इस साल टैक्सपेयर्स से रिटर्न फॉर्म्स में अधिक जानकारी मांगी गई है. नए आईटीआर फॉर्म्स में टैक्स पेयर्स को इस बार भारत में निवास के दिनों की संख्या, अनलिस्टेड शेयर्स की होल्डिंग और टीडीएस होने पर किरायेदार का पैन जैसी नई जानकारियां देनी होंगी. (ये भी पढ़ें: मतदान के दिन वोट दें, पेट्रोल-डीजल पर मिलेगी छूट)

आपको बता दें कि नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए आईटीआर-1 फॉर्म भरना होता है. पिछले साल आईटीआर-1 फॉर्म में हाउस प्रॉपर्टी से आय की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी.

ITR-1 सहज
ITR-1 फॉर्म ऐसे नागरिकों के लिए हैं जिनकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है. यह सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और ब्याज से होने वाली इनकम होती है. ITR 1 सहज एक पेज का फॉर्म है.
50 लाख तक की इनकम तीन तरह से होनी चाहिए.



>> सैलरी या पेंशन से आय
>> एक हाउस प्रॉपर्टी से आय
>> अन्य स्रोतों से आय

नोटिफाई किए गए फॉर्म के मुताबिक, इस आईटीआर फॉर्म को वह व्यक्ति इस्तेमाल नहीं कर सकता, जो कंपनी का डायरेक्टर है या जिसने अनलिस्टेड इक्विटी शेयर में निवेश किया है.

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ITR 2
आईटीआर- 2 फॉर्म उन लोगों और अविभाजित हिंदू परिवारों (HUFs) के लिए है, जिन्हें किसी कारोबार या पेशे से कोई प्रॉफिट या लाभ नहीं होता है. आईटीआर-2 में आपको अपने निवास स्थान से जुड़ी जानकारी देनी होगी कि आप वित्त वर्ष 2018-19 में आप वहां के निवासी थे या नहीं. या साधारण निवासी थे और नॉन-रेजिडेंट थे. अगर आपके पास किसी अनलिस्टेड कंपनी के शेयर हैं तो आपको आईटीआर-2 में इसकी जानकारी देनी होगी. इस जानकारी में कंपनी, पैन, शेयरों की संख्या और आपके द्वारा खरीदे या बेचे गए शेयरों की जरूरत होगी.

ITR 3
आईटीआर- 2 फॉर्म उन लोगों और अविभाजित हिंदू परिवारों (HUFs) के लिए है, जिन्हें किसी कारोबार या पेशे से कोई प्रॉफिट या लाभ होता है.

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ITR 4 सुगम
आईटीआर- 4 सुगम फॉर्म उन लोगों के लिए जिनकी कारोबार या पेशे से आय हो रही है.

ITR 5
आईटीआर- 5 इंडिविजुअल, एचयूएफ, कंपनी और ITR-7 फॉर्म भरने वालों के अतिरिक्त अन्य टैक्स पेयर्स के लिए है.

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ITR 6
आईटीआर- 6 फॉर्म सेक्शन 11 के तहत छूट का दावा करने वाली कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों के लिए है.

ITR 7
ऐसी कंपनियों और लोगों के लिए जिन्हें सेक्शन 139(4A) या 139(4B) या 139(4C) या 139(4D) या 139(4E) या 139(4F) के तहत रिटर्न भरने की जरूरत है.

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