विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगेगी नई लेवी, आयकर विभाग ने डिजिटल टैक्‍स फॉर्म में किया बदलाव

विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगेगी नई लेवी, आयकर विभाग ने डिजिटल टैक्‍स फॉर्म में किया बदलाव
आयकर विभाग ने ि‍विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों से 2 फीसदी नई लेवी वसूलने के लिए डिजिटल टैक्‍स फॉर्म में संशोधन किया है.

केंद्र सरकार ने बजट 2020 (Union Budget 2020) में विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों (Foreign E-commerce Companies) पर नया शुल्‍क (Levy) लगाने का प्रावधान किया था. ये नियम 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हो गई है. आयकर विभाग (IT Department) ने लेवी के ऑनलाइल भुगतान में इस्‍तेमाल किए जाने वाले चालान ITNS 285 में संशोधन किया है.

  • Share this:
नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों (Foreign E-commerce Companies) की ओर से भारत में किए गए डिजिटल लेनदेन (Digital Transactions) पर नई 2 फीसदी लेवी (Levy) का भुगतान करने के विकल्प को शामिल करने के लिए डिजिटल टैक्‍स फॉर्म (Digital Tax Form) में बदलाव कर दिए हैं. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बजट 2020 में इस नई लेवी को पेश किया था, जो 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हो गई है. विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों को इसकी पहली किस्‍त का भुगतान 7 जुलाई तक करना है.

आयकर विभाग ने चालान ITNS 285 में किया है संशोधन
आयकर विभाग (IT Department) ने लेवी के ऑनलाइल भुगतान में इस्‍तेमाल किए जाने वाले चालान ITNS 285 में संशोधन किया है. अब कटौतीकर्ता श्रेणी के प्रकार के तहत ई-कॉमर्स आपूर्ति या सेवाओं के लिए ई-कॉमर्स ऑपरेटर और कटौतीकर्ता या ई-कॉमर्स कंपनी के पैन का स्थायी खाता संख्या को डिजिटल टैक्‍स फॉर्म में शामिल कर दिया गया है. संशोधित चालान में भुगतानकर्ता (Payee) के एड्रेस का ब्‍योरा मांगते समय 'आउटसाइड इंडिया' (Outside India) का विकल्प दिया गया है. इससे विदेशी कंपनियां अपना पूरा ब्‍योरा देकर देय भुगतान कर सकेंगी.

ये भी पढ़ें- FD में निवेश करने वालों के लिए अच्‍छी खबर! मुनाफे पर 31 जुलाई तक नहीं कटेगा टैक्‍स
कंपनियों का एक साल लेवी टालने का अनुरोध किया खारिज


आयकर विभाग की ओर से ये फॉर्म ये बदलाव तब किया गया है, जब सरकारी प्राधिकरणों ने नई लेवी को लागू करने के लिए पूरी जमीन तैयार कर दी है. हालांकि, इस बीच अमेरिका (US) ने जांच शुरू कर दी है कि क्या भारत (India) और नौ अन्य देशों की ओर से लगाया गया डिजिटल टैक्‍स उनकी कंपनियों के साथ भेदभाव तो नहीं कर रहे हैं. चालान में किए गए संशोधन (Modification) से साफ है कि सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठनों की ओर से एक साल के लिए लेवी टालने (Deferment) के अनुरोध को दरकिनार कर दिया है.

ये भी पढ़ें- एक और कंपनी पर बड़े घोटाले का आरोप, निवेशकों और बैंकर्स को 600 करोड़ रुपये का चूना लगाया

भुगतान में ई-कॉमर्स कंपनियों को पेश आएंगी काफी चुनौतियां
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस कदम से विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों पर बहुत कम समय में पैन हासिल करने और सभी नियमों का पालन करने का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है. नांगिया एंडरसन एलएलपी के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि लॉकडाउन और महामारी के कारण पहले ही कारोबारी गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हैं. इस बीच सरकार ने अनिवासी ई-कॉमर्स कंपनियों को एक व्यावसायिक दिन के भीतर पैन हासिल करने के चुनौती भरे काम में लगा दिया है. उन्‍होंने कहा कि जल्दबाजी में किए गए बदलाव के कारण विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के सामने भुगताान करने में काफी चुनौतियां पेश आ सकती हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading