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इन कंपनियों को नहीं मिलेगा 15% कॉर्पोरेट टैक्स छूट का फायदा, वित्त मंत्री ने किया टैक्स बिल में संशोधन

News18Hindi
Updated: November 26, 2019, 1:14 PM IST
इन कंपनियों को नहीं मिलेगा 15% कॉर्पोरेट टैक्स छूट का फायदा, वित्त मंत्री ने किया टैक्स बिल में संशोधन
कंपनियों को 15% के लोअर कॉर्पोरेट टैक्स रेट का लाभ नहीं मिल पाएगा

इस संशोधन के मुताबिक खनन, किताबों की छपाई, फिल्म निर्माण, सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट का कारोबार करने वाली कंपनियों को 15% के लोअर कॉर्पोरेट टैक्स रेट का लाभ नहीं मिल पाएगा.

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  • Last Updated: November 26, 2019, 1:14 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Niramala Sitharaman) ने सोमवार को लोकसभा में टैक्स कानून (संशोधन) विधेयक, 2019 को पेश किया. इस संशोधन के मुताबिक खनन, किताबों की छपाई, फिल्म निर्माण, सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट का कारोबार करने वाली कंपनियों को 15% के लोअर कॉर्पोरेट टैक्स रेट का लाभ नहीं मिल पाएगा. 30 सितंबर 2019 को जारी अध्यादेश को हटाकर उसकी जगह एक कानून बनाने के मकसद से यह विधेयक पेश किया गया है. अध्यादेश के जरिए कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 22% (इनसेंटिव बिना) और नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए 15% का टैक्स कर दिया गया था.

विधेयक में सरकार को उन एक्टिविटीज को नोटिफाई करने का अधिकार दिया गया है, जो 15% के लोअर रेट से टैक्स देने की हकदार नहीं होंगी. विधेयक में मार्बल स्लैब कनवर्जन और गैस की सिलेंडर में बॉटलिंग की एक्टिविटी को भी बिल में लोअर टैक्स ब्रैकेट से बाहर रखा गया है. इसमें सरकार को तय शर्तों का उल्लंघन होने पर 22% के घटे टैक्स रेट का फायदा देने से मना करने का अधिकार भी दिया गया है.

सदन में इंटरनैशनल फाइनैंशल सर्विसेज सेंटर्स (IFSC) अथॉरिटी बिल 2019 भी पेश किया गया
सीतारमण ने महाराष्ट्र में हुए घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों के विरोध प्रदर्शन के चलते लोकसभा की कार्रवाई दिनभर के लिए स्थगित होने से कुछ समय पहले सदन में विधेयक पेश किया. इस दौरान सदन में इंटरनैशनल फाइनैंशल सर्विसेज सेंटर्स (IFSC) अथॉरिटी बिल 2019 भी पेश किया गया.

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इसमें IFSC के लिए यूनिफाइड फाइनैंशल रेगुलेटर बनाने का प्रोविजन किया गया है. सीतारमण ने छूट नहीं लेनेवाली कंपनियो के लिए 20 सितंबर को कॉर्पोरेट टैक्स रेट 30% से घटाकर 22% करने का एलान किया था. उन्होंने कुछ मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स का रेट 25% से घटाकर 15% कर दिया.

इस वजह से उठाया था कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का नियमसरकार ने 30 जून को खत्म पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के 6 साल के निचले लेवल 5% पर चले जाने के बाद देश की इकॉनमी में नई जान डालने के लिए कॉर्पोरेट टैक्स रेट में कटौती करने का कदम उठाया था. सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती को प्रभावी बनाने के लिए अध्यादेश जारी किया था क्योंकि तब संसद का सत्र नहीं चल रहा था. अध्यादेश को संविधानिक प्रक्रिया के तहत संसद के दोनों सदनों में पेश करना जरूरी होता है और यह सदन का सत्र दोबारा शुरू होने के बाद छह हफ्ते में उस दिन निष्प्रभावी हो जाता है जिस दिन इसको नामंजूर करने वाला प्रस्ताव दोनों सदनों में पास हो जाता है.

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First published: November 26, 2019, 1:14 PM IST
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