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    श्रमिकों के महंगाई भत्ता की गणना के लिए नई सीरीज लॉन्च, इससे DA में नहीं हुआ बदलाव

    महंगाई भत्ता गणना के लिए नई सीजरी लॉन्च कर दी
    महंगाई भत्ता गणना के लिए नई सीजरी लॉन्च कर दी

    केंद्र सरकार (Central Govt) ने डीए के भुगतान को हरी झंडी दे दी थी. लेकिन मार्च में कोविड-19 (COVID-19) के चलते लगाए गए देशव्‍यापी लॉकडाउन के दौरान डीए के भुगतान पर रोक (Restriction on payment of DA) लगा दी गई. यह रोक वर्ष 2021 तक के लिए लगाई गई है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 23, 2020, 4:53 PM IST
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    नई दिल्ली. श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने औद्योगिक श्रमिकों के महंगाई भत्ता गणना के लिए नई सीरीज लॉन्च कर दी है. इस सीरीज में 15 साल बाद बदलाव किया गया है. अंतिम बदलाव 2001 में हुआ था जिसे अब आधार वर्ष 2016 के हिसाब से लॉन्च किया गया है. इस दौरान श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि, आने वाले सालों में हर 5 साल पर आधार वर्ष संशोधन किया जाएगा. आपको बता दें इस इडेक्स के जरिए ही औद्योगिक श्रमिकों के महंगाई भत्ता की गणना की जाती है. श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने दावा किया कि इस नई व्यवस्था से मौजूदा हालात के आधार पर महंगाई भत्ते का प्रभावी तौर पर आंकलन करने में आसानी होगी और ये वास्तविकता के ज्यादा करीब रहेगा.

    सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2001 की श्रंखला में इससे जुड़े 78 केंद्र हुआ करते थे जिन्हें 2016 की श्रंखला में बढ़ाकर 88 कर दिया गया है. वहीं, श्रमिक वर्ग से जुड़े आय और खर्च सर्वे के लिए जहां पहले 41,040 परिवारों को शामिल किया जाता था, अब सैंपल साइज 48,384 कर दिया गया है. यही नहीं खुदरा मूल्य के आंकड़े पहले 289 बाजारों से इकट्ठा होते थे अब इनकी संख्या भी बढ़कर 317 हो गई है.

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    समझिए क्या होता है उपभोक्ता मूल्य सूचकांक- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक महत्‍वपूर्ण मापदंड है. इसका इस्‍तेमाल सेवाओं एवं वस्‍तुओं की एवरेज वैल्‍यू यानी औसत मूल्‍य के माप के लिए किया जाता रहा है. वस्‍तुओं एवं सेवाओं के एक स्‍टैंडर्ड ग्रुप की औसत मूल्‍य की गणना करके इसका कैल्‍क्‍युलेशन किया जाता है. इसका इस्‍तेमाल अर्थव्‍यवस्‍था में खुदरा मुद्रास्‍फीति का आकलन करने एवं कर्मचारियों के डीए महंगाई भत्‍ते की गणना के लिए भी होता है.
    डीए पर नहीं होगा कोई असर- श्रम ब्यूरो के महानिदेशक डीपीएस नेगी ने कहा कि नई श्रंखला के आंकड़ों से डीए प्रभावित नहीं होगा. उनके मुताबिक अभी डीए जितना है उसी हिसाब से रहेगा. आने वाले दिनों में डीए तब इकट्ठा किए गए आंकड़ों के आधार पर निर्भर करेगा.

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    21 फीसदी डीए करनी की थी तैयारी- इस साल के शुरुआत में केंद्र सरकार ने डीए के भुगतान को हरी झंडी दे दी थी. प्रक्रिया भी शुरू होने वाली थी लेकिन मार्च में कोरोना महामारी के चलते लगाए गए देशव्‍यापी लॉकडाउन के दौरान डीए के भुगतान पर रोक लगा दी गई. यह रोक वर्ष 2021 तक के लिए लगाई गई है. वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को जो महंगाई भत्‍ते का भुगतान किया जा रहा है वह 17 फीसदी है. इसको बढ़ाकर 21 फीसदी करने की तैयारी थी.

    खाने-पीने का हिस्सा घटाकर 39.17 फीसदी किया- सूचकांक में खाने पीने से जुड़ी चीजों का हिस्सा 1982 में 57 फीसदी हुआ करता था. जिसे 2001 में घटाकर 46.2 फीसदी कर दिया गया है. 2016 सीरीज में इसे और घटाकर 39.17 कर दिया गया है. पान, सुपारी और तंबाकू समेत मादक पदार्थों का हिस्सा 2016 में 2.07 फीसदी हो गया है. वहीं, पेट्रोल डीजल और बिजली की बात की जाए तो ये इस 2001 के 6.43 के मुकाबले 5.5 फीसदी पर है. कपड़े, चप्पल-जूते और बिस्तर जैसी चीजों में का हिस्ता 2001 के 6.57 से घटकर 6.08 फीसदी हो गया है.
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