Corona Impact : पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर से डर रहे लोग, 74% कर्मचारी चाहते हैं जारी रहे वर्क फ्रॉम होम

कोरोना वायरस की चपेट में आने के डर से लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्‍तेमाल करने से डर रहे हैं. लोग चाहते हैं कि वर्क फ्रॉम होम अभी जारी रहे.
कोरोना वायरस की चपेट में आने के डर से लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्‍तेमाल करने से डर रहे हैं. लोग चाहते हैं कि वर्क फ्रॉम होम अभी जारी रहे.

एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री ऑफ इंडिया (Assocham) और कंसल्‍टिंग फर्म प्राइमस पार्टनर्स (Primus Partners) के संयुक्‍त सर्वे के मुताबिक, लोगों में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) से सफर करने को लेकर डर लगातार बढ़ता जा रहा है. सर्वे के मुताबिक, 79 फीसदी लोगों ने लॉकडाउन के दौरान घर पर रहकर ही काम (Work from Home) किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:12 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस का प्रकोप हर दिन बढ़ता जा रहा है. देश में रोज हजारों की संख्‍या में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) के नए पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं. इससे लोगों के मन में संक्रमण को लेकर डर भी हर दिन बढ़ता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि लोग कहीं जाने-आने के लिए सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के इस्‍तेमाल से कतरा रहे हैं. ज्‍यादातर कर्मचारी ऑफिस नहीं जाना चाहते हैं. वे घर पर रहकर ही काम (Work from Home) करने को तरजीह दे रहे हैं. इस बीच एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री ऑफ इंडिया (Assocham) और कंसल्टिंग फर्म प्राइमस पार्टनर्स (Primus Partners) के संयुक्‍त सर्वे में शामिल 74 फीसदी लोगों ने वर्क फ्रॉम होम को जारी रखने पर जोर दिया.

79% कर्मचारियों ने लॉकडाउन में किया वर्क फ्रॉम होम
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, तीन चौथाई लोग या तो वर्क फ्रॉम होम चाहते हैं या फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स (flexible working hours) जैसी सुविधा चाहते हैं. ये संयुक्‍त सर्वे देश के आठ मेट्रो और बड़े शहरों में किया गया. इनमें दिल्‍ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्‍नई, हैदराबाद, कोलकाता, अहमदाबाद और पुणे शामिल हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान 79 फीसदी कर्मचारियों ने घर पर रहकर ऑफिस का काम पूरा किया. लॉकडाउन हटने और चरणबद्ध तरीके से अनलॉक (Unlock) की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी 74 फीसदी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (WFH) के ही पक्ष में हैं. उन्‍हें डर है कि ऑफिस जाते-आते समय वे कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं और उनका परिवार भी खतरे में पड़ सकता है.

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26 फीसदी कर्मचारी ऑफिस में ही करना चाहते हैं काम


संयुक्‍त सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 फीसदी लोग लॉकडाउन के बाद 100 फीसदी वर्क फ्रॉम होम के पक्ष में हैं. वहीं, 56 फीसदी लोगों का कहना है कि आंशिक तौर पर वर्क फ्रॉम होम की पॉलिसी लागू होनी चाहिए. हालांकि, 26 फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जो चाहते हैं कि ऑफिस अब खुल जाने चाहिए. वे ऑफिस में ही अपना काम करना चाहते हैं. लॉकडाउन के दौरान 79 फीसदी लोगों ने वर्क फ्रॉम होम किया तो 11 फीसदी छुट्टी पर रहे और 10 फीसदी कर्मचारी ऑफिस गए. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों के लिए भी वर्क फ्रॉम होम फायदे का सौदा साबित हुआ है. इससे उनके ऑफिस का किराया, बिजली का बिल, पिक एंड ड्रॉप का खर्चा बच गया.

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सैनिटाइजेशन पर ध्‍यान देने से बढ़ेगा यात्रियों का भरोसा
प्राइमस पार्टनर्स के सीईओ (CEO) और सह-संस्‍थापक (Co-Founder) निलय वर्मा ने कहा कि शहरों में ऑफिस जाने वाले ज्‍यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम या फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स (FWH) को तरजीह दे रहे हैं. शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को संकट से उबरने के लिए बड़े बदलाव करने होंगे. लोगों की धारणा बदलने और उनका डर खत्‍म करने के लिए ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स को सैनिटाइजेशन पर बहुत ज्‍यादा ध्‍यान देना होगा. यात्रियों और ड्राइवों के लिए साफ-सफाई पर अतिरिक्‍त ध्‍यान देना होगा. सोशल डिस्‍टेंसिंग के लिए वाहनों में खास इंतजाम करने होंगे. इन मानकों को अपनाने के बाद ही सार्वजनिक वाहनों में घटे यात्रियों की संख्‍या से उबरना संभव है.

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कॉन्‍टैक्‍टलेस टिकटिंग शुरू करने का है अच्‍छा मौका
प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक (MD) और सह-संस्‍थापक (Co-Founder) देवरूप धर ने कहा कि वैश्विक महामारी (Pandemic) के कारण सभी इंडस्‍ट्रीज जबरदस्‍त बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं. मौजूदा माहौल में हर सेक्‍टर तकनीकी समाधान का इस्‍तेमाल करने को मजबूर हो गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी इससे अलग नहीं है. ये पब्लिक ट्रांसपोर्ट अथॉरिटीज (Public Transport Authorities) और सरकार के लिए कॉन्‍टैक्‍टलेस टिकटिंग (Contactless Ticketing) व डिजिटल पेमेंट सिस्‍टम शुरू करने का अच्‍छा मौका है. इससे कम समय में ही पैसेंजर्स का भरोसा पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर बढ़ेगा. साथ ही लंबे समय में इससे डिजिटल इंडिया अभियान को भी फायदा मिलेगा.
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