एक अप्रैल से आपकी टेक होम सैलरी नहीं होगी कम, नए वेज कोड को लागू करने का फैसला टला

नए श्रम कानून के लिए राज्यों ने रूल्स को फाइनलाइज नहीं किया है. इसलिए अब देरी होगी.

नए श्रम कानून के लिए राज्यों ने रूल्स को फाइनलाइज नहीं किया है. इसलिए अब देरी होगी.

केंद्र सरकार (Central government) ने नए वेज कोड (New Wage Code) लागू करने का फैसला टाल दिया है. इससे अब आपकी टेक-होम सैलरी (Take Home Salary) में कमी नही आएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 7:27 PM IST
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नई दिल्ली. एक अप्रैल, 2021 से लागू होने वाले नए वेज कोड (New Wage Code) को टाल दिया गया है. इससे भारतीय कंपनियों को बड़ी राहत मिली है. जबकि कर्मचारियों को भी 1 अप्रैल, 2021 से मिलने वाली सैलरी के स्ट्रक्चर में बदलाव नहीं होगा. इससे अब टेक-होम सैलरी (Take Home Salary) में कमी नही आएगी.

ईटी की खबर के मुताबिक, श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour) के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि नए श्रम कानून के नियमों को लेकर राज्यों ने नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया है. इसके चलते केंद्र सरकार ने अभी वेज कोड (New Wage Code) लाने का फैसला टाल दिया है. अब सरकार के इस फैसले से कंपनियों को सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करने और अपनी HR पॉलिसी को नए वेज कोड्स के मुताबिक ढालने के लिए थोड़ा और समय मिल जाएगा. श्रम मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि उनका मंत्रालय नए श्रम कानूनों को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. जैसे ही राज्यों की तरफ से इसकी सहमति मिल जाएगी, वैसे ही देश में चारों श्रम कानूनों को लागू कर दिया जाएगा.

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सैलरी का बड़ा हिस्सा पीएफ अकाउंट में होता जमा
नए वेज कोड को लागू होने से नौकरी करने वाले अधिकतर लोगों के सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आता. इससे इन-हैंड सैलरी कम हो सकती थी और सैलरी का बड़ा हिस्सा PF अकाउंट में जमा हो जाता. इन नियमों के मुताबिक सैलरी में बेसिक सैलरी का पार्ट 50 प्रतिशत होना जरूरी है, जो कई कंपनियां काफी कम रखती हैं, ताकि उन्हें पीएफ के रूप में कर्मचारियों को अधिक अमाउंट नहीं देना पड़े.

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29 केंद्रीय लेबर कानूनों को मिलाकर बने हैं 4 नए कोड



केंद्र सरकार ने 29 केंद्रीय लेबर कानूनों को मिलाकर 4 नए कोड बनाए हैं. इनका नाम है इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, कोड ऑन ऑक्यू4पेंशनल सेफ्टी, हेल्थन एंड वर्किंग कंडीशंस कोड (ओएसएच), सोशल सिक्योूरिटी कोड और कोड ऑन वेजेस. लेबर कोडों में कुछ नए कॉन्सेप्ट लाए गए हैं. इन चारों कानून पर रूल्स अभी केवल जम्मू-कश्मीर ने नोटिफाई किया है. जबकि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तराखंड ने केवल 2 लेबर कोड्स पर ही ड्राफ्ट रूल्स जारी किए हैं. वहीं, कर्नाटक ने केवल 1 लेबर कोई पर रूल्स फाइनलाइज किया है. इसके अलावा अधिकतर राज्यों ने अबी नए लेबर कोड्स पर कोई नियम नहीं बनाए हैं.

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