NGO को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बदल दिए पैसों से जुड़े नियम

NGO को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बदल दिए पैसों से जुड़े नियम
NGO को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बदल दिए पैसों से जुड़े नियम

नए नियमों के मुताबिक विदेशी रकम हासिल करने के लिए पूर्व अनुमति के संबंध में आवेदन करने वाले किसी व्यक्ति या एनजीओ का एफसीआरए खाता भी होना चाहिए. वर्ष 2016-17 और 2018-19 के बीच एफसीआरए के तहत पंजीकृत एनजीओ को 58,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का विदेशी कोष मिला. देश में करीब 22,400 एनजीओ हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 7:14 PM IST
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नई दिल्ली. विदेशी फंडिंग प्राप्त करने का इरादा रखने वाले एनजीओ अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के कड़े नियमों का सामना करेंगे जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि ऐसे संगठन कम से कम तीन वर्षों तक मौजूद रहे. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि कम से कम तीन साल मौजूदगी और 15 लाख रुपये सामाजिक गतिविधियों में खर्च करने वाले संगठन ही विदेश से रकम हासिल करने के हकदार होंगे.एक नोटिफिकेशन में गृह मंत्रालय ने गैर-सरकारी संगठनों के पदाधिकारियों से भी कहा कि विदेशी अंशदान (नियमन) अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए दानकर्ता से प्राप्त एक विशिष्ट प्रतिबद्धता पत्र प्रस्तुत करना चाहिए. इससे विदेशी योगदान की राशि का संकेत मिलता हो और इसका उद्देश्य भी बताया जाना चाहिए. आपको बता दें कि 2016-17 और 2018-19 के बीच FCRA के तहत पंजीकृत गैर-सरकारी संगठनों द्वारा 58,000 करोड़ रुपये से अधिक विदेशी धन प्राप्त किया गया. देश में अभी लगभग 22,400 NGO हैं.

गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा है कि विदेशी अंशदान (विनियमन) कानून (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण के लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को चंदा देने वालों का एक पत्र भी देना होगा, जिसमें विदेशी अंशदान की राशि और किस उद्देश्य से इसे खर्च किया जाएगा, इसका जिक्र करना होगा.

एनजीओ के पदाधिकारियों के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य-कानून में संशोधन के बाद केंद्र सरकार ने करीब दो महीने पहले एफसीआरए नियमों को जारी किया था. इसके तहत एनजीओ के पदाधिकारियों के लिए आधार नंबर देना जरूरी बनाया गया और कोष से कार्यालय में किए जाने वाले खर्च को 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया. इसके अलावा सरकारी सेवकों, विधायिका के सदस्यों और राजनीतिक दलों को विदेशी कोष हासिल करने से रोका गया है.



विदेशी फंडिंग के लिए नए नियम
(1) अधिसूचना में कहा गया, ‘‘कानून की धारा 12 की उप धारा चार के खंड (बी) के तहत जो व्यक्ति पंजीकरण कराना चाहता है उसे इन शर्तों को पूरा करना होगा. संगठन की मौजूदगी तीन साल से हो और पिछले तीन वित्तीय वर्ष के दौरान समाज के फायदे के लिए कम से कम 15 लाख रुपये खर्च किए गए हों.’’

(2) अधिनियम की धारा 12 की उपधारा (4) के खंड (बी) के तहत पंजीकरण कराने वाला व्यक्ति निम्नलिखित शर्तों को पूरा करेगा: (i) यह तीन साल के लिए अस्तित्व में रहेगा और समाज कल्याण के कार्यों की मुख्य गतिविधियों में इन वित्तीय वर्षों के दौरान कम से कम 15 लाख रूपये खर्च करना होगा. नोटिफिकेशन में इसका उल्लेख किया गया है.

(3) FCRA नियमों को केंद्र सरकार द्वारा कानून में संशोधन के बाद दो महीने के लिए जारी किया गया था. इसके तहत गैर सरकारी संगठनों के पदाधिकारियों की आधार संख्या प्रदान करना अनिवार्य कर दिया गया था. इसके अलावा कार्यालय खर्चों को 20 प्रतिशत तक लाया गया था और चुनाव उम्मीदवारों, सरकारी कर्मचारियों किसी भी विधायिका और राजनीतिक दलों के सदस्यों को विदेशी धन स्वीकार करने से प्रतिबंधित किया गया था.

(4) नियमों के मुताबिक़ किसी भी NGO या व्यक्ति के पास विदेशी धन के लिए आवेदन करने से पहले FCRA अकाउंट होना चाहिए. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है "विशिष्ट गतिविधियों या परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एक विशिष्ट दाता से विशिष्ट राशि की प्राप्ति से पहले अनुमति लेने वाला व्यक्ति कुछ मानदंडों को पूरा करेगा जिसमें दाता से एक विशिष्ट प्रतिबद्धता पत्र प्रस्तुत करना शामिल है जो विदेशी योगदान की राशि का संकेत देता है और इसे दिए जाने का उद्देश्य प्रस्तावित है."

(5) भारतीय प्राप्तकर्ता व्यक्तियों और विदेशी डोनर संगठनों के कॉमन सदस्य होने पर पूर्व अनुमति भारतीय व्यक्ति या संस्था को दी जाएगी. यह तब होगा जब अगर यह उन शर्तों को पूरा करता है कि प्राप्तकर्ता का मुख्य कार्य डोनर संगठन का हिस्सा नहीं है. प्राप्तकर्ता के 75 फीसदी ऑफिस अधिकारी या गवर्निंग बॉडी के सदस्य विदेशी डोनर के सदस्य या कर्मचारी नहीं होंगे.

(5) विदेशी दाता संगठन के सिंगल व्यक्ति होने के मामले में वह व्यक्ति प्राप्तकर्ता समूह का मुख्य अधिकारी या पदाधिकारी नहीं होगा और सिंगल विदेशी दाता के मामले में 75 फीसदी ऑफिस अधिकारी या गवर्निंग बॉडी के सदस्य डोनर के करीबी रिश्तेदार या परिवार के सदस्य नहीं होंगे.
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