NGT ने दिया आदेश, ऐसे राज्यों में नहीं बिक सकते वाटर प्यूरीफायर (RO)

RO पर लग सकता है बैन

RO पर लग सकता है बैन

आने वाले दिनों में वाटर प्यूरीफायर (RO) बैन हो सकते हैं. राष्ट्रीय हरित प्रधिकरण (NGT) इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को आदेश जारी कर चुका है. सूत्रों की मानें तो आरओ बैन होने के बाद भी अगर कोई इस्तेमाल करता है तो ऐसे मामलों में मंत्रालय कार्रवाई का प्रावधान भी कर सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 8:28 AM IST
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नई दिल्ली. आने वाले दिनों में वाटर प्यूरीफायर (RO) बैन हो सकते हैं. राष्ट्रीय हरित प्रधिकरण (NGT) इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को आदेश जारी कर चुका है. आरओ क्यों बैन होने चाहिए इसकी वजह भी एनजीटी ने साफ कर दिया. मंत्रालय भी एनजीटी के आदेश के पालन की तैयारी में लग गया है. मंत्रालय ने इस संबंध में जन परामर्श की प्रक्रिया भी शुरु कर दी है. लेकिन कोविड (Covid)-लॉकडाउन (Lockdown) के चलते इसमेंं देरी हो रही है. सूत्रों की मानें तो आरओ बैन होने के बाद भी कोई इस्तेमाल करता है ऐसे मामलों में मंत्रालय कार्रवाई का प्रावधान भी कर सकता है.

फ्रेंडस थ्रू ईट्स जनरल सेक्रेटरी बनाम जल संसाधन मंत्रालय के एक मामले पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने आदेश जारी करते हुए मंत्रालय को निर्देश दिया है कि आप ऐसे इलाकों में आरओ को बैन करने की अधिसूचना जारी कर सकते हैं, जहां के पानी में घुलने वाले ठोस टीडीएस की मात्रा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर से कम है.

लेकिन जहां यह मात्रा इससे ज़्यादा है वहां आरओ का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह आदेश जून, 2019 में दिए गए थे. इसके बाद वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जनवरी, 2020 में अपनी बेवसाइट पर इस मामले में जन परामर्श मांगा है. लेकिन जानकारों का कहना है कि कोरोना और लॉकडाउन के चलते इस मामले में देरी हो रही है.

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9 राज्यों के 8 हज़ार शहरों को मिलेगी आरओ की मंजूरी



एनजीटी द्वारा दिए गए आदेश की मानें तो उस हिसाब से देश के 9 राज़्यों के 8 हज़ार से ज़्यादा ऐसे शहर हैं जहां पानी में घुलने वाले ठोस टीडीएस की मात्रा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर से ज़्यादा है. जल शक्ति मंत्रालय के मुताबिक ऐसे राज्य और उनके शहरों की सूची जारी कर दी गई है. आंध्रा प्रदेश 13, केरल 6, मध्य प्रदेश 10, महाराष्ट्र 15, ओडिशा 28, राजस्थान 7629, तमिलनाडु 215, उत्तर प्रदेश 24 और पश्चिम बंगाल में ऐसे शहरों की संख्या 72 है.
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