आम बजट 2021: निर्मला सीतारमण के बजट की 10 खास बातें आसान भाषा में पढ़ें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश किया

Budget Announcement: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश कर दिया है. आज के बजट में बुजुर्गों के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है. इसके अलावा भी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से लेकर किफायती मकान समेत कई घोषणाएं की हैं.

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    नई दिल्ली. कोरोना काल से उबर रही अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए मोदी सरकार ने आज बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज डिजिटल कॉपी के जरिए लोकसभा में बजट भाषण पढ़ीं. वैश्विक महामारी के बीच सरकार ने आज के बजट में कई बड़े ऐलान किए हैं. हालांकि, निर्मला सीतारमण का यह बजट अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन को कितना रफ्तार दे पाता है, ये तो आने वाले समय में देखने को​ मिलेगा. बजट पेश होने के बाद इसका एनलिसिस भी शुरू हो चुका है.



    इस बीच आइए जानते हैं कि आज के बजट में वो 10 खास बातें क्या रहीं, जिनपर सभी की निगाहे हैं...
    कृषि कानून पर हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने 2021-22 के लिए कृषि बजट में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. ​नये वित्त वर्ष में इस सेक्टर के लिए बजट को 1.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है, जिसके बाद अब यह 16.5 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. चालू वित्त वर्ष में यह 15 लाख करोड़ रुपये पर था.
    सरकार ने किफायती हाउसिंग पर ब्याज सीमा छूट को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है. अफोर्डेबल हाउसिंग और रेंटल हाउसिंग को जुलाई 2019 में 1.5 लाख के ब्याज छूट की राहत दी गई थी. ऐसे में अगर आप घर खरीद रहे और मार्च 2022 तक लोन लेते हैं तो आपको इस छूट का लाभ मिल सकेगा.
    इस बार बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. लेकिन, अब 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनधारकों को इनकम टैक्स रिटर्न्स भरने की जरूरत नहीं होगी. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए फेसलेस डिस्प्युट रिजॉलुशन मैकेनिज्म को बढ़ाया जाएगा. टैक्स इन्वेस्टिगेशन रिओपन करने की अवधि को 6 साल से कम कर 3 साल किया गया है.
    सरकार ने वित्त वर्ष 2022 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य देश की जीडीपी का 9.5 फीसदी पर रखा है. साथ ही, व्यय लक्ष्य को 2 फीसदी बढ़ाकर 34.50 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की कुल देनदारी का अनुमान 12 लाख करोड़ रुपये पर है. वित्त वर्ष 2026 तक राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.5 फीसदी से कम करने का है.
    वित्त मंत्री ने भाषण में कहा कि अभी तक पेंडिंग पड़े सभी विनिवेश प्रोसेस को​ वित्त वर्ष 2022 में पूरा कर लिया जाएगा. इससे प्राप्त होने वाली रकम का लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि विनिवेश प्लान में एअर इंडिया और दो सरकारी बैंक शामिल है. वाहनों की वजह से वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नई स्क्रैपेज पॉलिसी का ऐलान किया गया है. प्राइवेट वाहनों को 20 साल के बाद फिटनेस टेस्ट कराना होगा.
    कोरोना संक्रमण के प्रबंधन और नियंत्रण के मद्देनजर ऐलान किया कि कोरोना की वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो और भी रकम आवंटित की जाएगी. इस दौरान वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि साल 2021-22 के लिए स्वास्थ्य सेक्टर को 2.38 लाख रुपये आवंटित होंगे. ऐसे में स्वास्थ्य बजट पिछले साल के मुकाबले 135 फीसदी बढ़ गया. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि पीएम आत्मनिर्भर स्व्स्थ्य भारत योजना पर 64,180 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है और इस साल मिशन पोषण 2.0 की होगी शुरुआत होगी.
    उज्ज्वला स्कीम का लाभ 1 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचा जाएगा. नये वित्त वर्ष में हाइड्रोजन एनर्जी मिशन को लॉन्च किया जाएगा. सरकार 100 नये जिलों को अगले 3 साल में सिटी गैस डिस्ट्रीब्युशन नेटवर्क से जोड़ेगी. एक स्वतंत्र गैस ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर सेटअप किया जाएगा. निर्मला सीतारमण ने बीमा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है. बीमा क्षेत्र में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दिया गया है. बता दें कि बीमा इंडस्ट्री और बीमा नियामक IRDAI विदेशी निवेश बढ़ाने के पक्ष में थी. बता दें कि भारत में बीमा सेक्टर का योगदान जीडीपी में नगण्य हैं. भारत के आधे से ज्यादा लोगों के पास हेल्थ बीमा भी नहीं है. बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिया जाएगा. सरकारी बैंक के बुक ठीक करने पर जोर दिया जाएगा. बैंकों में फंसे कर्ज के प्रबंधन के लिए सरकार एआरसी का गठन करेगी
    तमिलनाडु में 3500 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए सरकार 1.3 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी. केरल में भी 1,500 किलोमीटर के एक नेशनल हाईवे की योजना बनाई जा रही है. इसर पर 65,000 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा. अन्य इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की जा रही है. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि नेशनल इन्फ्रा पाइपलाइन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
    वित्त मंत्री ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर कहा कि इसमें भी डबल डिजिट ग्रोथ की जरूरत है. पीएलआई स्कीम के अलावा सरकार मेगा-इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल पार्क के लिए को लॉन्च करेगी. पीएम स्वास्थ्य भारत योजना पर सरकार अगले 6 साल में 64,180 करोड़ रुपये खर्च करेगी. सरकार 1,41,678 करोड़ रुपये के खर्च से अर्बन स्वच्छ भारत मिशन को लॉन्च कर रही है. अगले 5 साल में यह रकम खर्च की जाएगी.
    निर्मला सीतारमण ने बीमा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है. बीमा क्षेत्र में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दिया गया है. बता दें कि बीमा इंडस्ट्री और बीमा नियामक IRDAI विदेशी निवेश बढ़ाने के पक्ष में थी. बता दें कि भारत में बीमा सेक्टर का योगदान जीडीपी में नगण्य हैं. भारत के आधे से ज्यादा लोगों के पास हेल्थ बीमा भी नहीं है. बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिया जाएगा. सरकारी बैंक के बुक ठीक करने पर जोर दिया जाएगा. बैंकों में फंसे कर्ज के प्रबंधन के लिए सरकार एआरसी का गठन करेगी.

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