आर्थिक संकट: नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने अपने बयान पर दी सफाई

आर्थिक संकट: नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने अपने बयान पर दी सफाई
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने आर्थिक संकट पर दिए अपने बयान पर सफाई दी है.

राजीव कुमार (Rajiv Kumar) ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था (Economy) को गति देने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है और ऐसा आगे भी करती रहेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2019, 6:47 PM IST
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नीति आयोग (NITI Aayog) के उपाध्यक्ष राजीव कुमार (Rajiv Kumar) ने आर्थिक संकट पर दिए अपने बयान पर सफाई दी है. गुरुवार को उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि देश में 70 साल में अब तक नकदी का ऐसा संकट नहीं देखा गया है. सरकार के लिए यह अप्रत्याशित समस्या है. कोई भी किसी पर यकीन नहीं कर रहा है, इसलिए कोई भी मार्केट में पैसा नहीं निकाल रहा.

राजीव कुमार के इस बयान पर जब मीडिया में चर्चा शुरू हुई तो उन्होंने इस पर सफाई देते हुए ट्विटर पर लिखा, "मैं मीडिया से आग्रह करता हूं कि मेरे बयान को गलत ढंग से दिखाना बंद करें. अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है और ऐसा आगे भी करती रहेगी. किसी भी तरह से घबराने और घबराहट का माहौल पैदा करने की जरूरत नहीं है."





बता दें कि राजीव कुमार ने कहा था कि वित्त वर्ष 2018-19 में वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रही जो 5 साल का न्यूनतम स्तर है. हालांकि उन्होंने इस पूरी स्थिति के लिए यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति 2009-14 के दौरान बिना सोचे-समझे दिये गए कर्ज का नतीजा है. इससे 2014 के बाद गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि फंसे कर्ज में वृद्धि से बैंकों की नया कर्ज देने की क्षमता कम हुई है.



नोटबंदी और जीएसटी ने बदला खेल
राजीव कुमार ने कहा, "नोटबंदी और माल एवं सेवा कर तथा ऋण शोधन अक्षमता और दिवाला संहिता के कारण खेल की पूरी प्रकृति बदल गई. पहले 35 प्रतिशत नकदी घूम रही थी, यह अब बहुत कम हो गई है. इन सब कारणों से एक जटिल स्थिति बन गई है. इसका कोई आसान उत्तर नहीं है."

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