नितिन गडकरी ने कहा-अच्छी सड़कों के लिए चुकाना ही होगा टोल, यह जिंदगी भर देना होगा

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगर लोगों को बेहतर क्वालिटी की सड़क चाहिए तो उन्हें इसके लिए भुगतान करना ही होगा.

News18Hindi
Updated: July 16, 2019, 4:16 PM IST
नितिन गडकरी ने कहा-अच्छी सड़कों के लिए चुकाना ही होगा टोल, यह जिंदगी भर देना होगा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
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Updated: July 16, 2019, 4:16 PM IST
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगर लोगों को बेहतर क्वालिटी की सड़क चाहिए तो उन्हें इसके लिए भुगतान करना ही होगा. उन्होंने कहा, ''टोल सिस्टम जारी रहेगा क्योंकि सरकार के पास पर्याप्त पैसा नहीं है. टोल के पैसे का इस्तेमाल ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों की सड़कों के निर्माण में लगाया जाता है. इसलिए जिन इलाकों में टोल लिया जा सकता है, लिया जाना चाहिए. टोल जिंदगी भर बंद नहीं हो सकता. कम ज्यादा हो सकता है. टोल का जन्मदाता मैं हूं."

5 साल में हुआ 40 हजार किमी हाइवे का निर्माण- नितिन गडकरी अपने मंत्रालय के लिए अनुदान की मांग पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि पिछले 5 साल में सरकार ने 40 हजार किलोमीटर हाइवे का निर्माण किया है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में दिया ये बड़ा बयान


गडकरी ने कहा कि उन इलाकों में टोल लिया गया जहां लोगों की देने की क्षमता है. इस राशि का इस्तेमाल ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में सड़कें बनाने के लिए किया जा रहा है.

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सरकार बनाएगी ग्रीन एक्सप्रेस वे- नितिन गडकरी ने संसद को बताया है कि सड़क परिवहन मंत्रालय दिल्ली से मुंबई के बीच ग्रीन एक्सप्रेस-वे की योजना पर काम कर रहा है. इसके जरिये दिल्ली से मुंबई की दूरी 12 घंटे में तय करना संभव हो पाएगा. यह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के अति पिछड़े और आदिवासी इलाकों से होकर गुजरेगा. इससे जमीन अधिग्रहण के 16 हजार करोड़ रुपये भी बचेंगे.

नितिन गडकरी ने संसद को बताया है कि सड़क परिवहन मंत्रालय दिल्ली से मुंबई के बीच ग्रीन एक्सप्रेस-वे की योजना पर काम कर रहा है.

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>>सड़क निर्माण में जमीन अधिग्रहण को प्रमुख समस्या बताते हुए गडकरी ने कहा कि राज्य सरकारों को इसका समाधान तलाशना चाहिए. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और बिहार में अधिग्रहण की रफ्तार बहुत धीमी है.

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>> गडकरी का कहना है कि जब 2014 में उन्होंने मंत्रालय संभाला था तब 3.85 लाख करोड़ के 403 प्रोजेक्ट बंद पड़े थे.

>> मोदी सरकार ने इन पर काम शुरू कर बैंकों के 3 लाख करोड़ रुपये के एनपीए बचाए. अब 90% प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
First published: July 16, 2019, 3:39 PM IST
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