नकली बटर को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा था PMO को खत, हुआ ये एक्शन

नकली बटर को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा था PMO को खत, हुआ ये एक्शन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों ही नकली मक्खन की बिक्री को लेकर पीएमओ को पत्र लिखा था.(फाइल फोटो)

पीएमओ (PMO) के निर्देश के बाद एफएसएसएआई (FSSAI) एक्शन में आ गई है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी नकली मक्खन (Margarine Butter) और दूध (Milk) से संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए अभियान शुरू कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2020, 9:56 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने नकली मक्खन (Margarine Butter) की धड़ल्ले से बिक्री रोकने के लिए सभी राज्य सरकारों (State Government) को सख्त निर्देश जारी किए हैं. केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को अगले कुछ दिनों में नकली मक्खन की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने को कहा है. खासकर होटल और रेस्तरां में मक्खन की गुणवत्ता की जांच शुरू की जाएगी. बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने पिछले दिनों ही नकली मक्खन की बिक्री को लेकर पीएमओ (PMO) को पत्र लिखा था. गडकरी ने कहा था कि नकली मक्खन के इस्तेमाल से न केवल लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है, बल्कि पशुपालकों और किसानों को वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. पीएमओ के निर्देश के बाद ही अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सख्त और कड़े निर्दश जारी किए हैं.

बता दें कि एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा और मानक विनिमय (पैकेजिंग एवं लेबलिंग) नियम 2011 में बदलाव कर नकली मक्खन को भी डेयरी उत्पादों का हिस्सा बना दिया था, ताकि इसके इस्तेमाल पर बाकायदा लेबलिंग की जा सके. लेकिन, अब एफएसएसएआई ने इस नियम में संशोधन कर नया अधिसूचना जारी किया है. ये अधिसूचना पीएमओ के निर्देश के बाद जारी किए गए हैं.

Margarine, margarine butter, nitin gadkari, fssai, nitin gadkari on margarine, nitin gadkari on margarine butter, pm modi, Business News in Hindi, Business News in Hindi, Business Hindi News,fake butter, amul butter, identify butter, पीएमओ, PMO, एफएसएसएआई, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नकली मक्खन, दूध, Milk,pm modi, modi government, state government, नितिन गडकरी, एफएसएसएआई ने इस नियम में संशोधन कर नया अधिसूचना जारी किया है.Nitin Gadkari wrote a letter to PMO regarding margarine butter fssai take action festival season nodrss
एफएसएसएआई ने इस नियम में संशोधन कर नया अधिसूचना जारी किया है.




पीएमओ के निर्देश के बाद एफएसएसएआई एक्शन में
पीएमओ के निर्देश के बाद एफएसएसएआई भी एक्शन में आ गई है. इसको लेकर सभी राज्य सरकारों को विशेष निर्देश भी जारी किए गए हैं. राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नकली मक्खन और दूध से संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए अभियान शुरू कर दिया है. खाद्य सुरक्षा विभाग होटल, रेस्तरां, रेहड़ी पटरी वाले और खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानदारों पर दबिश दे रहे हैं.

नकली मक्खन का व्यापार रफ्तार पकड़ने लगा है
एक अनुमान के मुताबिक देश में 80 से 90 फीसदी दुकानों और होटलों में नकली मक्खन का उपयोग होता है. देश में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब फिर से नकली मक्खन का व्यापार रफ्तार पकड़ने लगा है. उच्च गुणवत्ता वाले मक्खन की कीमत नकली मक्खन के मुकाबले 8-10 गुना ज्यादा होती है. यही कारण है कि लोग सेहत की चिंता छोड़ कर नकली मक्खन का उपयोग करते हैं.

Margarine, margarine butter, nitin gadkari, fssai, nitin gadkari on margarine, nitin gadkari on margarine butter, pm modi, Business News in Hindi, Business News in Hindi, Business Hindi News,fake butter, amul butter, identify butter, पीएमओ, PMO, एफएसएसएआई, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नकली मक्खन, दूध, Milk,pm modi, modi government, state government, नितिन गडकरी, ट्रांस फैट स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.
ट्रांस फैट स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.(सांकेतिक फोटो)


ट्रांस फैट की मात्रा को तय मानक से कई गुना ज्यादा
विशेषज्ञों का मानना है कि नकली मक्खन को लंबे समय तक उपयोगी और ठोस बनाए रखने के लिए ट्रांस फैट की मात्रा को तय मानक से कई गुना ज्यादा बढ़ा दी जाती है. ट्रांस फैट स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है. इससे मोटापा तो बढ़ता ही है साथ में मधुमेह और दिल संबंधी बीमारियों का भी जन्म होता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक सिर्फ ट्रांस फैट के कारण ही हर साल 5 लाख के आस-पास लोग अपनी जान गंवा देते हैं.

ये भी पढ़ें: सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच करने वाले CBI अधिकारी भी हो सकते हैं होम क्वारंटीन, ये रही वजहें

डब्ल्यूएचओ ने खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट की मात्रा एक फीसदी निर्धारित की है, जबकि भारत में खाद्य पदार्थों में 5 फीसदी तक अधिकतम ट्रांस फैट का उपयोग किया जा सकता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) 2022 तक इसे 2 फीसदी तक सीमित करने पर काम कर रहा है. हालांकि, नकली मक्खन में इसकी मात्रा कहीं ज्यादा होती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज