बजट 2021 : 75 साल से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजंस को इनकम टैक्स में क्या मिला, एक्सपर्ट से जानिए

75 साल के ऐसे सीनियर सिटीजन्स जिन्हें सिर्फ पेंशन और ब्याज से आय होती है, वे ही रिटर्न दाखिल करने की छूट पा सकते हैं.

सीनियर सिटीजन्स को रिफंड पाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा, पूरे देश में सिर्फ 0.1 प्रतिशत को ही मिलेगा फायदा.

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नई दिल्ली. आयकर दाताओं को वित्त वर्ष 2021-22 के बजट से बड़ी निराशा हाथ लगी है. आयकर में सिर्फ 75 साल से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन्स को ही रिटर्न दाखिल करने से छूट मिली है. लेकिन यह छूट भी ऐसी है कि रिटर्न दाखिल करने वाले 6.48 करोड़ लोगों में ज्यादा से ज्यादा 50 हजार बुजुर्गों को ही फायदा मिल पाएगा. बजट में जारी टैक्स अनेक्सचर में कई शर्ताें की वजह से ऐसा हुआ है.
न्यूज 18 एक्सपर्ट पैनल में शामिल सीए विकास अग्रवाल, सीए राजेश जैन और सीए हरिगोपाल पाटीदार ने बजट के इनकम टैक्स वाले हिस्से को एनालिसिस किया है. इनके मुताबिक आयकर की दरों में कोई बदलाव नही हुआ है. लेकिन 75 साल के ऐसे सीनियर सिटीजन्स जिन्हें सिर्फ पेंशन और ब्याज से आय होती है, वे रिटर्न दाखिल करने की छूट पा सकते हैं. इसमें भी यह पेंच हैं कि जिस बैंक में यह पेंशन जमा होती है, उसी बैंक में एफडी, आरडी आदि डिपॉजिट से मिलने वाले ब्याज पर ही रिटर्न दाखिल करने की छूट मिलेगी. यदि उन्होंने दूसरी बैंक में डिपॉजिट किया है तो रिटर्न दाखिल करना होगा. यही नहीं, बैंक को इनकम टैक्स की धारा 80सी-80यू के तहत विभिन्न निवेश जैसे किसान विकास पत्र, पीपीएफ, जीवन बीमा, ईएलएसस, यूलिस आदि की जानकारी देनी होगी. जैसे नौकरी में आप अपनी कंपनी को सारी जानकारी देते हैं, कुछ उसी तरह से. अब बैंक आपके छूट योग्य कटौतियों को इनकम में से अलग बाकी बची हुई टैक्सेबल इनकम पर टीडीएस काटेगा.



[q]फिर फायदा क्या मिला? [/q]

[ans]सीनियर सिटीजन काे सिर्फ रिटर्न भरने की छूट मिली है. इसका फायदा उन्हें सिर्फ इतना होगा कि यदि पहले कभी रिटर्न भरने में चूक हो जाती थी तो 5000 रुपए की पेनॉल्टी लगती थी. अब वह नहीं देनी होगी.[/ans]



[q]75 साल से ऊपर कौनसे सीनियर सिटीजन्स इसके दायरे से बाहर हैं? [/q]
[ans]पेंशन से अलग या पेंशन के साथ ही किराए से आय, डिविडेंट, कैपिटेल गेन या बिजनेस आदि होने वाली आय वाले बुजुर्गों को पहले की तरह रिटर्न दाखिल करना होगा. यही नहीं, पेंशन वाला बैंक और डिपॉजिट वाला बैंक अलग-अलग होने पर भी रिटर्न जमा करना होगा.[/ans]



[q]कितना टैक्स देना होगा?[/q]

[ans]सीनियर सिटीजंस के लिए मौजूदा टैक्स स्लैब ही लागू होगा. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के अनुसार 60 वर्ष से उपर और 80 वर्ष की उम्र के कर दाताओं को वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटिज़न) माना जाता है. इनके लिए  विकल्प एक यानी पुरानी व्यवस्था वाला यह टैक्स स्लैब होगा.

वार्षिक आय        पुरानी टैक्स व्यवस्था
3 लाख तक             छूट
3 लाख - 5 लाख       5%
5 लाख - 10 लाख     20%
10 लाख से ज्यादा    30%[/ans]

[q]न्यू टैक्स रिजीम में शामिल होने पर क्या दरें होंगी?[/q]

[ans]पुरानी व्यवस्था वाले टैक्स स्लैब से अलग न्यू टैक्स रिजीम अपनाने पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग  से छूट नहीं है. यानी उन्हें इनकम टैक्स में दी गई 70 छूटें नहीं मिलेंगी. उनके लिए टैक्स की दरें यह होंगी.

वार्षिक आय    नई टैक्स व्यवस्था

2.5 लाख तक                 छूट
2.5 लाख - 5 लाख         5%*
5 लाख - 7.5 लाख         10%
7.5 लाख - 10 लाख       15%
10 लाख - 12.5 लाख      20%
12.5 लाख - 15 लाख      25%
15 लाख से ज्यादा           30%[/ans]



[q]क्या फार्म 15 एच भी जारी रहेगा?[/q]
[ans]सीनियर सिटीजन की आय यदि टैक्स से छूट पाने वाले दायरे में है तो वे बैंक में 15एच फार्म के जरिए डिक्लरेशन देते हैं. इससे उनकी पेंशन या ब्याज पर आय पर टीडीएस नहीं कटता है. यह अभी भी जारी रहेगा. लेकिन यदि ग्रॉस इनकम टैक्स के दायरे में आती है तो फिर आपको टीडीएस जमा करना होगा.[/ans]

न्यूज 18 के  एक्सपर्ट पैनल सदस्य

rajesh jain
सीए राजेश जैन


hari gopal
सीए हरिगोपाल पाटीदार


vikash agrwal
सीए विकास अग्रवाल

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