Nomura ने दिए अच्‍छे संकेत! लॉकडाउन से कारोबारी गतिविधियों पर असर, भारत की GDP फिर भी रहेगी बेअसर

जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी भारत की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को बरकरार रखा है.

जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी भारत की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को बरकरार रखा है.

नोमुरा (Nomura) के मुताकि, 25 अप्रैल 2021 की स्थिति के अनुसार नोमुरा इंडिया बिजनेस रिजम्‍पशन इंडेक्‍स (NIBRI) में पूरे साल के मुकाबले सबसे ज्‍यादा 8.5 प्रतिशत की सप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई और यह 75.9 रहा है. कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) से पहले के सामान्य दिनों से यह 24 फीसदी कम है.

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  • Last Updated: April 28, 2021, 4:07 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में तेजी से फैलते कोरोना वायरस (Covid-19) की रफ्तार को काबू करने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन या कर्फ्यू (Lockdown/Curfew) लागू कर दिया गया है. इससे कारोबारी गतिविधियों (Business Activities) पर असर जरूरत पड़ेगा. इस समय ही कारोबारी गतिविधियां कोविड-19 के पहले के मुकाबले एक चौथाई कम हो गई हैं. जापान की ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) ने कहा कि गतिविधियों में कमी का आर्थिक प्रभाव बहुत कम होगा. नोमुरा ने इस साल के लिए भारत के आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) अनुमान को बरकरार रखा है. साथ ही कहा कि लॉकडाउन के कारण इसके नीचे जाने का जोखिम बना रहेगा.

नोमुरा ने कहा, दूसरी लहर का असर अभी है बहुत कम

नोमुरा के मुताकि, 25 अप्रैल 2021 की स्थिति के अनुसार नोमुरा इंडिया बिजनेस रिजम्‍पशन इंडेक्‍स (NIBRI) में पूरे साल के मुकाबले सबसे ज्‍यादा 8.5 प्रतिशत की सप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई और यह 75.9 रहा है. महामारी से पहले के सामान्य दिनों से यह 24 फीसदी कम है. फर्म ने कहा कि लॉकडाउन से आवाजाही पर असर पड़ा है. इससे बिजली मांग, जीएसटी/ईवे बिल, रेल माल ढुलाई जैसे अर्थव्यवस्था के बड़े भाग पर असर पड़ रहा है. हालांकि, जापानी ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर (2nd Wave of Coronavirus) का असर अभी भी बहुत कम है.

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वृद्धि दर बरकरार रखने का नोमुरा ने बताया ये कारण

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि श्रमिक बल भागीदारी दर अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन अगर राज्य पाबंदियां बढ़ाते हैं तो गति अगले महीने कमजोर बनी रह सकती है. इससे अप्रैल-जून 2021 तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर प्रभावित हो सकती है. नोमुरा के मुताबिक, आर्थिक प्रभाव न के बराबर होने का कारण है. अन्य देशों के हालात बताते हैं कि आवाजाही प्रभावित होने और वृद्धि के बीच संबंध बहुत ज्यादा नहीं है. विनिर्माण, कृषि या घर से काम और ऑनलाइन सेवाएं जैसे अर्थव्यवस्था के हिस्से मजबूत बने रहने चाहिए. ब्रोकरेज फर्म ने इसके आधार पर 2021 के लिए भारत के वृद्धि दर के अनुमान को 11.5 फीसदी पर बरकरार रखा है.
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