500 रुपये में बिकता है यह खास आम, टूटने से पहले हो जाती है बुकिंग

अफगानिस्तानी मूल की मानी जाने वाली आम प्रजाति 'नूरजहां' के गिने-चुने पेड़ मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में ही पाए जाते हैं. मांग बढ़ने पर इसके केवल एक फल की कीमत 500 रुपये तक भी पहुंच जाती है.

पीटीआई
Updated: May 20, 2019, 6:58 PM IST
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Updated: May 20, 2019, 6:58 PM IST
अपने भारी-भरकम फलों के चलते 'आमों की मलिका' के रूप में मशहूर 'नूरजहां' की फसल पिछले साल इल्लियों के भीषण प्रकोप के चलते बर्बाद हो गयी थी लेकिन आम की इस दुर्लभ किस्म के मुरीदों के लिए अच्छी खबर है कि मौजूदा मौसम में इसके पेड़ों पर फलों की बहार आ गई है. अफगानिस्तानी मूल की मानी जाने वाली आम प्रजाति 'नूरजहां' के गिने-चुने पेड़ मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में ही पाए जाते हैं. मांग बढ़ने पर इसके केवल एक फल की कीमत 500 रुपये तक भी पहुंच जाती है. ( ये भी पढ़ें: हर आम के पीछे है एक खास कहानी, जानें आम कैसे हो गया लंगड़ा)

एक फल की कीमत 500 रुपये
नूरजहां के फलों की सीमित संख्या के कारण शौकीन लोग तब ही इनकी पहले से बुकिंग कर लेते हैं, जब ये डाल पर लटककर पक रहे होते हैं. नूरजहां के फल तकरीबन एक फुट तक लंबे हो सकते हैं. इनकी गुठली का वजन ही 150 से 200 ग्राम के बीच होता है. नूरजहां के फलों की सीमित संख्या के कारण शौकीन लोग तब ही इनकी पहले से ही बुकिंग कर लेते हैं, जब ये डाल पर लटककर पक रहे होते हैं. मांग बढ़ने पर इसके केवल एक फल की कीमत 500 रुपये तक भी पहुंच जाती है.

आम का वजन 3 किलो

नूरजहां के पेड़ों पर जनवरी से बौर आने शुरू हुए थे और इसके फल जून के आखिर तक पककर तैयार होंगे. इस बार इसके एक फल का औसत वजन 2.5 किलोग्राम के आस-पास रहने का अनुमान है. बहरहाल, यह बात चौंकाने वाली है कि किसी जमाने में नूरजहां के फल का औसत वजन 3.5 से 3.75 किलोग्राम के बीच होता था. जानकारों के मुताबिक पिछले एक दशक के दौरान मानसूनी बारिश में देरी, अल्पवर्षा, अतिवर्षा और आबो-हवा के अन्य उतार-चढ़ावों के कारण नूरजहां के फलों का वजन लगातार घटता जा रहा है.

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जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण आम की इस दुर्लभ किस्म के वजूद पर संकट भी मंडरा रहा है. आम की यह प्रजाति मौसमी उतार-चढ़ावों के प्रति बेहद संवेदनशील है. इसकी देख-रेख उसी तरह करनी होती है, जिस तरह हम किसी छोटे बच्चे को पाल-पोस कर बड़ा करते हैं. इस वर्ष मौसम की मेहरबानी और उचित देखभाल से नूरजहां के पेड़ भारी भरकम फलों से लदे हुए हैं और लोग इसका जीभर के मजा ले सकेंगे.
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