20 लाख किसानों और कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ेगा NotOnMart, आमदनी में ऐसे होगा तेजी से इजाफा

20 लाख किसानों और कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ेगा NotOnMart, आमदनी में ऐसे होगा तेजी से इजाफा
डिजिटल प्‍लेटफॉर्म NotOnMart देश के लाखों किसानों और कारीगरों को सीधे उपभोक्‍ताओं से जोड़ेगा. इससे उनकी आमदनी में सीधा इजाफा होगा.

नॉट ऑन मैप (NotOnMap) और स्‍टेफ्लेक्‍सी (StayFlexi) ने मिलकर डिजिटल प्‍लेटफॉर्म नॉट ऑन मार्ट (NotOnMart) लॉन्‍च कर दिया है. इससे किसानों (Farmers) और कारीगरों (Artisans) को बिचौलियों से निजात मिलेगी. उपभोक्‍ता सीधे उनसे संपर्क कर सौदा तय करेंगे और उन्‍हें अपने प्रोडक्‍ट की पूरी कीमत सीधे मिलेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 6, 2020, 6:32 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के कारण हर सेक्‍टर में टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल लगातार बढ़ रहा है. ऑनलाइन एजुकेशन, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन मार्केट तेजी से फैल रहे हैं. ऐसे में नॉट ऑन मैप (NotOnMap) और कैलिफोर्निया की हॉस्पिटैलिटी फर्म स्‍टेफ्लेक्‍सी (StayFlexi) ने डिजिटल प्‍लेफॉर्म नॉट ऑन मार्ट (NotOnMart) लॉन्‍च किया है. इस डिजिटल प्‍लेटफार्म के जरिये देश के 20 लाख किसानों (Farmers) और कारीगरों (Artisans) को उपभोक्‍ताओं (Consumers) से सीधे जोड़ा जाएगा.

उपभोक्‍ताओं को सही कीमत पर मिल सकेंगे मनपसंद प्रोडक्‍ट्स
नॉट ऑन मार्ट के जरिये किसानों और कामगारों की आमदनी बढ़ेगी. वहीं, उपभोक्‍ताओं को उचित मूल्‍य पर अच्‍छी गुणवत्‍ता के प्रोडक्‍ट्स सीधे उपलब्‍ध होंगे. नॉट ऑन मार्ट 2022 की पहली तिमाही तक इस लक्ष्‍य को हासिल करने की योजना पर काम कर रहा है. बता दें कि नॉट ऑन मैप की शुरुआत 2014 में हुई थी. ये कंपनी पर्यटकों को ऑफबीट लोकेशन पर ले जाती है. वहां, स्‍थानीय ग्रामीणों के घरों में इनके ठहरने की व्‍यवस्‍था की जाती है. इससे पर्यटकों और होस्‍ट फैमिली के बीच सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान (Cultural Exchange) होता है.

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छोटे व्‍यवसायों के बीच को-ऑर्डिनेशन को बढ़ावा देगा ये प्‍लेटफॉर्म


डिजिटल प्‍लेटफॉर्म नॉट ऑन मैप हिमाचल प्रदेश (HP), लद्दाख (Lasakh), राजस्‍थान (Rajasthan), केरल (Keral), गोवा (Goa), असम (Assam), पश्चिम बंगाल (WB), कर्नाटक और महाराष्‍ट्र में 80 जगहों पर सेवाएं उपलब्‍ध कराता है. नॉट ऑन मैप के संस्‍थापक व निदेशक कुमार अनुभव ने कहा कि NotOnMart छोटे पैमाने पर समुदाय के नेतृत्व वाली पहल है. इसका उद्देश्य बहुत छोटे आकार के व्यवसायों (Micro-sized Businesses) के बीच समन्वय को बढ़ावा देना है.

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बिचौलियों और वितरकों के जाल से निजात दिलाएगा नॉट ऑन मार्ट
कुमार अनुभव ने कहा कि हमारा पूरा जोर देश के अंदरूनी ग्रामीण इलाकों में ऐसे किसानों और कारीगरों की पहचान करने पर होगा, जिन्‍हें शहरी बाजारों में पहुंचकर उपभोक्‍ताओं तक अपने उत्‍पाद उपलब्‍ध कराने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण इलाके के लोग बिचौलियों और वितरकों पर निर्भर रहते हैं. हमारा उद्देश्‍य उन्‍हें बिचौलियों के जाल से निजात दिलाकर सप्‍लाई चेन सिस्‍टम को छोटा कर सीधे ग्राहक से जोड़ना है. इस समय नॉट ऑन मार्ट से 4,000 लोग जुड़े हुए हैं. हमें उम्‍मीद है कि 2022 की पहली तिमाही तक इससे 20 लाख किसान और कारीगर जुड़ जाएंगे.

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किसानों और कारीगरों को प्रोडक्‍ट की 100 फीसदी कीमत मिलेगी
नॉट ऑन मार्ट ने हिमाचल, उत्‍तराखंड, राजस्‍थान और केरल समेत देश के 11 राज्‍यों को प्‍लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्‍य रखा है. इस समय मौजूद तमाम ई-कॉमर्स प्‍लेटफॉर्म से अलग नॉट ऑन माट्र उपभोक्‍ताओं को ये जानकारी उपलब्‍ध कराएगा कि किसी उत्‍पाद को बनाने वाले किसान या कारीगर से सीधे संपर्क कैसे किया जाए. इससे उपभोक्‍ता सीधे किसान या कारीगर से बात कर लेनदेन कर सकेंगे. इसमें उपभोक्‍ताओं को किसान या कारीगर की कॉन्‍टैक्‍ट डिटेल्‍स उपलब्‍ध कराई जाएंगी. इससे उन्‍हें अपने उत्‍पाद की 100 फीसदी कीमत मिल सकेगी. पैकेजिंग, डिलिवरी या दूसरे मामलों में जरूरत पड़ने पर नॉट ऑन मार्ट की टीम मदद करेगी.
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