सरकार का बड़ा फैसला! अब कोई भी किसी भी देश में लगा सकता है ये गैस स्टेशन, लाखों की कमाई करने का मौका

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पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने कहा है कि कोई भी व्‍यक्ति या कंपनी देश में कहीं भी लिक्विफाइड नेचुरल गैस स्टेशन (LNG Station) खोल सकता है. इससे देश में ट्रक्‍स के लिए वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा मिलेगा और डीजल पर निर्भरता घटेगी.

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    नई दिल्‍ली. पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने किसी भी व्‍यक्ति या कंपनी को देश के किसी भी हिस्‍से में लिक्विफाइड नेचुरल गैस स्टेशन (LNG Station) खोलने की मंजूरी दे दी है. बोर्ड के इस फैसले से ट्रकों जैसे भारी वाहनों में वैकल्पिक ईंधन के इस्‍तेमाल को प्रोत्‍साहन मिलेगा. साथ ही पेट्रोलियम ईंधन (Petroleum Fuel) पर निर्भरता भी कम होगी. बोर्ड की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, एलएनजी स्‍टेशन शुरू करने के लिए सिटी गैस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. बोर्ड के इस कदम को देश के ट्रांसपोर्ट को प्राकृतिक गैस की दिशा में ले जाने के लिए अहम कदम बताया जा रहा है.

    एलएनजी स्टेशन लगाने को लेकर भ्रम की स्थिति दूर हो गई
    नोटिस में कहा गया है कि पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड एक्ट सिर्फ अधिकृत कंपनी को ही एलएनजी स्टेशन शुरू करने की मंजूरी देने का कोई प्रावधान नहीं है. पीएनजीआरबी ने कहा है कि एक्ट के मुताबिक कोई भी व्‍यक्ति या कंपनी किसी भी जगह एलएनजी स्टेशन शुरू कर सकती है. इसके लिए उस एंटिटी का संबंधित एरिया के लिए अधिकृत होना अनिवार्य नहीं है. हालांकि, एंटिटी को अधिनियम के अन्य प्रावधानों को पूरा करना होगा. बोर्ड के इस फैसले से देश में एलएनजी स्टेशन लगाने को लेकर अब तक बनी रही भ्रम की स्थिति दूर हो गई है. इससे निजी कंपनियों को एलएनजी स्टेशन लगाने में आसानी होगी.

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    एलएनजी को भरने में सीएनजी के मुकाबले काफी लगता है कम समय 
    बोर्ड की ओर से ये घोषणा सरकार के ये कहने के बाद की गई है कि स्‍वर्ण चतुर्भुज एक्‍सप्रेस-वे पर एलएनजी स्‍टेशन लगाने में मदद की जाएगी. ये एक्‍सप्रेस-वे देश के बड़े शहरों से होकर गुजरती है. बता दें कि एलएनजी को भरने में सीएनजी के मुकाबले काफी कम समय लगता है. ये काफी अच्‍छा माइलेज भी देती है. एक अनुमान के मुताबिक, एक बार ट्रक में इसे भराने के बाद 900 किमी तक की यात्रा की जा सकती है. ऐसे में भारी वाहनों कि लिए एलएनजी डीजल के मुकाबले काफी सस्‍ती भी पड़ती है. हालांकि, सीएनजी के उलट एलएनजी को स्‍टोर करने के लिए क्रायोजेनिक स्‍टोरेज टैंक की जरूरत होती है.

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    इन राज्यों में लगेंगे सबसे ज्यादा स्टेशन
    क्रायोजेनिक स्‍टोरेज टैंक्‍स के कारण खर्च के लिहाज से एलएनजी कार जैसे हल्‍के वाहनों के मुकाबले भारी वाहनों के लिए ही ठीक मानी जाती है. देश की सबसे बड़ी एलएनजी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी (Petronet LNG) ने बोर्ड के इस फैसले को देश के हित में उठाया गया बड़ा कदम करार दिया है. मॉर्गन स्‍टैनली ने कहा है कि फ्यूल स्‍टेशल लगाने की छूट मिलने से देश में एलएनजी ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम को बढ़ावा मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे ज्‍यादा एलएनजी स्‍टेशन गुजरात, केरल, महाराष्‍ट्र औरर तमिलनाडु में लगाए जा सकते हैं क्‍योंकि इन राज्‍यों में एलएनजी इंपोर्ट फैसिलिटीज हैं.

    LNG सबसे शुद्ध प्राकृतिक गैस 
    एलएनजी को जहाजों के जरिये उन देशों को भेजा जाता है, जहां पाइपलाइन नहीं है. प्राकृतिक गैस को 160 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके तरल अवस्था में लाया जा सकता है, जिससे यह गैसीय मात्रा के मुकाबले 600वें हिस्से में रखी जा सकती है यानी इसको स्‍टोर करना काफी आसान होता है. प्राकृतिक गैस से एलएनजी बनाने की प्रक्रिया के दौरान बहुत सी अशुद्धियां निकाल दी जाती हैं. इसलिए एलएनजी को प्राकृतिक गैस का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है, जो पर्यावरण को सबसे कम नुकसान पहुंचाती है.

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