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Independence Day: चीनी खिलौनों से आजादी, अब बच्‍चों को भी पसंद आ रहे भारत में बने खिलौने

Independence Day: चीनी खिलौनों से आजादी, अब बच्‍चों को भी पसंद आ रहे भारत में बने खिलौने

केंद्र सरकार खिलौना उत्‍पादन में भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है.

केंद्र सरकार खिलौना उत्‍पादन में भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है.

भारत ने जहां 2018-19 में 2601.32 करोड़ रुपये के खिलौने आयात (Toys Import) किए थे, वहीं 2021- 22 में खिलौनों का आयात गिरकर 817.57 करोड़ रुपये रह गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार खिलौना उत्‍पादन में भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है.

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हाइलाइट्स

भारत ने 2018-19 में 2601.32 करोड़ रुपये के खिलौने आयात किए गए.
वित्‍त वर्ष 2021-22 में खिलौना आयात और गिरा तथा यह महज 817.57 करोड़ रुपये रह गया.
2018-19 में भारत ने खिलौनों का जितना आयात किया था, उसमें से 78 फीसदी आयात चीन से हुआ था.

नई दिल्‍ली. लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देश के आगे आज 5 प्रण और स्‍वदेशी का मंत्र भी दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ना होगा. प्रधानमंत्री ने भारतीय बच्‍चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज हमारे 5-5 साल के बच्चे भी यह संकल्प ले रहे हैं कि विदेशी खिलौनों से नहीं खेलेंगे. प्रधानमंत्री की यह बात खिलौना आयात (Toys Import) के आंकड़ों में आई भारी गिरावट से साबित भी होती है.

भारत ने जहां 2018-19 में 2601.32 करोड़ रुपये के खिलौने आयात किए थे, वहीं 2021- 22 में खिलौनों का आयात गिरकर 817.57 करोड़ रुपये रह गया. भारत सबसे ज्‍यादा खिलौना आयात चीन से ही करता है. 2018-19 में जहां भारत ने 2024.75 करोड़ के खिलौने आयात किए थे, 2021-22 में भारत ने चीन से महज 443.20 करोड़ के ही खिलौने निर्यात किए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार खिलौना उत्‍पादन में भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है.

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गिर रहा है खिलौना आयात
मेक इन इंडिया मुहिम का असर खिलौना बाजार में साफ नजर आ रहा है. भारतीय बाजार में स्‍वदेशी खिलौनों की हिस्‍सेदारी लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि भारत का खिलौना आयात लगातार कम होता जा रहा है.

वाणिज्‍य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने 2018-19 में 2601.32 करोड़ रुपये का खिलौना आयात किया था. 2019-20 में 2431.13 करोड़ के खिलौने भारत ने विदशों से मंगवाए. वहीं, 2020-21 में इसमें भारी गिरावट आई और खिलौना आयात 1317.28 करोड़ रुपये रह गया. वित्‍त वर्ष 2021-22 में खिलौना आयात और गिरा तथा यह महज 817.57 करोड़ रुपये रह गया.

लगातार बढ़ रहा है निर्यात
भारत खिलौनों का अब एक प्रमुख निर्यातक भी बन रहा है. भारत ने 2018-19 में 1425.15 करोड़ रुपये के खिलौनों का निर्यात किया. 2019-20 में 1688.21 करोड़ रुपये के खिलौने भारत ने निर्यात किया. 2020-21 में 1768.50 करोड़ के खिलौने दूसरे देशों को भेजे. वहीं 2021-22 में भारत से 1754 करोड़ रुपये के खिलौनों का निर्यात हुए.

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चीनी आयात को भारी चोट  
2018-19 में भारत ने खिलौनों का जितना आयात किया था, उसमें से 78 फीसदी आयात चीन से हुआ था. वहीं, 2021-22 में भारत के खिलौना आयात में चीन की हिस्सेदारी घटकर 54 फीसदी पर आ गई. 2018-19 में 2024.75 करोड़ रुपये के चीनी खिलौने भारत में आए. 2019-20 में 1856.88 करोड़ रुपये के चीनी खिलौने भारत ने आयात किए. वित्‍त वर्ष 2020-21 में 980.23 करोड़ के चीनी खिलौने आयात किए. वहीं वित्‍त वर्ष 2021-22 में भारत ने केवल 443.20 करोड़ रुपये के ही चीनी खिलौने मंगाए.

23 लाख करोड़ रुपये का है वैश्विक खिलौना बाजार
2021 में दुनियाभर में खिलौना बाजार 23 लाख करोड़ रुपये का रहा था. वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी 11,600 करोड़ रुपये की है. इसका अर्थ यह हुआ कि दुनिया के खिलौना बाजार में भारत की हिस्‍सा महज 0.5 फीसदी है. एक अनुमान के अनुसार, भारत फिलहाल भारत की खिलौना इंडस्‍ट्री 1.5 अरब डॉलर की है. इसके 2024 तक बढ़कर 2 से 3 अरब डॉलर तक होने की उम्‍मीद है. investindia.gov.in के अनुसार, आने वाले सालों में भारत की खिलौनों की घरेलू मांग 10 से 15% की दर से बढ़ेगी, जबकि दुनिया में ये मांग 5% की दर से बढ़ेगी.

Tags: 75th Independence Day, Business news in hindi, Export of Toys, Make in india

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