सोने की ज्वैलरी खरीदने का है प्लान तो जान लें सरकार का नया नियम, नहीं खाएंगे धोखा!

सरकार ने सोने की ज्वैलरी को लेकर नया कानून बना दिया है. इसके बाद अब ज्वैलर्स आम आदमी को धोखा नहीं दे पाएंगे.


Updated: May 18, 2018, 9:23 AM IST
सोने की ज्वैलरी खरीदने का है प्लान तो जान लें सरकार का नया नियम, नहीं खाएंगे धोखा!
सरकार ने सोने की ज्वैलरी को लेकर नया कानून बना दिया है. इसके बाद अब ज्वैलर्स आम आदमी को धोखा नहीं दे पाएंगे.

Updated: May 18, 2018, 9:23 AM IST
अब सोने की शुद्धता की परख आसान होगी. हॉलमार्किंग अनिवार्य करने के लिए कंज्यूमर अफेयर मंत्रालय के प्रस्ताव को कानून मंत्रालय ने हरी झंडी दिखा दी है. अब 22, 18 और 14 कैरेट की ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी. हॉलमार्किंग के नए नियमों के मुताबिक ज्वेलर्स को हॉलमार्किंग सेंटर से बीआईएस का लाइसेंस लेना होगा. फिलहाल देशभर में 566 हॉलमार्किंग सेंटर है. सरकार इसे चरणों में लागू करेगी. राजधानियों में लागू करने के लिए ज्वैलर्स को 6 महीने का वक्त मिलेगा और छोटे शहरों में लागू करने के लिए 1 साल से ज्यादा का वक्त मिलेगा.

क्या होती है हॉलमार्किंग
हॉलमार्किंग से ज्वैलरी में सोने कितना लगा है और अन्य मेटल कितने है इसके अनुपात का सटीक निर्धारण एवं आधिकारिक रिकार्ड होता है.

क्या है ज्वैलर्स एसोसिएशन की डिमांड

ज्वैलर्स एसोसिएशन का कहना है कि देश के गांवों और छोटे शहरों में करीब 6 लाख छोटे ज्वैलर्स हैं जो गहने बनाने और बेचने का काम करते हैं. लेकिन गहनों की शुद्धता की जांच के लिए देश में सिर्फ 500 हॉलमार्किंग सेंटर ही हैं. ऐसे में इनके गहनों की जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा. जिससे छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी.

इन 10 देशों के पास है सबसे ज्यादा सोना



शुद्ध सोने की पहचान कैसे करें
> आईएसआई मार्क की तरह सोने पर हॉलमार्क का निशान होता है जो कि ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड द्वारा दिया जाता है.
> आभूषण सुनार द्वारा हॉलमार्क नहीं किया जाता है बल्कि एक खास किस्म की लैबोरेटरी में इसकी हॉलमार्किंग की जाती है.
> ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) से लाइसेंस प्राप्त सुनार/जौहरी ही शुद्ध हॉलमार्क लगा हुआ सोना दे सकते हैं.
> हॉलमार्किंग से आभूषण का दाम बढ़ता नहीं है क्योंकि हॉलमार्क लगाने में सिर्फ 25 रूपये लगते हैं.
> जिस पर हॉलमार्क लगा हुआ होता है, इसका मतलब ये नहीं होता कि वो 22 कैरेट सोना है. हॉलमार्क आभूषण कई सारे कैरेट में मौजूद हैं.
> ये भी ध्यान रखिए कि किसी भी आभूषण की तुरंत हॉलमार्किंग नहीं की जाती हैं. ऐसे जौहरियों से सावधान रहें जो ये कहते हैं कि अभी हॉलमार्क लगा के दे देते हैं.
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