केंद्र सरकार ने हटाई पाबंदी! अब मास्‍क और पीपीई किट बनाने में इस्‍तेमाल होने वाले खास फैब्रिक का भी होगा निर्यात

केंद्र सरकार ने हटाई पाबंदी! अब मास्‍क और पीपीई किट बनाने में इस्‍तेमाल होने वाले खास फैब्रिक का भी होगा निर्यात
केंद्र सरकार ने पीपीई किट्स और फेस मास्‍क बनाने में इस्‍तेमाल होने वाले खास कपड़े के निर्यात पर लगाई गई पाबंदी हटा दी है.

भारत के पास मार्च 2020 में कोविड-19 से बचाव में सबसे अहम हथियार माने जाने वाले मास्‍क (Face Mask) और पीपीई किट्स (PPE Kits) पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्‍ध नहीं थीं. इसको देखते हुए इन्‍‍हें बनाने में इस्‍तेमाल होने वाले खास फैब्रिक (Non-Woven Fabrics) के एक्सपोर्ट पर पाबंदी (Export Ban) लगाई गई थी. अब इसे हटा दिया गया है.

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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने देश में फेस मास्क (Face Mask) और निजी सुरक्षा किट (PPE Kit) की पर्याप्‍त उपलब्‍धता को देखते हुए अहम फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने पीपीई किट और मास्‍क बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले खास किस्म के नॉन-वोवेन फैब्रिक (Non-Woven Fabrics) के निर्यात से पाबंदी हटा दी है. उद्योग मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर इस फैसले की जानकारी दी है. बता दें कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में पीपीई किट्स और मास्‍क को अहम हथियार माना गया. मार्च में भारत के पास पर्याप्‍त मात्रा में मास्‍क और पीपीई किट्स उपलब्‍ध नहीं थीं. इसको देखते हुए इन्‍‍हें बनाने में इस्‍तेमाल होने वाले खास फैब्रिक के एक्सपोर्ट पर पाबंदी (Export Restrictions) लगाई गई थी.

25-70 GSM non woven fabrics पर पाबंदी जारी
केंद्र सरकार (Central Government) ने देश में दिनरात पीपीई किट्स और मास्‍क का उत्‍पादन शुरू करवा दिया था. अब देश में जरूरत के मुताबिक पर्याप्‍त मास्‍क और पीपीई किट्स उपलब्‍ध हैं. ऐसे में सरकार ने इन्‍हें बनाने में इस्‍तेमाल होने वाले खास कपड़े के निर्यात से पाबंदी हटा दी है. हालांकि, 25-70 GSM non woven fabrics के एक्सपोर्ट पर पाबंदी अब भी जारी रहेगी. बता दें कि मई मध्‍य में सीमाशुल्क अधिकारियों ने दिल्‍ली एयरपोर्ट के मालवहन टर्मिनल पर सैनिटाइजर, पीपीई किट्स, मास्क और इसके कच्चे माल की बड़ी खेप जब्त की थी. इन्हें अवैध तरीके से विदेश भेजा जा रहा था.

मई में दिल्‍ली एयरपोर्ट पर पकड़ा मास्‍क का कच्‍चा माल
सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया था कि इन उत्पादों को परिधान, बच्चों के कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री और पाउच की पैकिंग सामग्री के रूप में दिखाया गया था ताकि इन्हें विभाग की नजरों द किसी तरह के संदेह से बचाया जा सके. अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए सामान में 2,480 किग्रा कच्चा माल मास्क बनाने का था. इसके अलावा 5.08 लाख मास्क, 950 बोतलों में 57 लीटर सैनिटाइजर, 952 पीपीई किट भी जब्त की गई थीं. बता दें कि सरकार ने मास्‍क के निर्यात से पाबंदी आंशिक तौर पर हटा दी है.



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क्‍यों खास होते हैं पीपीई किट्स और मास्‍क के फैब्रिक 
पीपीई किट्स में इस्‍तेमाल होने वाला कपड़ा खास तरह का उन्नत सुरक्षात्मक फैब्रिक होता है. इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से कड़ी तकनीकी आवश्यकताओं के पालन करने का निर्देश दिया गया था. इस कपड़े में फ्लूयड पार नहीं होता पाता है. वहीं, उसके फटने की आशंका भी काफी कम रहती है. दरअसल, किसी के छींकने या खांसने या रक्‍त के कपड़े पर लगने पर अगर फ्लूयड अंदर चला जाता है तो वो पहनने वाले व्‍यक्ति को कोरोना संक्रमित कर सकता है. इसलिए पीपीई किट्स और मास्‍क बनाने वाले फैब्रिक को खास तरह से बनाया जाता है.
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