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अब Google Pay, Paytm और PhonePe जैसे UPI पेमेंट पर नहीं लगेगी ये फीस

News18Hindi
Updated: February 21, 2020, 8:29 PM IST
अब Google Pay, Paytm और PhonePe जैसे UPI पेमेंट पर नहीं लगेगी ये फीस
यूपीआई ट्रांजैक्शन फीस वापस लिया गया

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि यूपीआई इंटरचेंज और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर फीस को हटा लिया गया है.

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  • Last Updated: February 21, 2020, 8:29 PM IST
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नई दिल्ली. नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने शुक्रवार को एक सर्कुलर जारी कर बताया कि UPI इंटरचेंज और पेमेंट सर्विस प्रोवइडर फीस (Payment Service Provider Fees) को हटा लिया गया है. इसे घरेलू UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन (P2M) के लिए किया गया है, लो कि 1 जनवरी 2020 से लागू होगा. फीस में इस छूट को 30 अप्रैल 2020 तक अंतरिम अवधि के लिए किया गया है. इस बारे में भी सर्कुलर में ही जानकारी दी गई है.

MDR वापस लेने के बाद लिया गया यह फैसला
इस सर्कुलर में दी गई जानकारी के अनुसार, मैंडेट्स, EMI और ओवरड्रॉफ्ट अकाउंट और बिजनेस-टू-बिजनेस कलेक्शन व पेमेंट्स पर यह लागू नहीं होगा. इस तरह के ट्रांजैक्शन पर इस फीस को मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को पूरी तरह से वापस लेने के बाद लिया गया है.

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कंपननियों की रेवेन्यू पर पड़ सकता है असर
बैंक अब रुपे डेबिट कार्ड (RuPay Debit Card) और UPI ट्रांजैक्शन पर बैंक MDR नहीं चार्ज कर रहे हैं. इसके बाद से ही कयास लगाया जा रहा था कि अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए भी इस तरह के पेमेंट पर फीस देने से राहत मिल जाती है. हालांकि, NPIC के इस कदम के बाद फोन पे, गूगल पे, अमेजन पे जैसी डिजिटल पेमेंट कंपनियों की रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है. इन कंपनियों ने UPI इकोसिस्टम की पहुंच को बड़े मार्केट तक ले जाने के लिए बहुत खर्च किया है.

मुश्किल होगा UPI पेमेंट मुहैया कराने वाली कंपनियों को कमाई करना
चूंकि, सभी तरह के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन से UPI इंटरचेंज फीस को पूरी तरह से हटाना का यह नियम 1 जनवरी 2020 से लागू किया गया है, ऐसे में अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि अभी तक कलेक्ट किए गए फीस को रिकवर किया जाएगा या नहीं. इस कदम के बाद गूगल पे, फोन पे और अमेजन पे जैसे थर्ड पार्टी कंपनियों के लिए कमाई करना मुश्किल हो सकता है.

हर घरेलू मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर इन कंपनियों को करीब 0.30 पैसे से लेकर 0.35 पैसे तक की कमाई होती थी. यह भी देखना होगा कि भविष्य में इन कंपनियों के लिए रेवेन्यू जुटाने के क्या रास्ते होंगे ताकि मार्केट में इनकी पकड़ बनी रहे.

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First published: February 21, 2020, 7:33 PM IST
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